पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नगर परिषद ने अपने ही कर्मी का मकान गिराया:पीड़ित बोला- कोर्ट का स्टे फिर भी नगर परिषद ने जबरदस्ती गिरा दिया घर, आयुक्त बोले- सुनवाई का मौका दिया, चेतावनी भी दी

पाली5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जेसीबी से मकान ध्वस्त करता नगर परिषद कार्मिक। - Dainik Bhaskar
जेसीबी से मकान ध्वस्त करता नगर परिषद कार्मिक।

शहर के नया गांव सूर्या कॉलोनी में गुरुवार दोपहर को नगर परिषद ने अपने ही कार्मिक का पक्का मकान जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा हैं। मामले में पीड़ित पक्ष का कहना हैं कि यहां 20 साल से रह रहे हैं। लाइट-पानी का बिल भर रहे हैं। वर्तमान में स्टे लाया हुआ है, फिर भी नगर परिषद ने जबरदस्ती अतिक्रमण बता इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की। वहीं मामले में नगर परिषद आयुक्त का कहना हैं कि यह अतिक्रमण है। नोटिस देकर सुनवाई का मौका दिया। चेतावनी देकर अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

जिस पर गुरुवार को नगर परिषद ने विधि के अनुरूप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उक्त भूखण्ड किसी ओर के नाम से आवंटित हैं। अपने आपको पीड़ित बताने वाले पक्ष के पास उक्त भूमि के कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।

मकान ध्वस्त करने से पहले उसमें रखा सामान बाजार ले जाते नगर परिषद के कार्मिक।
मकान ध्वस्त करने से पहले उसमें रखा सामान बाजार ले जाते नगर परिषद के कार्मिक।

23 अगस्त तक स्टे फिर भी मकान तोड़ा

नगर परिषद के दमकल कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत मदनलाल मेवाड़ा का सूर्या कॉलोनी में भूखण्ड संख्या 7 पर पक्का निर्माण हो रखा हैं। उनके पुत्र सुरेश मेवाड़ा का कहना हैं कि वे यहां पिछले करीब 20 सालों से रहे है। पुष्पादेवी मेवाड़ा बनाम नगर परिषद पाली मामला चल रहा हैं। कोर्ट ने वर्तमान में मकान पर 23 अगस्त 2021 तक स्टे लगा रखा हैं। ऐसे में नगर परिषद मकान को किसी भी सूरत में नुकसान नहीं पहुंचा सकती। लेकिन जबरदस्ती आज मकान से सामान नगर परिषद टीम ने बाहर निकाला तथा जेसीबी से उनका पक्का मकान ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई।

घर के बाहर रखा गया सामान।
घर के बाहर रखा गया सामान।

सरकारी कर्मचारी ही अतिक्रमण करेंगे तो फिर क्या होगा

मामले में नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय का कहना हैं कि मदनलाल मेवाड़ा नगर परिषद कार्मिक हैं। एक सरकारी कार्मिक ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करेगा तो जनता में क्या मैसेज जाएगा। नोटिस देकर उसका पक्ष सूना गया लेकिन वह कोई लीगल दस्तावेज उक्त भूमि के बारे में प्रस्तुत नहीं कर सका। जिस पर उसे अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी बाद में अतिक्रमण हटाने के लिए समय भी दिया गया। विभागीय स्तर पर जांच में भी वह दोषी पाया गया। जिस पर उसे निलंबित किया गया। 16 सीसी का नोटिस देन की कार्रवाई भी की गई। उसके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर सहायक विधि परामर्शी समिति से राय लेकर गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

जेसीबी से मकान ध्वस्त करती नगर परिषद टीम।
जेसीबी से मकान ध्वस्त करती नगर परिषद टीम।
जेसीबी से मकान ध्वस्त करता नगर परिषद कार्मिक।
जेसीबी से मकान ध्वस्त करता नगर परिषद कार्मिक।
खबरें और भी हैं...