शहीदों की पत्नियों से बदसलूकी, विरोध में पुलिस पर पथराव:भाजपा कार्यकर्ताओं ने बरसाए पत्थर, विधायक पुलिस के पैरों में लेटे

जयपुर18 दिन पहले
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जयपुर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान BJP कार्यकर्ता-नेता पुलिस से उलझ गए। लोगों ने पुलिस की बसों पर पथराव किया।

जयपुर में शहीदों की पत्नियों से बदसलूकी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया। कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय से निकले तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान विधायक मदन दिलावर पुलिस जवानों के पैरों में लेट गए। बैरिकेड पार करने के प्रयास में प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के पैर में चोट लग गई। करीब ढाई घंटे के प्रदर्शन के बाद भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दीं। बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने विद्याधर नगर ले जाकर छोड़ दिया।

इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभा भी की। प्रदर्शन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष डॉ राजेंद्र राठौड़, सांसद घनश्याम तिवाड़ी सहित कई नेता मौजूद रहे।

गुटबाजी सामने आई
प्रदर्शन के दौरान भाजपा में एक बार फिर गुटबाजी सामने आ गई। सांसद किरोड़ीलाल के समर्थकों ने ‘सतीश पूनिया हाय-हाय' के नारे लगाए। वहीं पूनिया समर्थकों ने ‘पूनिया जिंदाबाद' के नारे लगाए। किरोड़ी समर्थकों की नाराजगी इस बार को लेकर है कि बीजेपी संगठन ने दमदार तरीके से उनका साथ नहीं दिया।

यह है मामला
पुलवामा के शहीदों की पत्नियां मंजू जाट,सुंदरी देवी, मधुबाला मीणा पिछले एक हफ्ते से कांग्रेस नेता सचिन पायलट के निवास के बाहर धरना दे रही थीं। पुलिस ने गुरुवार रात तीन बजे इन्हें जबरदस्ती धरनास्थल से उठाकर एंबुलेंस में उनके गांव पहुंचा दिया। भाजपा सांसद किरोड़ीलाल जब शुक्रवार को शहीदों की पत्नियों से मिलने जा रहे थे तो उन्हें रोक लिया गया। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वीरांगनाओं की मांगें
पुलवामा शहीदों की पत्नियां मंजू जाट और सुंदरी देवी अपने देवर के लिए सरकारी नौकरी मांग रही हैं। सरकार का तर्क है कि देवर को सरकारी नौकरी देने का नियमों में प्रावधान नहीं है। शहीद हेमराज मीना की पत्नी की मांग है कि सांगोद चौराहे पर भी उनकी मूर्ति लगाई जाए। एक स्कूल का नामकरण शहीदों के नाम पर करें। शहीदों की पत्नियों ने अब बदसलूकी करने वाले पुलिसवालों पर कार्रवाई करने की मांग भी जोड़ ली है।

भाजपा के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें.....

गिरफ्तारियां देने के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पुलिस वैन पर चढ़ गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा गया।
गिरफ्तारियां देने के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पुलिस वैन पर चढ़ गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा गया।
नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन का मुख्य कारण सरकार को उसकी गलतियों का एहसास कराना है।
नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन का मुख्य कारण सरकार को उसकी गलतियों का एहसास कराना है।
भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए RAC के जवानों को लगाया है। पूरे एरिया को बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए RAC के जवानों को लगाया है। पूरे एरिया को बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है।

दरअसल, सांसद किरोड़ीलाल शहीदों की पत्नियों से मिलने उनके गांव जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और बदसलूकी की। भाजपा नेताओं में सांसद से हुई बदसलूकी को लेकर नाराजगी है। इस प्रदर्शन में दौसा, करौली से किरोड़ीलाल समर्थक भी पहुंचे हैं। वहीं, सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में एडमिट सांसद किरोड़ीलाल की हालात सामान्य बताई जा रही है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि शहीदों की पत्नियों और सांसद से हुई बदसलूकी बहुत ही निंदनीय है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि शहीदों की पत्नियों और सांसद से हुई बदसलूकी बहुत ही निंदनीय है।

किरोड़ी ने की हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत, बोर्ड ने एमआरआई करवाई

एसएमएस हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती सांसद किरोड़ी लाल मीणा का शुक्रवार को हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। एसएमएस के अधीक्षक डॉक्टर अचल शर्मा ने बताया- सांसद की तबीयत स्थिर है। उनकी सभी ब्लड टेस्ट नॉर्मल आए हैं। दिन में सांसद ने बाएं हाथ-पांव में हल्के सुन्नपन की शिकायत की थी। इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने उनकी एमआरआई करवाने के लिए कहा। एमआरआई करवा दी गई है। रिपोर्ट आना अभी बाकी है। रिपोर्ट के बाद ही आगे का ट्रीटमेंट तय किया जाएगा।

मंत्री खाचरियावास ने किरोड़ी से की मुलाकात

फूड मिनिस्टर प्रताप सिंह खाचरियावास ने शनिवार को एसएमएस अस्पताल में भर्ती सांसद किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात की।
फूड मिनिस्टर प्रताप सिंह खाचरियावास ने शनिवार को एसएमएस अस्पताल में भर्ती सांसद किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात की।

मंत्री प्रतापसिंह खाचरियाावास ने शनिवार को एसएमएस अस्पताल में भर्ती सांसद किरोड़ीलाल मीणा से मुलाकात की। खाचरियावास ने किरोड़ी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। बता दें खाचरियावास ने मंत्री शकुंतला रावत के साथ पायलट के बंगले के बाहर धरने पर भी किरोड़ी और वीरांगनाओं से मुलाकात करके उनकी मांगों पर सहमति जताई थी। दोनों मंत्रियों की मुलाकात के दो घंटे बाद ही सीएम गहलोत ने ट्वीट कर वीरांगनाओं की मांगों करे अनुचित ठहरा दिया था।

​​​​​पायलट बोले- शहीदों की पत्नियों की बात सुननी चाहिए
इससे पहले शुक्रवार शाम को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने शहीदों की पत्नियों मुद्दे को लेकर सरकार और सीएम पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 'शहीदों की पत्नियों सुना जाना चाहिए था, उनकी मांगों को मानना या नहीं मानना, बाद का मुद्दा है। जहां तक नौकरियों की बात है, किसी को एक-दो नौकरी देने से बदलाव आने वाला नहीं है।

पायलट ने कहा, मुद्दा मार्मिक है तो उसे उसी तरह से डील भी करना चाहिए। हम अगर किसी को कुछ नहीं भी देना चाहें तो बैठकर मिलकर संवेदनशील होकर समझाएं तो मामला बेहतर बन सकता है।

गुरुवार को तीनों शहीदों की पत्नियों ने मुंह में घास लेकर सीएम हाउस की तरफ जाने का प्रयास किया था।
गुरुवार को तीनों शहीदों की पत्नियों ने मुंह में घास लेकर सीएम हाउस की तरफ जाने का प्रयास किया था।

पायलट ने कहा- 'मुझे नहीं लगता कि इसमें कांग्रेस, बीजेपी या जनता दल या इस प्रकार की बातें करनी चाहिए क्योंकि यह देश, एक दल का नहीं है, यह पूरे भारतवासियों का है। हमारी फौज पूरे देश की रक्षा करती है। हमारे सैनिक सरहद पर खड़े हो​कर गोली खा रहे हैं, गोली खाने को तैयार हैं; वे किसी जाति धर्म या विचारधारा के लिए नहीं पूरे देश के लिए खड़े हैं। उनके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं आने देनी चाहिए और ऐसा लगना भी नहीं चाहिए। अगर कोई गलतफहमी है और मांगें ज्यादा हैं तो बैठकर समझाना था। तभी बेहतर समाधान निकल सकता था।'

संवेदनशीलता से शहीदों की पत्नियों की बातों को सुना जाना चाहिए था
पायलट ने कहा- 'आज भी मानता हूं कि कोई छोटी मोटी मांगें हैं, किसी की सड़क की है, चारदीवारी की है, मूर्ति की है उसे हम पूरा कर सकते हैं। क्योंकि देश में ऐसा मैसेज नहीं जाना चाहिए कि शहीदों की पत्नियों की बात हम सुनने को ही तैयार नहीं हैं।
बात को मानना अलग बात है लेकिन इसे सुनने में इगो सामने नहीं लाना चाहिए चाहे कोई भी व्यक्ति हों। शहीदों की पत्नियां मेरे घर आईं, वे भावुक थीं, उनकी बात को सुना।

तीनों शहीदों की पत्नियों ने मुंह में घास दबाकर दंडवत होकर गाय की मुद्रा में आकर सिविल लाइंस में अनूठे तरीके से प्रदर्शन किया।
तीनों शहीदों की पत्नियों ने मुंह में घास दबाकर दंडवत होकर गाय की मुद्रा में आकर सिविल लाइंस में अनूठे तरीके से प्रदर्शन किया।

महिला हैं, भावुक हैं, उनकी मानसिक हालत क्या होगी। बड़ी संवेदनशीलता से उनकी बातों को सुना जाना चाहिए था। अगर नहीं भी करना चाहें तो भी उन्हें बैठकर समझाकर बेहतर तरीके से मामले का समाधान निकाला जा सकता था।'

शहीदों के परिजन देश की संप​त्ति
पायलट ने कहा- 'शहीदों की पत्नियों के मुद्दे पर कभी भी किसी व्यक्ति को राजनीति नहीं करनी चाहिए। जिन लोगों ने वर्दी पहनकर देश सेवा की है जिन्होंने सब कुछ कुर्बान कर दिया, शहादत दी है उन लोगों की तुलना नहीं हो सकती। उन लोगों के परिजन देश की संपत्ति हैं, जिन्हें सहेजकर रखना हर सरकार, हर नागरिक और हम सबकी ड्यूटी है।'

शहीदों की पत्नियों के साथ पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं, कार्रवाई हो
पायलट ने कहा- 'तीनों महिलाएं मेरे पास भी आई थीं, वे बहुत क्रोधित और बहुत दुखी थीं। मैंने उन्हें खाना खिलाया, जूस पिलाया। कारण कोई भी हो, अगर शहीदों की पत्नियां अपनी बात को रखती है, उनकी बात को हम माने या नहीं, यह बाद का विषय है।'

जयपुर के पास सामोद में पुलिस ने शुक्रवार को किरोड़ी लाल मीणा को हिरासत में ले लिया था। वे शहीदों की पत्नियों से मिलने उनके गांव जा रहे थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और एसएमएस हॉस्पिटल रेफर किया गया था।
जयपुर के पास सामोद में पुलिस ने शुक्रवार को किरोड़ी लाल मीणा को हिरासत में ले लिया था। वे शहीदों की पत्नियों से मिलने उनके गांव जा रहे थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और एसएमएस हॉस्पिटल रेफर किया गया था।

'उनके साथ जो व्यवहार पुलिस ने किया, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसी नागरिक के साथ यह व्यवहार नहीं किया जा सकता। कोई कारण रहा हो, उनकी मांगे मानना या नहीं मानना बाद का विषय है लेकिन इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।

किसी व्यक्ति ने उनके साथ इस तरह का बर्ताव किया और करवाया है उस पर जांच करवाकर कार्रवाई करनी चाहिए, मैं आज भी उस बात पर कायम हूं।'

पायलट ने शहीदों की पत्नियों को धरने से उठाने को भी गलत बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को धरना देने,प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार है, इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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1. गहलोत से मिली वीरांगनाएं बोलीं- देवर को नौकरी वाहियात मांग

पुलवामा शहीदों की तीन वीरांगनाओं को जबरन धरने से उठाने और सांसद किरोड़ी लाल मीणा के साथ हुई पुलिस बदसलूकी के मुद्दे पर सियासी वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को सीएम हाउस पर शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र से आई वीरांगनाओं से मुलाकात की। गहलोत ने वीरांगनाओं और उनके बच्चों से बातचीत की। (पूरी खबर के लिए क्लिक करें)

2. भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा हिरासत में, तबीयत बिगड़ी:बोले- पुलिस ने मारने की कोशिश की; सड़कों पर उतरे समर्थक, हाईवे जाम

पुलवामा शहीदों की पत्नियों के धरने को जबरन खत्म करने के बाद अब पुलिस ने भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं है। इधर, पुलिस पर मीणा ने हाथापाई का आरोप लगाया है। (पूरी खबर के लिए क्लिक करें)

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पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बंगले के बाहर धरने पर बैठीं तीन शहीदों की पत्नियों को जबरन घर पहुंचाने और एक को हॉस्पिटल में एडमिट कराने का विवाद गहराता जा रहा है। जयपुर में जहां भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा एक शहीद की पत्नी से मिलने को लेकर पुलिस से उलझ गए। (पूरी खबर के लिए क्लिक करें)

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