12 दिसम्बर को कांग्रेस का दिल्ली चलो का नारा:महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ होगी महारैली,गहलोत ने रखी 3 मांगें

जयपुरएक वर्ष पहले
सीएम अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा।

देश में महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी 12 दिसम्बर को दिल्ली में बड़ी रैली करने जा रही है। जिसे महारैली का नाम दिया है। राजस्थान से कांग्रेस ने 40 से 50 हजार कार्यकर्ताओं को दिल्ली चलो का नारा दिया है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री गहलोत ने 3 मांगें केन्द्र सरकार से रखी हैं। जिनमें पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाने,राज्यों का एक्साइज ड्यूटी में हिस्सा बढ़ाने, जीएसटी के पैसों की रिफिलिंग जल्द करने,जीएसटी रिफिलिंग का पैसा राज्यों को 2022 की बजाय 2027 तक बढ़ाने, केन्द्र और राज्यों के जॉइंट प्रोजेक्ट्स में केन्द्र की फंडिंग बढ़ाकर पुराने पैटर्न पर करने की मांगें इनमें शामिल हैं।

12 दिसम्बर को राजस्थान से दिल्ली जाएंगे कार्यकर्ता

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा महंगाई और बेरोजगारी आज दो बड़ी समस्याएं हैं। जिनकी बातें केन्द्र सरकार नहीं कर रही है।इसलिए दिल्ली में 12 दिसम्बर को कांग्रेस केन्द्र की नीतियों के खिलाफ रैली करने जा रही है। यह पब्लिक इंट्रेस्ट का इश्यू है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस नेताओं,कार्यकर्ताओं और जनता को दिल्ली रैली में पहुंचने की अपील की। गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार की जो स्कीमें बनती हैं, उसमें केन्द्र और राज्य के बीच फंडिंग के पैटर्न में भारत सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। कर्जे लेकर राज्य सरकारें देशभर में अपने खर्चे चला रही हैं, यह नहीं होना चाहिए। जो स्कीमें बनती हैं, उन्हें राज्य ही इम्प्लीमेंट करते हैं। इसलिए केन्द्र सरकार राज्यों को मजबूत करेगी तो यह नौबत नहीं आएगी।

5 राज्यों में चुनाव के कारण पेट्रोलियम की बढ़ती रेट रोकीं

गहलोत ने कहा पेट्रोल-डीजल की रेट बढ़ने से महंगाई बढ़ रही है। 5 राज्यों में चुनाव हैं। इसलिए केन्द्र सरकार ने फिलहाल पेट्रोलियम की रोजाना बढ़ने वाली रेट्स पर रोक लगाई है। जब चुनाव के दौरान केन्द्र सरकार रोक लगा सकती है, तो पेट्रोलियम कम्पनियों को अनुदान देकर परमानेंट कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक क्यों नहीं लगा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया भारत सरकार ने एक्साइज ड्यूटी के केन्द्र और राज्य के बीच बंटवारे को कमजोर कर दिया। अब राज्य को बहुत कम पैसा केन्द्र से मिल रहा है।

प्रधानमंत्री पर निशाना

गहलोत ने कहा कि मजबूरी में 3 कृषि कानून देश से माफी मांगते हुए केन्द्र सरकार को वापस लेने पड़े। केन्द्र के लोग पब्लिक का मूड देखकर घबराए हुए हैं। राजस्थान समेत कई राज्यों में हुए उप चुनाव में हार और जमानतें जब्त होने से बीजेपी घबराई हुई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के राज्य हिमाचल में ही 4 सीटें पार्टी हार गई। राजस्थान में विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार हुई और पार्टी कैंडिडेट तीसरे-चौथे नम्बर पर चले गए। पूरे देश में यही चर्चा है। भगवान करे कि केन्द्र सरकार के लोग जनता के भले के लिए घबराए हुए ही रहें।

अमित शाह से ईस्टर्न राजस्थान कैनाल की मांग

अमित शाह के 5 दिसम्बर को जयपुर दौरे पर मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल के लिए जयपुर में वादा किया था। अजमेर में भी वादा किया था। वसुंधरा राजे के पिछले राज में ही यह योजना बनी थी। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने परीक्षण करवाकर करवाकर ईस्टर्न राजस्थान कैनाल को राष्ट्रीय परियोजना बनाने का ऐलान किया था। राजस्थान के 13 जिलों को इससे पानी मिलेगा। इतनी बड़ी योजना को हाथ में लेने में केन्द्र को क्या तकलीफ है। जबकि पहले से 16 ऐसी योजनाएं देश में चल रही हैं।

गहलोत की दो बार फिसली जुबान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दो बार जुबान की फिसल गई। प्रेसवार्ता के दौरान पीसीसी चीफ और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा को गहलोत ने शिक्षा मंत्री बोल दिया। गहलोत ने उनके कार्यकाल की तारीफ करते हुए उन्हें चैम्पियन भी बताया। साथ ही शिक्षकों के सम्मेलन में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने पर सफाई देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार तो सभी जगह है। एसीबी उसके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

डोटासरा बोले 40-50 हजार कार्यकर्ता जाएंगे दिल्ली

राजस्थान पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता राहुल गांधी ने 12 दिसम्बर को दिल्ली में केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ महारैली का आह्वान किया है। जिसमें राजस्थान से 40 से 50 हजार कार्यकर्ता जाएंगे। यह देश का बड़ा मुद्दा है। महंगाई और बेरोजगारी से आम आदमी परेशान है।

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