ओवैसी बोले- एक दिन PM हाउस में घुस जाएंगे लोग:कहा- नेताओं पर विश्वास नहीं रहा, सब लोग अपने आप कर रहे हैं

जयपुर2 महीने पहले

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन ( AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- जनता का नेताओं पर विश्वास कम हो रहा है, अपनी समस्याओं के लिए युवा और आम लोग खुद ही सड़कों पर उतर रहे हैं। नेताओं में अब विश्वास नहीं रहा।

आप देखिए अग्निवीर पर प्रोटेस्ट, किसान प्रोटेस्ट,सीएए पर प्रोटेस्ट सब लोग अपने आप कर रहे हैं। मैं कह रहा हूं एक दिन ऐसा आएगा कि लोग श्रीलंका की तरह प्राइम मिनिस्टर हाउस में घुस जाएंगे कि हमें नौकरी नहीं दी। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, अन्यथा मुझ पर UAPA (Unlawful Activities (Prevention) Act) यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम लग जाएगा।

हम सब शीशे के घरों में रह रहे हैं। लोग मेरे घर भी आ सकते हैं। लोग-नौजवान खुद ही सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, अब वे नेताओं की तरफ नहीं देखते। लोगों को लगता है कि नेता आपस में मिल जाएंगे। ओवैसी रविवार शाम जयपुर में टॉक​ जर्नलिज्म सेमिनार के समापन सत्र में बोल रहे थे।

ओवैसी रविवार शाम जयपुर में टॉक जर्नलिज्म सेमिनार के समापन सत्र में शामिल हुए।
ओवैसी रविवार शाम जयपुर में टॉक जर्नलिज्म सेमिनार के समापन सत्र में शामिल हुए।

ओवैसी ने BJP से मिलीभगत कर फायदा पहुंचाने की थ्योरी पर भी पलटवार किया। कहा- जहां हम नहीं लड़े तो भी BJP जीत रही है। अब जब विधानसभा के चुनाव होंगे तो मैं राजस्थान में पूरी ताकत से लडूंगा, और इज्जत के साथ कह रहा हूं भाड़ में जाएं मुझ पर आरोप लगाने वाले।

मेरा काम लड़ना है। जनता पसंद करेगी तो वोट डालेगी नहीं तो नहीं डालेगी। यह क्या कोई सामंतवाद है, कोई चौधरी हैं क्या ये लोग कि तुम क्यों आए राजस्थान। आपके बाप का राजस्थान नहीं है, मेरा भी है। मैं मेरे पर आरोप लगाने वालों से कह रहा हूं।

ओवैसी ने कहा- राजस्थान में गत विधानसभा चुनाव के चंद महीने बाद लोकसभा चुनाव हुए। मुख्यमंत्री के बेटे तक हार गए क्या इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं? यह बात समझने की है​ कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में कमलनाथ के बेटे के अलावा सब क्लीन बोल्ड हो गए थे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 20 विधायक भाग गए। उसके लिए तो मैं जिम्मेदारी नहीं हूं।

मुसलमानों को चुनाव बाद कोई नहीं पूछता
ओवैसी ने कहा- मुसलमान वोट बैंक भी नहीं बन पाया। वोट बैंक पॉलिटिक्स की वजह से आप देखेंगे कि हर कास्ट और कम्युनिटी का सामाजिक-आ​र्थिक विकास हुआ है, लेकिन मुसलमान का नहीं हुआ, क्योंकि हम वोट बैंक नहीं हैं। मुसलमान केवल दिखाने के नाम पर वोट बैंक है। इसी वजह से ही उसका विकास नहीं हुआ।

मुसलमानों की भी बहुत बड़ी गलती है,उन्हें बहुत बड़ी गलतफहमी है कि उन पर सेक्युलरिज्म को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है। चुनावों के वक्त कहते हैं देखो सेक्युलरिज्म बचाना है, पर चुनाव के बाद मुसलमान रोज मरता है, कोई पूछने वाला नहीं है।

कांग्रेस जीते तो परिवार ने जिताया, हारे तो मुल्लाजी ने हरवा दिया
ओवैसी ने कहा- महाराष्ट्र में चुनाव से पहले एक कांग्रेस नेता ने अपील की कि ओवैसी की पार्टी शिवसेना BJP के साथ आ जाएगी। कुछ महीने बाद उसी शिवसेना से कांग्रेस का गठबंधन हो गया। यह निकाह कैसे हो गया? कल गाली दे रहे थे और बाद में शिवसेना से मिल गए, महाराष्ट्र में कांग्रेस की विचारधारा कहां चली गई। कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक क्यों भाग गए? कांग्रेस का सीधा फंडा है कि जब जीत गए तो परिवार ने जिता दिया और हार गए तो मुल्लाजी ने हरवा दिया।

कांग्रेस-बीजेपी में लीडर पार्टी से बड़ा
ओवैसी ने कहा- BJP केंद्र की सरकार में है, लोकसभा-राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, आज BJP का एक भी सांसद मुसलमान नहीं है। कल विधानसभा चुनाव होंगे अगर जात-पात की बात नहीं करेंगे तो उम्मीदवार हार जाएगा। UK में बोरिस जॉनसन को पीएम पद से हटा दिया, क्योंकि वहां पार्टी लीडर से बड़ी है। कांग्रेस, BJP में लीडर पार्टी से बड़ा है।

ओवैसी पहली बार राजस्थान में चुनाव लड़ेंगे
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असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी राजस्थान में पहली बार चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतर रही है। ओवैसी की पार्टी का फोकस फिलहाल मुस्लिम बाहुल्य वाली सीटों पर है। इसके लिए सर्वे भी हुआ है। मुस्लिम समुदाय परंपरागत रूप से कांग्रेस का वोट रहा है, ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी के उतरने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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