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  • Roadways And Private Buses Will Run From Tomorrow, Only Half The Passengers Will Be Able To Sit, Challans Will Be Deducted If The Passengers Do Not Have Masks, Online Booking Starts In Roadways

राजस्थान में अनलॉक-2 में आज से बड़ी राहत:रोडवेज और प्राइवेट बसें चलेंगी, आधे यात्री ही बिठा सकेंगे; यात्रियों के मास्क नहीं होने पर चालान कटेंगे, रोडवेज में ऑनलाइन बुकिंग शुरू

जयपुरएक महीने पहले
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राजस्थान में अनलॉक-2 की गाइडलाइन मंगलवार से लागू हो गई थी। अनलॉक-2 की नई गाइडलाइन के तहत अब 10 जून से रोडवेज बसों और निजी बसें चलनी शुरू होंगी। खास बात ये है कि फिलहाल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रोडवेज बसों का संचालन शुरू होगा। अभी 1,600 बसों को ही सड़कों पर उतारा जाएगा। शहरों में सिटी बसों का संचालन बंद रहेगा। निजी बसों को भी तय रूट पर चलाया जाएगा। कोरोना के कारण लॉकडाउन में रोजाना रोडवेज को 3.75 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

संचालन शुरू होने पर बैठेंगे आधे यात्री

अनलॉक-2 में बसों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसलिए निर्धारित क्षमता से आधे यात्री ही बैठाए जा सकेंगे। खड़े होकर किसी को यात्रा की अनुमति नहीं रहेगी। बसों को डिपो से निकालने से पहले सोडियम हाइपोक्लोराइड से पूरी तरह से सैनेटाइज किया जाएगा। साथ ही बसों में यात्रियों को मास्क का प्रयोग करना होगा। ड्राइवर और कंडक्टर भी मास्क लगा कर रखेंगे। बसों में यात्रियों के मास्क नहीं होने पर चालान की कार्रवाई की जा सकेगी।

रोडवेज बसों के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू

राजस्थान परिवहन निगम की बसों के 10 मई से सख्त लॉकडाउन के बाद से पहिए थम चुके थे। 8 जून के बाद अनलॉक-2 की नई गाइडलाइन में 10 जून से बसों के संचालन की अनुमति दी है। रोडवेज बसों के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। भीड़-भाड़ से बचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं। बसों के संचालन को लेकर मंगलवार को रोडवेज सीएमडी राजेश्वर सिंह ने चीफ मैनेजर्स के साथ बैठक की। उन्होंने गुरुवार से प्रथम चरण में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 1600 बसों के साथ संचालन शुरू करने की बात कहीं। शुरुआत में बड़े रूट के हिसाब से डिपो चीफ मैनेजर रूट तय करेंगे।

12 लाख किलोमीटर रोजाना दौड़ रही थी रोडवेज बसें

राजस्थान रोडवेज की बसें रोजाना 12 लाख किलोमीटर दौड़ रही थी। राजस्थान के अलावा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा व उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में रोडवेज बसों की सेवाएं चल रही थी, हालांकि 1 मई से ही कई राज्यों में बसों को भेजना बंद कर दिया गया था। 10 मई से संपूर्ण लॉकडाउन होने पर बसों को डिपो में खड़ी करवा दिया गया था। रोडवेज बसों के बंद होने से विभाग को रोजाना 3.75 करोड़ से लेकर करीब 4 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में अब रोडवेज कर्मचारियों के वेतन का भी सरकार पर अतिरिक्त भार पड़ गया है।

राजस्थान रोडवेज के बेड़े में 3870 बसें

राजस्थान रोडवेज के बेड़े में फिलहाल कुल 3870 बसें हैं। इनमें राजस्थान रोडवेज ने अनुबंध पर भी बसों को ले रखा है। जयपुर की बात करें तो यहां पर भी करीब 400 बसें है। इन बसों को सख्त लॉकडाउन लगने के बाद से विद्याधरनगर, जयपुर, वैशालीनगर और डीलक्स डिपों में खड़ी करवा दिया गया है। लॉकडाउन लगने के बाद से रोजाना का कलेक्शन बंद हो गया है।

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