डूंगरपुर में हादसा / पानी में बैठी भैंसों को निकालने तालाब में उतरे तीन भाई-बहनों की डूबने से मौत

डूंगरपुर। रामगढ़ गांव स्थित जाम्बुखण्ड तालाब में डूबने से तीन चचेरे भाई-बहनों की मौत हो गई। तीनों को तालाब से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डूंगरपुर। रामगढ़ गांव स्थित जाम्बुखण्ड तालाब में डूबने से तीन चचेरे भाई-बहनों की मौत हो गई। तीनों को तालाब से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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डूंगरपुर। रामगढ़ गांव स्थित जाम्बुखण्ड तालाब में डूबने से तीन चचेरे भाई-बहनों की मौत हो गई। तीनों को तालाब से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।डूंगरपुर। रामगढ़ गांव स्थित जाम्बुखण्ड तालाब में डूबने से तीन चचेरे भाई-बहनों की मौत हो गई। तीनों को तालाब से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • रामगढ़ गांव की घटना, भैंसों की तलाश में निकले थे, घर पहुंचे शव

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 03:55 PM IST

डूंगरपुर. (सिद्धार्थ शाह)। डूंगरपुर जिले के दोवडा थाना क्षेत्र के केरमाल गांव स्थित जाम्बुखण्ड तालाब (काठडी तालाब) में बुधवार को डूबने से तीन दो लड़कियों से सहित तीन बच्चों की मृत्यु हो गई। तीनों आपस में चचेरे भाई-बहन थे और पानी में नहा रही भेंसों को निकालने के लिए तालाब में उतरे थे। तीनों के शव ग्रामीणों ने तालाब से निकाले। हादसे से तीनों के परिवार में मातम छा गया। 

12 वर्षीय सपना पारगी, 13 वर्षीय ललित पारगी और 14 वर्षीय आशा पारगी आपस में चचेरे भाई-बहन हैं। तीनों अपनी भैँसों को ढूंढने निकले थे। उन्होंने देखा कि भैंसें तालाब में बैठी थीं। तीनों बच्चे भेंसों को निकालने के लिए पानी में उतरे तथा गहरे पानी तक चले गए और डूबने लगे। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में ही बकरिया चरा रही पायल ने चिल्लाकर आस-पास के लोगों को बुलाया। आस-पास के ग्रामीण दौड़ पड़े और थोड़ी देर बाद बच्चो को पानी से निकालकर रामगढ अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। 

इधर, 3 बच्चों की मौत की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल की और पहुंचे। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपति महावर, उपाधीक्षक प्रभातीलाल और दोवड थानाधिकारी सुरेन्द्र सोलंकी भी अस्पताल पहुंचे। परिजनों से रिपोर्ट लेने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौप दिए साथ ही घटना स्थल का मौका मुआयना भी किया।

ग्रामीणों को बुलाने वाली बच्ची के पिता भी यहीं डूबे थे
जब तीनों बच्चे तालाब में डूब रहे थे तो पास में मौजूद सपना ने ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। यह इत्तफाक ही है कि पायल के पिता शांतिलाल पारगी की भी दो साल पहले इसी तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। सुखलाल का शव गोताखोरों ने निकाला था।  

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