• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • There Is Also An Option To Shut Down Only Social Media, But The Government Covers The Entire Internet.

इंटरनेट बंदी में देश में दूसरे नंबर पर राजस्थान:प्रदेश के लोगों को इंटरनेट बंद की सजा क्यों? MP दंगों में 1 मिनट बंद नहीं हुआ

जयपुर5 महीने पहलेलेखक: विक्रम सिंह सोलंकी

राजस्थान में किसी भी समस्या से निपटने का सरकार और प्रशासन के पास एक ही तरीका है- इंटरनेट बंदी। चाहे एग्जाम में नकल रोकनी हो या हालात बिगड़ने पर अफवाह...तुरंत इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी कर दिया जाता है।

'LKG के एग्जाम हैं, इस वजह से आपके इलाके में इंटरनेट बंद रहेगा।'
'राजस्थान में तीन चीजें कभी भी जा सकती हैं, बिजली-पानी और इंटरनेट।'

ये वो मीम्स हैं, जो राजस्थान में कई बार वायरल हो चुके हैं। इसकी वजह भी है- इंटरनेट बंद के मामले में राजस्थान सबसे संवेदनशील जम्मू-कश्मीर के बाद दूसरे नंबर पर है।

पहले करौली, फिर जोधपुर और गुरुवार को भीलवाड़ा में माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए इंटरनेट बंद कर दिया गया। क्या सभी राज्य माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए इंटरनेट बंद करते हैं? इस सवाल का जवाब है नहीं। हाल ही में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के खरगोन में 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान दंगा भड़का। वहां तीन दिन कर्फ्यू रहा। इसके बाद ईद पर भी कर्फ्यू लगाया, लेकिन एक भी दिन इंटरनेट बंद नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट ने भी अति आवश्यक परिस्थितियों में ही नेटबंदी के आदेश दे रखे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन ने इंटरनेट बंद करने काे अधिकार बना लिया है। पिछले 30 दिनों के दौरान ही 3 जिलों में इंटरनेट बंद किया जा चुका है। इससे पहले 30 दिनों के अंतराल में रीट, पटवारी और आरएएस के एग्जाम में भी 4 बार इंटरनेट बंद कर दिया था।

इस रिपोर्ट में पढ़िए सरकार ने इंटरनेट बंदी को कैसे हर प्रॉब्लम का एकमात्र सॉल्यूशन बना लिया। साथ ही एक्सपर्ट से जानिए इस प्रॉब्लम का एक्चुअल सॉल्यूशन क्या है...

राजस्थान में 82 बार बंद हुआ इंटरनेट
10 साल के दौरान जयपुर में 16, सीकर में 16, उदयपुर में 12, भीलवाड़ा में 10, भरतपुर में 9, बीकानेर में 9, करौली में 9, झुंझुनूं में 7, सवाई माधोपुर में 7, गंगानगर में 6, राजसमंद में 6, बूंदी में 6, जोधपुर में 6, जालोर में 6, हनुमानगढ़ में 6, टोंक में 6, सिरोही में 5, बारां में 5, डूंगरपुर में 5 बार इंटरनेट बंद किया गया। इसी तरह नागौर में 5, दौसा में 5, बांसवाड़ा में 5, चूरू में 5, चितौडगढ़ में 5, बाडमेर में 5, जैसलमेर में 5, अजमेर में 5, अलवर में 5, पाली में 4, धौलपुर में 4, झालावाड़ में 4, प्रतापगढ़ में 4, कोटा में 4 बार इंटरनेट बंद किया गया।

परीक्षा में 5 दिन रहा इंटरनेट बंद
पिछले साल सरकार ने इंटरनेट बंदी को लेकर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। परीक्षा के लिए 5 दिन इंटरनेट बंद किया। रीट परीक्षा में 26 सितंबर को नेटबंदी की गई। इसके बाद 23 व 24 अक्टूबर को भी पटवारी परीक्षा में इंटरनेट बंद कर दिया गया। 27 अक्टूबर को आरएएस-प्री एग्जाम में भी इंटरनेट बंद कर दिया था। चिंतानजक यह है कि इंटरनेट बंद करने के बावजूद सरकार पेपर लीक और नकल नहीं रोक पाई।

इंटरनेट बंद पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने भी इंटरनेट बंद किए जाने पर जम्मू कश्मीर से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि आज के समय में इंटरनेट लोगों के मौलिक अधिकारों में शामिल हो गया है। इंटरनेट को बिना किसी वजह के बंद नहीं किया जा सकता है। नेट बंद होने से डेबिट, क्रेडिट कार्ड भुगतान सिस्टम, ई वॉलेट ट्रांजेक्शन, मूवी टिकट बुकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन टैक्सी सर्विस, ऑनलाइन होम डिलीवरी जैसे जुड़े कारोबार ठप हो जाते हैं।

इसके अलावा ऑनलाइन फूड ऑर्डर, पानी-बिजली आदि के बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, होटल बुकिंग, फ्लाइट बुकिंग, रेल यात्रा बुकिंग, कार्ड स्वाइप मशीन, ऑनलाइन मॉन्यूमेंट बुकिंग, मनी ट्रांसफर समेत अन्य सेवाओं में दिक्कत होती है। अरबों रुपए का कारोबार भी प्रभावित होता है।

इंटरनेट बंद के अलावा भी अफवाहें रोकने के 3 तरीके
बंद कर सकते हैं सोशल मीडिया प्लेटफार्म :
इंटरनेट का हर जिले में राउटर्स सेटअप होता है। यहां से आसानी से राउटर्स सेटअप करके टेलीग्राम, वॉट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल साइट्स को ब्लॉक कर सकते हैं। लेकिन इसके बजाय सरकार पूरा मोबाइल नेटवर्क ही बंद कर देती है। एक्सेस कंट्रोल लिस्ट से केवल सोशल साइट्स को ही ब्लॉक कर परेशानी खत्म हो सकती है।

ब्लॉक कर सकते हैं की-वड्‌र्स : हर वेबसाइट के अलग-अलग की-वड्‌र्स होते हैं। आउटर एंड पर जाकर आपत्तिजनक की-वड्‌र्स को ब्लॉक कर सकते हैं। एक्सेस कंट्रोल करके कौन सा कंटेट जाना है और कौन सा नहीं, ये पूरी तरह तय किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें:
जोधपुर दंगा, 20 गिरफ्तार:गले मिलकर खाई शांति की सौगंध, उपद्रव के तीसरे दिन कर्फ्यू के बीच हालात सामान्य

जोधपुर में दंगाइयों ने पहले मोहल्लों में रेकी की:एक हाथ में तेजाब, दूसरे में सरिया, दोनों पक्ष बोले- दंगाई बाहर से आए थे

राजस्थान के दंगों पर CM की खुली चुनौती:गहलोत बोले- 7 राज्यों में दंगे हुए फिर बुलडोजर चले, दम हो तो गृहमंत्री जांच कमेटी बनाएं

जोधपुर हिंसा पर राज्यपाल ने DGP से की बात:दोषियों के खिलाफ करें सख्त कार्रवाई, माहौल बिगाड़ने वाली ताकतें बर्दाश्त नहीं