CM नहीं बनने पर सचिन का छलका दर्द:बोले- किस्मत में जो लिखा है कोई छीन नहीं सकता, जो नहीं है कोई दे नहीं सकता

जयपुर10 महीने पहले

खुद के सीएम नहीं बनने के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि चेहरे सभी के सामने होंगे। भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, किसी को नहीं पता। मेरा ऐसा मानना है कि किस्मत में जो लिखा है उसे कोई छीन नहीं सकता और जो नहीं लिखा है उसे कोई दे नहीं सकता। अपना काम करते रहो जो होगा सो होगा। पब्लिक से वादे किए हैं वे पूरे करें, ताकि दोबारा जनता के बीच जाएं तो सीना चौड़ा करके जाएं। सचिन पायलट एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि मेरे दम पर ही चुनाव जीतते हैं
उपचुनाव में कांग्रेस के जीतने से सीएम गहलोत के मजबूत होने के सवाल पर पायलट ने तंज कसते हुए कहा- चुनाव पार्टी लड़ती है, केवल मैं तो अकेला लड़ता नहीं, या सिर्फ सीएम ही नहीं लड़ते हैं। पूरा संगठन और पूरे कार्यकर्ता-नेता लड़ते हैं। आप देखिए, अब तक जितने उप चुनाव हुए हैं उनमें अधिकांश में कांग्रेस जीती है, क्योंकि सबने मिलकर चुनाव लड़ा है। कोई भी एक व्यक्ति कितना ही बड़ा नेता हो, यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि मेरे दम पर ही चुनाव जीतते हैं। मिलकर लड़ते हैं तो पब्लिक में मैसेज जाता है और तब लोग हमें वोट देते हैं। कब क्या होगा मैं नहीं कह सकता लेकिन हम सही दिशा में निकले हुए हैं, सही निर्णय लिए जा रहे हैं।

हम दोबारा सरकार में क्यों नहीं आते, इस पर आत्म चिंतन करना होगा

पायलट ने कहा- पिछले छह चुनाव में हमेशा हम सरकार में रहते हैं और फिर बुरी तरह हार जाते हैं। हमें आत्म चिंतन करना पड़ेगा। पहले हम 150 सीट जीतकर 50 पर रह गए, फिर 100 जीतकर 20 पर रह गए। दोबारा जीतने के लिए हमें कुछ पॉजिटिव करना होगा। जिससे जनता को लगे कि हम उनका फिर से आशीर्वाद लेना चाहते हैं। पायलट ने कहा- ऐसा नहीं है कि कांग्रेस सरकारें रिपीट नहीं होती। असम, दिल्ली में तीन बार रिपीट हुई हैं। हरियाणा, आंध्र में रिपीट हो चुकी हैं। राजस्थान कोई देश के बाहर का हिस्सा थोड़े ही है। यहां भी सरकार रिपीट हो सकती है। लेकिन हमें सोचना पड़ेगा कि आगे हम ऐसा क्या करें कि सरकार रिपीट हो ।

अब हम सही रास्ते पर हैं
पायलट ने कहा, कौन किसका समर्थक है, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन यह सच है कि दो साल से कैबिनेट में एक भी दलित मंत्री नहीं था। हमें लगता है सरकार में सबकी भगीदारी हो। दो साल तक दलित मंत्री नहीं है तो उसे ठीक करना होगा। खुशी की बात है कि 70 साल में पहली बार 4 दलित कैबिनेट मंत्री बने हैं। आदिवासी, किसान सहित सबका एक संतुलन बना है। जिस कार्यकर्ता ने पार्टी के लिए लाठियां खाई, उसे यह लगे कि सरकार में उसकी भागीदारी है। 2013 में जब हम 20 सीटों पर रह गए थे। पार्टी का झंडा उठाने वालों को हम मान सम्मान देते हैं तो उसमें पार्टी का हित है। हमारे इन मुद्दों पर चर्चा के लिए कमेटी बनी थी। इसमें देरी हुई लेकिन अब हम सही रास्ते पर आ गए हैं।

पार्टी के लिए लाठी खाने वाले के मान सम्मान की बात उठाई

नाराजगी के सवाल पर पायलट ने कहा- मेरी नाराजगी व्यक्ति से नहीं है। सब लोगों को लगे कि हम सरकार में स्टेक हॉल्डर हैं। सब मंत्री नहीं बन सकते और सब मंत्री बनना भी नहीं चाहते, लेकिन उनकी सरकार में भागीदारी सुनिश्चित हो। जिन्होंने जेब से पैसा खर्च करके काम किया। वसुंधराजी की सरकार से केस झेले हैं। परिवार का नुकसान झेला। अब उन्हें लगना चाहिए कि सरकार उनकी है। पार्टी और सरकार मिलकर काम करें ताकि 30 साल से चली आ रही परिपाटी खत्म हो। 2023 में फिर से कांग्रेस की सरकार बने।

सामूहिक लीडरशिप में लड़ेंगे

पायलट ने कहा- राजस्थान कांग्रेस का मैं 7 साल अध्यक्ष रहा। उस समय कांग्रेस ने फैसला किया कि हम सामूहिक लीडरशिप में चुनाव लड़ेंगे और बाद में सीएम का फैसला करेंगे। 2023 में चुनाव होंगे तो पॉलिसी के तहत पहले से सीएम डिक्लेयर नहीं करेंगे। सीएम कौन बनेगा, यह विधायकों पर निर्भर रहेगा।

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