भास्कर इंटरव्यू'हर पार्टी को 30 टिकट ब्राह्मण समाज को देने होंगे':​​​​​​​विप्र सेना प्रमुख बोले- हमने अपनी ताकत दिखा दी, हमारी प्रतिष्ठा लौटेगी

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: उपेंद्र शर्मा
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जयपुर के विद्याधर नगर में 19 मार्च को ब्राह्मण महापंचायत हुई। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि सम्मेलन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को राजस्थान में लॉन्च किया गया। यह भी आरोप लगे कि कार्यक्रम बीजेपी प्रायोजित था।

इन तमाम चर्चाओं को लेकर दैनिक भास्कर ने विप्र सेना संगठन के प्रमुख सुनील तिवाड़ी से बात की। आइये, जानते हैं उन्होंने इन तमाम मुद्दों पर क्या राय रखी।

30 टिकट देने ही पड़ेंगे

विप्र सेना संगठन के प्रमुख सुनील तिवाड़ी ने कहा कि राजनीति में ब्राह्मण समुदाय अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल कर के रहेगा। राजनीतिक पार्टियों को राजस्थान में ब्राह्मणों को 5-6 सांसद के और 30 टिकट विधायकी के देने पड़ेंगे।

तिवाड़ी ने दावा किया कि जयपुर में कार्यक्रम में 2 लाख लोग जुटे।

विप्र सेना के प्रमुख सुनील तिवाड़ी। इनके नेतृत्व में 19 मार्च को जयपुर में ब्राह्मण महापंचायत का आयोजन हुआ।
विप्र सेना के प्रमुख सुनील तिवाड़ी। इनके नेतृत्व में 19 मार्च को जयपुर में ब्राह्मण महापंचायत का आयोजन हुआ।

भास्कर- ब्राह्मण महापंचायत जैसा कार्यक्रम करवाने का मुख्य कारण क्या था?

तिवाड़ी- यह मेरे अकेले का प्रयास नहीं था। पिछले कई दशकों में समाज ने ऐसा शक्ति प्रदर्शन नहीं किया। समाज को एक जाजम पर लाना जरूरी था। समाज को अपने सिर गिनवाना था, वो गिनवा दिए। इस युग में सिरों की गिनती होती है, उसी से नतीजे आते हैं। चाहे राजनीति हो या कोई और बात।

भास्कर- ब्राह्मणों को राजनीति व राजसत्ता के सामने सिर गिनवाने की जरूरत क्यों पड़ी?

तिवाड़ी- जब 180 विधायकों की विधानसभा होती थी, तब हमारी (ब्राह्मणों की) संख्या 60 थी और अब विधानसभा के 200 विधायकों के बीच ब्राह्मण विधायक केवल 16-17 ही हैं। बीते वर्षों में समाज की विधायकाें संख्या बढ़ी नहीं, घटी है।

जयपुर के विद्याधरनगर स्टेडियम में 19 मार्च को हुई ब्राह्मण महापंचायत में समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
जयपुर के विद्याधरनगर स्टेडियम में 19 मार्च को हुई ब्राह्मण महापंचायत में समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

विधानसभा में संख्या का घटना चिंताजनक है। पांच से छह लोकसभा के टिकट राजनीतिक पार्टियों को ब्राह्मणों को देने चाहिए। विधानसभा में भी विधायकों की मौजूदा संख्या डबल होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से ताकत दिखानी जरूरी थी।

भास्कर- आपके अनुमान से राजस्थान में ब्राह्मणों की संख्या कितनी है?

तिवाड़ी- विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी आंकड़ों के हिसाब से करीब 85 से 90 लाख ब्राह्मण हैं। इनमें से 42-43 लाख मतदाता हैं।

भास्कर- कार्यक्रम पर राजनीति प्रेरित होने का आरोप लगा, जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने भी ऐसी बातें कही?

तिवाड़ी- आरोप सही नहीं है क्योंकि खुद कांग्रेस नेता महेश जोशी ने मंच से भाषण दिया। उन्होंने वहां खूब आराम से अपनी बात कही। सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज ने भी अपनी बात रखी। दो-तीन वक्ता कांग्रेस से और दो-तीन वक्ता भाजपा से थे। तीन सांसद घनश्याम तिवाड़ी, रामचरण बोहरा और सीपी जोशी मंच पर थे।

महापंचायत में शामिल हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता।
महापंचायत में शामिल हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता।

जब भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी हुआ तो प्रोटोकॉल के तहत केंद्रीय रेल मंत्री के साथ उन्हीं को मंच पर रहना था। राज्यसभा से सांसद प्रमोद तिवारी (कांग्रेस) को भी बुलाया था, लेकिन वह कार्यक्रम में पहुंच नहीं सके।

मंच से डॉ. रघु शर्मा और डॉ. महेश जोशी का स्वागत भी किया गया था। फिर भी डॉ. जोशी हमारे बड़े भाई हैं और समाज के मुखिया भी हैं। मैं उनकी बात का भी सम्मान करता हूं।

भास्कर- फिर यह जो भाजपा के प्रभाव वाली बात सामने आई है, वो सही नहीं है क्या ?

तिवाड़ी- भगवान परशुराम पर डाक टिकट केंद्र सरकार ने जारी किया है। मंत्रालय के मंत्री भी अश्विनी वैष्णव हैं। जाहिर सी बात है डाक टिकट वे ही जारी करेंगे। उनके साथ सांसद ही रहेंगे। सांसद भाजपा के ही थे किसी और पार्टी के वहां मौजूद ही नहीं थे।

यह सब बातें वे लोग कर रहे हैं, जो समाज के संगठनों से निकल कर राजनीति में चले गए। समाज को धोखा देकर राजनीतिक दलों से टिकट ले लिए। मुझे तो राजनीति में जाना नहीं है। मैं क्यों भाजपा या कांग्रेस के पीछे भागूंगा। मैं पहले भी कह चुका हूं। मंच से भी मैंने घोषणा की थी। फिर कह रहा हूं। मैं और मेरे दोनों पुत्र यहां तक कि मेरे जीते-जी मेरे पुत्रों के पुत्र भी राजनीति में नहीं जाएंगे। अब लोग जान-बूझकर गलत बातें कर रहे हैं।

भास्कर- आने वाले दोनों चुनावों को लेकर आप क्या संभावनाएं देख रहे हैं समाज के लिए ?

तिवाड़ी- मेरा उद्देश्य मौजूदा विधायकों की संख्या 16-17 को डबल करना और मौजूदा सांसदों (2) को चार, पांच, छह तक बढ़ाना है। मैं तो यही पैरवी करूंगा कि समाज के युवा लोगों को राजनीतिक पार्टियां टिकट दें। पुराने वालों को भी दें, लेकिन युवाओं को प्राथमिकता दें।

केंद्रीय रेल व डाक संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्राह्मण महापंचायत में भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी किया।
केंद्रीय रेल व डाक संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्राह्मण महापंचायत में भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी किया।

भास्कर- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का यहां आना, क्या राजस्थान की राजनीति में उनकी लॉन्चिंग मानी जाए?

तिवाड़ी- यह गलत बात है। कार्यक्रम में कोई मुख्य मेहमान जैसा पद था ही नहीं। मंच पर कोई राजनेता आसीन ही नहीं था। किसी आमंत्रण पत्र पर भी मुख्य अतिथि नाम से कुछ नहीं लिखा था। वैष्णव आम लोगों के साथ नीचे ही जनता के बीच बैठे थे।

डाक टिकट का विमोचन करने ही वे मंच पर आए थे। उनकी राजस्थान में लॉन्चिंग से इस कार्यक्रम को कोई लेना-देना नहीं है।

ब्राह्मण महापंचायत में कांग्रेस-भाजपा दोनों के ही नेता शामिल हुए थे।
ब्राह्मण महापंचायत में कांग्रेस-भाजपा दोनों के ही नेता शामिल हुए थे।

भास्कर- राज्य सरकार में चार-पांच नेता मंत्री जैसे पदों पर हैं। विप्र कल्याण बोर्ड भी बनाया है, लेकिन आपने कार्यक्रम में सीएम अशोक गहलोत या राज्य सरकार का आभार तक नहीं जताया?

तिवाड़ी- जहां तक मुख्य सचिव और डीजीपी के पदों पर ब्राह्मणों के पहुंचने का मामला है, तो वे अधिकारियों के पद हैं। उनके लिए योग्यताएं तय हैं। वे अपनी योग्यता से पहुंचे हैं। विप्र बोर्ड के लिए मैंने राज्य सरकार का और EWS आरक्षण के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया था। मेरा वो भाषण रिकॉर्डेड है, कोई भी देख सकता है।

भास्कर- EWS पर अक्सर बहुत से लोग हमला करते रहते हैं। इसे खत्म करने की मांग भी उठती है, आपका क्या कहना है?

तिवाड़ी- हमारी मुख्य मांग है कि EWS आरक्षण 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाए। इसके मापदंड व सुविधाएं ओबीसी की तर्ज पर किए जाएं। इसे खत्म करने की तो किसी के दिमाग में गलतफहमी होगी तो वो अब दूर हो गई होगी। किसी को इस पर विचार भी नहीं करना चाहिए। ऐसा विचार लाना भी मूर्खता की श्रेणी में आएगा।

ब्राह्मण महापंचायत में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। अगले चुनावों में विप्र सेना राजनीतिक पार्टियों से युवाओं और महिलाओं को ज्यादा टिकट देने के लिए करेगी पैरवी।
ब्राह्मण महापंचायत में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। अगले चुनावों में विप्र सेना राजनीतिक पार्टियों से युवाओं और महिलाओं को ज्यादा टिकट देने के लिए करेगी पैरवी।

भास्कर- महापंचायत जैसे और भी कार्यक्रम करेंगे आप ?

तिवाड़ी- देश में कुल 5 महापंचायत करेंगे। अगली महापंचायत गुजरात में करेंगे, जिसकी घोषणा 8-10 दिनों में की जाएगी। राजस्थान के गांव-ढाणी में सभी साथियों तक पहुंचकर महापंचायत को सफल बनाने के लिए साथियों का धन्यवाद जताऊंगा।

भास्कर- आप तो एक बिजनेसमैन हैं, आगे की रणनीति क्या रहेगी?

तिवाड़ी- मैं तो राजनीति में नहीं आ रहा, लेकिन समाज को एकजुट करना मेरा मकसद है। ब्राह्मण एक बुद्धि सम्पन्न समाज है, लेकिन समाज सेवा के नाम पर बहुत से लोगों ने समाज को धोखा दिया। दिन में सभा करो और शाम को भाजपा कांग्रेस के दरवाजे पर पहुंचकर टिकट मांग लो। ऐसे लोगों ने समाज को बहुत नुकसान पहुंचाया।

खुद का टिकट लो और राजनेता बन जाओ। पहले यही हुआ है। वे ही लोग मुझे टारगेट कर रहे हैं। पर यह टारगेट मुझे नहीं ब्राह्मण समाज को कर रहे हैं।

भास्कर- आपने प्राइवेट सिक्योरिटी क्यों ले रखी है?

तिवाड़ी- समाज का काम करने के दौरान मुकदमे भी दर्ज हुए। 50 से ज्यादा धरने प्रदर्शन किए। यह सिक्योरिटी आज से नहीं बल्कि 20 सालों से मेरे साथ है। मेरे घर पर तैनात है। यह मेरी व्यवस्था का हिस्सा है।

कार्यक्रम में बड़ी तादाद में महिलाएं भी जुटी। तस्वीर 19 मार्च को विद्याधरनगर स्टेडियम की है।
कार्यक्रम में बड़ी तादाद में महिलाएं भी जुटी। तस्वीर 19 मार्च को विद्याधरनगर स्टेडियम की है।

सरकार से मैंने कभी कोई सिक्योरिटी नहीं मांगी है। हम ब्राह्मण हैं, हम तो सुरक्षा देने वाले हैं। पूरे गांव को सुरक्षा देते हैं। हमें सुरक्षा नहीं चाहिए।

भास्कर- जेएनयू में दीवारों पर नारे लिखे गए कि 'ब्राह्मणों भारत छोड़ो', यूपी में रामचरित मानस व हनुमान चालीसा को फाड़ने और प्रतिबंधित करने जैसी मांगें सामने आईं। आप किस तरह से देखते हैं इसे?

तिवाड़ी- विप्र सेना की तरफ से हमने इन मांगों का सदा विरोध किया है। रामायण, रामचरित मानस, हनुमान चालीसा को सभी समाज के लोग मानते हैं। कुछ लोग हर जाति-समाज में हैं जो गुंडा तत्व हैं। यह समाज को तोड़ने का काम करते हैं। इनका विरोध हमेशा जारी रहेगा।

भास्कर- समाज के किसी व्यक्ति के साथ कोई दुर्घटना या हमला होता है, तो आप आर्थिक सहायता देने तुरंत पहुंचते हैं, यह पैसा कहां से आता है आपके पास?

तिवाड़ी- मैं और मेरे साथ 5-7 साथी लोग हैं। पैसा तो सीमित ही है। हम ही लोग मैनेज करते हैं। आम तौर पर 50 हजार रुपए तक देते हैं। यह विप्र तत्काल राहत कोष के तहत पीड़ित तक पहुंचाते हैं। इतना पैसा पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह, जीमण-प्रसादी जैसे कार्यक्रमों में समाज के लोग खर्च कर देते हैं।

हम उस तरह के कार्यक्रम कम ही करते हैं, जो पैसा बचता है, उसे पीड़ितों तक पहुंचा देते हैं।

भास्कर- आखिर मिला क्या इस ब्राह्मण महापंचायत से ?

तिवाड़ी- ब्राह्मणों की ताकत दिखी। एकता दिखी। सुनवाई होनी शुरू हो गई और जो हासिल होना है, वो जल्द ही सभी को दिखाई देगा।

सुनील तिवाड़ी ने दावा किया इस पंचायत में प्रदेशभर से 2 लाख लोग पहुंचे थे।
सुनील तिवाड़ी ने दावा किया इस पंचायत में प्रदेशभर से 2 लाख लोग पहुंचे थे।

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