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  • The Union Health Ministry Said, If The Third Wave Is To Be Avoided, Then The Crowd On Muharram, Onam, Janmashtami, Durga Puja Will Have To Be Stopped; Instructions To Increase Testing And Tracing

राज्य सरकार को तीसरी लहर का अलर्ट:केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- थर्ड वेव से बचना है तो मोहर्रम, ओणम, जन्माष्टमी, दुर्गापूजा पर भीड़ रोकनी होगी; टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने के भी निर्देश

जयपुरएक वर्ष पहले

केन्द्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों और हेल्थ सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट भेजा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य को एक पत्र लिखकर कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगस्त और सितंबर में आने वाले त्यौहारों पर भीड़ को कंट्रोल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि अगर इन त्यौहारों पर सामूहिक भीड़ जुटी तो यह कोरोना की तीसरी लहर के लिए सुपर स्प्रेडर साबित हो सकती है।

केन्द्रीय सचिव ने चिट्‌ठी में बताया कि पिछले दिनों इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने चेतावनी जारी की है कि कोरोना की तीसरी लहर अगस्त-सितम्बर में आ सकती है। कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह केस बढ़े और उन्हें अब कंट्रोल किया गया है, यह आगे भी जारी रहे। भले ही डेली नए केसों की संख्या यह बता रही हो कि देश में कोरोना कम हो रहा है, लेकिन फिर भी कुछ राज्यों में बढ़ती नई केसों की संख्या और संक्रमण की दर बढ़ रही है। ऐसे में सभी सावधानियां और कोविड एप्रोपिएट बिहेवियर का पालन करते हुए तीसरी लहर को कंट्रोल करना है।

इन दिनों भीड़ न जुटाने की सलाह
केन्द्रीय सचिव ने अपने पत्र में कहा कि इस माह 19 अगस्त को मोहर्रम, 21 अगस्त को ओणम, 30 अगस्त को जन्माष्टमी, 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी और 5 से 15 अक्टूबर तक नवरात्री है। त्योहारों में ज्यादा भीड़ जुटेगी। ये कोरोना की तीसरी लहर को लाने और सुपर स्प्रेडर साबित हो सकती है। इसके लिए राज्य सरकार कोई ठोस कदम उठाए।

टेस्टिंग और ट्रेसिंग के साथ वैक्सीनेशन बढ़ाने के निर्देश
केन्द्रीय सचिव ने राज्य सरकार को कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने और नए संक्रमित मिलने पर उसकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अच्छे से करने के निर्देश दिए हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए कहा है। जिससे कि लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बन सके।

राजस्थान में 45 फीसदी कम हो गई है टेस्टिंग
विशेषज्ञ और केन्द्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां कोरोना की टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। वहीं राज्य में कोरोना की टेस्टिंग कम हो गई है। राज्य में मई की तुलना में जुलाई में 45 फीसदी जांचें कम कर दी गई हैं। राजस्थान में अभी हर रोज औसतन 34,397 जांचें हो रही हैं, जबकि मई में हर रोज औसतन 62,143 जांच प्रतिदिन हो रही थीं। वहीं जून में हर रोज औसतन 42,575 जांचें हर रोज हो रही थीं। राजस्थान में हर रोज कोरोना की टेस्टिंग (RTPCR) की क्षमता 1 से 1.20 लाख की है।

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