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पायलट-गहलोत करेंगे कंप्रोमाइज:सियासी फायदे के गणित से तय होंगे मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों के नाम, सोनिया के संकेत- कुछ तो समझौते करने होंगे

जयपुर9 महीने पहले

राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों पर फैसले से पहले दिल्ली में मैराथन बैठक का दौर जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद शुक्रवार को सचिन पायलट के सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अब जल्द फैसला होने की संभावना है। सोनिया के गहलोत और पायलट दोनों से बैक टू बैक मुलाकातों को ​दोनों खेमों के बीच विवाद दूर करने से जोड़कर देखा जा रहा है। दिल्ली में राजस्थान को लेकर एक-दो दिन अभी कुछ और बैठकें होनी हैं। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में दोनों खेमों को कुछ कंप्रोमाइज करने होंगे।

गहलोत और पायलट का मन टटोलने के बाद अब सोनिया गांधी, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल से चर्चा करेंगी। इसके बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों का फॉर्मूला तैयार होगा। दोनों खेमों की राय आ चुकी है। सीएम अशोक गहलोत ​किसी को हटाने की जगह विस्तार के पक्ष में हैं, जबकि सचिन पायलट फेरबदल के पक्ष में हैं। अब 2023 के विधानसभा चुनाव में सियासी फायदे को देखकर ही चेहरों को शामिल करने पर फोकस रहेगा।

दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और कोर वोट बैंक से जुड़े नेताओं को तरजीह मिलेगी
मंत्रिमंडल में कांग्रेस के कोर वोट बैंक से जुड़े वर्गों के ​विधायकों को शामिल करने पर फोकस रह सकता है। दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक जैसे कांग्रेस के कोर वोट बैंक माने जाने वाले वर्गों के नेताओं को जगह मिलेगी। मास्टर भंवरलाल के निधन के बाद फिलहाल एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। इसलिए दलित समुदाय से नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। मेवाड़ और आदिवासी क्षेत्र से भी दो नेताओं को मौका मिल सकता है। अब तक जिन वर्गों को जगह नहीं मिली है, उनके नेताओं को भी मंत्री बनाकर राजनीतिक नियुक्ति देकर संतुष्ट करने पर फोकस रहेगा।

पायलट समर्थकों को मिलेगा मौका
सचिन पायलट समर्थक 3 से 4 नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। हालांकि फाइनल संख्या शेयरिंग फॉर्मूले से कम ज्यादा हो सकती है। गहलोत समर्थक निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को भागीदारी देने का फॉर्मूला तय होना है। मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों के बाद सचिन पायलट को संगठन में पद देने का फैसला होगा।

सियासी फायदे के आधार पर ही मिलेगी जगह
मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों में जिन चेहरों को जगह मिलेगी, उनमें अब सियासी फायदे का गणित प्रमुख रहेगा। कांग्रेस के लिए फील्ड में वोट बटोरने की क्षमता वाले नेताओं को मौका मिलेगा।

अगले सप्ताह तक मंत्रिमंडल पर फैसले की संभावना
मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों पर अभी दिल्ली में मंथन जारी है। मंत्रिमंडल में शामिल करने और हटाए जाने वाले चेहरों की लिस्ट तैयार कर कांग्रेस हाईकमान सीएम को भेजेगा। मंत्रियों के चेहरों और विभागों पर एक साथ फैसला होगा। मंत्रिमंडल के साथ राजनीतिक नियुक्तियों पर भरी मंथन चल रहा है।

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