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  • Two and a half Years Ago, ACB Trapped Taking A Bribe Of Four Lakhs, Made The Same Officer A Special Assistant To Minister Gudha.

रिश्वत लेने वाले अफसर बने मंत्री के स्पेशल असिस्टेंट:दो साल पहले एसीबी ने 4 लाख लेते ट्रैप किया, अब गुढ़ा का विशिष्ट सहायक बनाया

जयपुर6 महीने पहले
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और बंशीधर कुमावत (फाइल फोटो)

राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल फेरबदल के करीब डेढ़ महीने बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव बंशीधर कुमावत को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा का विशिष्ट सहायक नियुक्त किया है। बंशीधर कुमावत को आज से करीब दो साल पहले 4 सितंबर 2019 को एसीबी ने दलाल के जरिए चार लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

ऐसे अफसर को मंत्री गुढ़ा के विशिष्ट सहायक के पद पर पोस्टिंग देते ही प्रशासनिक और ​राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दागी अफसर को मंत्री के विशिष्ट सहायक के पद पर जिम्मेदारी देने पर कई कारणों से सवाल उठाए जा रहे हैं। अब तक दागी अफसरों को मंत्रियों के विशिष्ट सचिव पद पर पोस्टिंग नहीं देते थे।

बंशीधर कुमावत को खान विभाग में संयुक्त सचिव रहते हुए एसीबी ने 4 सितंबर 2019 को चार लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया था। इसके बाद कुमावत को सस्पेंड कर दिया गया था। सितंबर 2019 में बंशीधर कुमावत सस्पेंड हुए। अक्टूबर 2020 में उन्हें बहाल कर दिया। 5 जनवरी 2021 तक एपीओ रहने के बाद 6 जनवरी 2021 से अल्पंख्संख्यक विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर रहे।

17 प्लॉट-दुकान के दस्तावेज मिले थे
जिस समय कुमावत ट्रैप हुए थे, उस समय एसीबी को उनके घर की तलाशी में करोड़ों की जमीन में निवेश के दस्तावेज मिले। बंशीधर कुमावत के घर पर 17 प्लॉट-दुकान और 18 बीघा जमीन के दस्तावेज मिले थे। जयपुर, अजमेर, किशनगढ़ रेनवाल में 6 प्लॉट और मकानों के दस्तावेज, कुमावत की पत्नी के नाम अजमेर में 2 प्लॉट, किशनगढ़, अजमेर, नाथद्वारा और जयपुर में 9 प्लॉट और दो दुकान के दस्तावेज मिले थे।

बंशीधर कुमावत कांग्रेस के 2008 से 2013 के राज के दौरान ससंदीय सचिव ब्रहृदेव कुमावत के दो बार विशिष्ट सहायक रहे थे। पहले जनवरी 2009 से अगस्त 2012 तक विशिष्ट सहायक रहे, फिर जेडीए में छह महीने डिप्टी कमिश्नर रहने के बाद दोबारा ससंदीय सचिव के विशिष्ट सहायक का पद संभाल लिया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के कई बार बयान दे चुके हैं। इन दावों के बावजूद दागी अफसरों को सरकार में अहम पद भी दिए जा रहे हैं। बंशीधर कुमावत अकेले अफसर नहीं हैं, जिन्हें दागदार रिकॉर्ड के बावजूद अहम पोस्टिंग दी गई है। आरएसएलडीसी घूसकांड में एसीबी में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आईएएस नीरज के पवन को हाल ही बीकानेर संभागीय आयुक्त जैसे पद पर पोस्टिंग दी है। इसके अलावा भी दागदार रिकॉर्ड वाले अफसरों को अच्छी पोस्टिंग मिली हुई है।

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