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सचिन पायलट ने साधा केंद्र पर निशाना:पायलट बोले- सरकार ने किया विश्वासघात, नए कृषि कानून किसान विरोधी; किसान, खेत-मजदूर, कमीशन एजेंट, मण्डी व्यापारी समाप्त हो जाएंगे

जयपुर8 दिन पहले
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  • पायलट बोले, कांग्रेस में कोई खेमेबाजी नहीं, पार्टी में केवल सोनिया और राहुल का गुट

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार द्वारा कृषि एवं कृषि व्यापार से संबंधित लाए गए तीन कानूनों को कृषि एवं किसान विरोधी बताया है। पायलट ने कहा कि कोरोना काल में अध्यादेशों के माध्यम से उक्त कानून लागू किए हैं, जबकि ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं थी।

पायलट ने बुधवार को यहां कहा, कृषि राज्य का विषय है जबकि केन्द्र सरकार ने इस संबंध में राज्यों से किसी प्रकार की सलाह नहीं ली। सरकार ने किसान संगठनों एवं राजनीतिक दलों से भी कोई राय-मशविरा नहीं किया। मोदी सरकार शुरू से ही किसान विरोधी रही है।

इन कानूनों से किसान, खेत-मजदूर, कमीशन एजेंट, मण्डी व्यापारी समाप्त हो जाएंगे
वर्ष 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के लिए भूमि मुआवजा कानून रद्द करने के लिए अध्यादेश प्रस्तुत किया। परन्तु राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एवं किसानों के विरोध के कारण मोदी सरकार को पीछे हटना पड़ा। मोदी सरकार ने इन तीन नए कानूनों से किसान, खेत-मजदूर, कमीशन एजेंट, मण्डी व्यापारी सभी पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि एपीएमसी प्रणाली के समाप्त होने से कृषि उपज खरीद प्रणाली समाप्त हो जाएगी। किसानों को बाजार मूल्य के अनुसार न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा और न ही उनकी फसल का मूल्य। यह दावा सरासर गलत है कि अब किसान देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकता है।

मंडी सिस्टम खत्म होना किसानों के लिए घातक होगा
वर्ष 2015-16 की कृषि जनगणना के अनुसार देश में 86 प्रतिशत किसान 5 एकड से कम भूमि के मालिक हैं। ऐसी स्थिति में 86 प्रतिशत अपने खेत की उपज को अन्य स्थान पर परिवहन या फेरी नहीं कर सकते हैं। इसलिए उन्हें अपनी फसल निकट बाजार में ही बेचनी पड़ती है।

मण्डी सिस्टम खत्म होना किसानों के लिए बेहद घातक सिद्ध होगा। अनाज-सब्जी बाजार प्रणाली की छंटाई के साथ राज्यों की आय का स्त्रोत भी समाप्त हो जाएगा। नए कानून के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर खाद्य पदार्थों की भंडारण सीमा को बहुत ही विशेष परिस्थितियों को छोड़कर समाप्त कर दिया गया है।

इससे पूंजीपतियों द्वारा कृषि व्यापार पर नियंत्रण कर लिया जाएगा और वे पूंजी के आधार पर सम्पूर्ण कृषि उपजों को भण्डारों में जमा कर लेंगे तथा कृत्रिम कमी दर्शाकर उपभोक्ताओं से मनचाहे दाम वसूलेंगे। इससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा।

संविदा खेती में सबसे बड़ी कठिनाई छोटे किसानों के समक्ष उत्पन्न होगी जब वे कम्पनियों के नौकर बनकर रह जाएंगे। इसके विकल्प में सरकार को ग्राम स्तर पर छोटे किसानों की सामूहिक खेती के विकल्प पर विचार करना चाहिए और सामूहिक खेती के साथ गौ-पालन को आवश्यक बनाने पर जोर देना चाहिए जिससे देश में दूध का उत्पादन बढाया जा सके।

पायलट ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, मण्डी व्यापारियों और कृषि विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा कर इन कानूनों में संशोधन पर विचार करें जिससे देश के किसान की वास्तविक दशा में बदलाव आ सकें।

बोले- चुनाव में तीन साल, तैयारी अभी से शुरू करनी होगी

भरत सिंह की ओर से लिखे गए पत्र को लेकर पायलट ने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है। कांग्रेस का एक ही गुट है सोनिया गांधी और राहुल गांधी का गुट। अगले चुनाव में तीन साल हैं तैयारी अभी से करनी होगी।

एमबीसी आरक्षण को लेकर सचिन ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था और सरकार ने संज्ञान लिया इस पर मुझे खुशी है। हमारी सरकार ने ही कानून बनाया था। नए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन से मुलाकात को लेकर कहा पहले भी यूपीए सरकार में साथ में मंत्री रहे मुलाकात होती रहती है कोई विशेष बातचीत नहीं हैं।

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