वृंदावन में दुर्लभ नजारा:12 किलो सोने और 24 किलो चांदी जड़ित हिंडोले में विराजे ठाकुरजी, दोनों ओर आदमकद सखियां भी हैं खास

भरतपुरएक वर्ष पहले
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  • वर्ष में एक बार श्रावण मास शुक्लपक्ष की तृतीया पर अमूल्य हिंडोले पर विराजित होते हैं प्रभु

(प्रमोद कल्याण)। वृन्दावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में हरियाली तीज पर 12 किलो सोने और 24 किलो चांदी जड़ित बेशकीमती हिंडोले में ठाकुरजी को विराजमान कराया गया, लेकिन इस अद्भुत दर्शन को श्रद्धालु निहार नहीं पाए। कोरोना के कारण मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं किंतु परंपराएं और पर्व मनाए जा रहे हैं।

साल में एक बार होते हैं यह दुर्लभ दर्शन

ठाकुर बांके बिहारी लाल वर्ष में केवल एक बार श्रावण मास शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि पर स्वर्ण रजत निर्मित अमूल्य हिंडोले पर विराजित होते हैं। यह बेशकीमती झूला अपने आप में कई खासियत समेटे है। वर्ष 1946 में सेठ हर गुलाल बेरीबाल परिवार ने कनकपुर के जंगलों से विशेष लकड़ी मंगवाई। 

ठाकुर बांके बिहारी लाल वर्ष में केवल एक बार श्रावण मास शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि पर स्वर्ण रजत निर्मित अमूल्य हिंडोले पर विराजित होते हैं।
ठाकुर बांके बिहारी लाल वर्ष में केवल एक बार श्रावण मास शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि पर स्वर्ण रजत निर्मित अमूल्य हिंडोले पर विराजित होते हैं।

लकड़ी पर बनारस के कारीगर लल्लू और उनकी टीम ने नक्काशी की तथा एक हजार तोला सोना व दो हजार तोला चांदी के पतरों से झूले को अंतिम रूप दिया। हिंडोले के दोनों ओर आदमकद सखियों की प्रतिमाएं खास हैं। हिंडोले पर विराजमान ठाकुरजी के श्रीविग्रह को सुगंधित इत्र से युक्त रेशम की कढ़ाई वाले हरे रंग के वस्त्र धारण कराए जाते हैं।

कीमत 6 करोड़ से ज्यादा, इसलिए रहती है कड़ी सुरक्षा

ठाकुरजी के हिंडौले में करीब 12 किलो सोना और करीब 24 किलो चांदी जड़ी है। इसकी कीमत करीब 6.14 करोड़ रुपए है। इसलिए दर्शन के मौके पर सुरक्षा के कड़़े इंतजाम होते हैं। हालांकि इस बार कोरोना के कारण भक्तों का प्रवेश वर्जित था।   

कनकपुर के जंगलों से विशेष लकड़ी से बना है यह विशेष झूला।
कनकपुर के जंगलों से विशेष लकड़ी से बना है यह विशेष झूला।

द्वारिकाधीश में फल-फूल हिंडौला
वहीं मथुरा स्थित ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में फल-फूल के हिंडोले में ठाकुरजी को विराजमान कराया गया। भक्तों के लिए यह दर्शन शाम 6 से 7 बजे तक हो रहे हैं। प्रवक्ता राकेश तिवारी ने बताया 24 को श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्थी के दिन ठाकुर जी आसमानी घटा में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।

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