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राजस्थान रोडवेज को सरकारी विभाग बनाने की कवायद तेज:RSRTC के हजारों कर्मचारी और पेंशनर्स को होगा फायदा, परिवहन मंत्री खाचरियावास बोले- रोडवेज है राजस्थान की लाइफलाइन

जयपुर9 महीने पहले
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राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम - Dainik Bhaskar
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम

राजस्थान की लाइफलाइन माने जाने वाले ‘राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम’ और उसके हज़ारों कर्मचारियों, पेंशनर्स के दिन फिरने वाले हैं। राज्य सरकार में मुख्यमंत्री स्तर पर रोडवेज़ को कॉर्पोरेशन से सरकारी विभाग में तब्दील करने की प्रक्रिया ने ज़ोर पकड़ लिया है। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की मुख्यमंत्री को चिट्ठी के बाद रोडवेज़ के सीएमडी संदीप वर्मा ने भी परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव अबय कुमार को पत्र लिखा दिया है।

पत्र में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम का राज्य सरकार में विलय करने के लिए सैद्धांतिक सहमति देने मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि परिवहन मंत्री ने राजस्थान रोडवेज़ को राज्य सरकार के राजकीय विभाग के रूप में विलय करना प्रस्तावित किया है। इस संदर्भ में परिवहन विभाग की सैद्धांतिक रूप से सहमति दी जाए। डिटेल प्रस्ताव तैयार कर राजस्थान रोडवेज़ के निदेशक मण्डल के समक्ष प्रस्ताव को पारित कर रोड ट्रांसपोर्ट एक्ट के तहत राज्य सरकार की औपचारिक अनुमति के लिए प्रस्ताव पेश किया जा सके। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि रोडवेज़ को रिवाइव करने के लिहाज से ज़रूरी है कि यह विभाग बन जाए।

इससे रोडवेज़ कर्मचारियों को सारे अधिकार और सुविधाएं मिल सकेंगे। राज्य सरकार के कर्मचारियों को जो भी सुविधाएं मिलती हैं, वो सभी रोडवेज़ में भी मिलने लगेंगी। रोडवेज़ की आर्थिक स्थिति भी ठीक होगी। अन्य सरकारी विभागों में समय पर जो कार्य होते हैं,वही कार्य समयबद्ध रूप से रोडवेज़ में भी होने लग जाएंगे। मंत्री खाचरियावास ने कहा मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई है। रोडवेज़ राजस्थान की लाइफलाइन है। इसीलिए मैंने यह विचार किया है कि जो बेस्ट पॉसिबल होगा, हम वो करेंगे।

खाचरियावास ने जताई चिंदा

खाचरियावास ने चिंता जताते हुए कहा कि रोडवेज़ के हज़ारों कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन का पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसे लेकर बहुत चिन्तित हैं। राज्य सरकार जब 450 या 473 करोड़ रुपये एक साथ देगी, तो रोडवेज़ के 4000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान हो जाएगा। अभी रोडवेज़ कॉर्पोरेशन है। मेरा मानना है कि जितनी भी कर्मचारियों की मांगें और जनता की समस्याएं हैं। उन्हें दुरूस्त करने के लिए यह ज़रूरी है कि इसे कॉर्पोरेशन से सरकारी विभाग बना दिया जाए। अभी रोडवेज़ कॉर्पोरेशन के रूप में वहीं के वहीं घूम रहा है। सरकार और मंत्री का नियंत्रण तब होता, जब वह विभाग होता। इससे अधिकारियों-कर्मचारियों में भी डर होता। यदि रोडवेज़ में कोई करप्शन है, तो वह रुकना चाहिए। कहीं गड़बड़ी है, तो वो भी रुके।

कर्मचारियों की 7वें वेतनमान की मांग भी है। ये सब काम तभी पूरे होंगे, जब रोडवेज़ राज्य सरकार का विभाग बनेगी। आज रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन तक नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन हमारी सोच पॉज़िटिव है। खाचरियावास ने कहा मेरी मुख्यमंत्री से लगातार बात हो रही है। मुख्यमंत्री को मैंने पत्र भी लिखा है। राजस्थान ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फंड- आरटीआईडीएफ का ज्यादा पैसा हमें मिलना चाहिए। अभी उसका पैसा यूडीएच विभाग में चला जाता है, उसके लिए भी मुख्यमंत्री से बात की है। 50 फीसदी पैसा सरकार हमें दे, तो हम रोडवेज़ को ठीक से चला पाएंगे। मैं चाहता हूँ,रोडवेज़ के बेड़े में और भी नई बसें खरीदी जाएं।

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