चिंतन शिविर में आज बड़े 6 फैसलों का दिन:एक परिवार, एक टिकट और 5 साल बाद पद छोड़ने पर होगा फैसला

जयपुर8 दिन पहलेलेखक: समीर शर्मा

कांग्रेस चिंतन शिविर (नव संकल्प शिविर) में रविवार को पार्टी की ओर से बड़े-बड़े फैसले लेने का दिन है। तीसरे दिन और अंतिम दिन CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) की बैठक में 6 कमेटियों की ओर से प्रस्ताव रखे जाएंगे। इन पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी की अध्यक्षता और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी की उपस्थिति में होगा। शिविर में सभी कमेटियों ने 400 से अधिक नेताओं के सामने अपने प्रस्तावों को लेकर प्रेजेंटेशन दिया। अलग-अलग सत्रों में हुई इस सामूहिक चर्चा में सभी नेता शामिल हुए।

इन सभी कमेटियों के संयोजकों ने शनिवार देर रात एक बैठक की और अपने-अपने प्रस्तावों का एक सामूहिक ड्राफ्ट तैयार किया। ड्राफ्ट सोनिया गांधी को रविवार सुबह सौंप दिया गया। CWC की बैठक से ठीक पहले सोनिया गांधी और राहुल गांधी शिविर को संबोधित करेंगे और इसके बाद ड्राफ्ट को लेकर निष्कर्ष निकाले जाएंगे। इन निष्कर्षों के आधार पर ड्राफ्ट को पुख्ता तौर पर अंतिम रूप देकर CWC की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद इस बैठक में फाइनल ड्राफ्ट के बिन्दुओं पर अंतिम फैसला किया जाएगा, जो पार्टी लागू करेगी। पार्टी के ये फैसले लोकसभा चुनाव 2024 और इससे पहले राजस्थान, गुजरात सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों पर प्रभाव डालेंगे।

6 कमेटियों के साथ मंथन के बाद इन फैसलों पर हैं सभी की नजरें...

चिंतन शिविर में फैसलों को लेकर पहले बता दिया था कि संगठन में टॉप टू बॉटम बदलाव होने हैं। सभी कमेटियों के संयोजकों ने शनिवार देर रात एक बैठक की और अपने-अपने प्रस्तावों का एक सामूहिक ड्राफ्ट तैयार किया। ड्राफ्ट सोनिया गांधी को रविवार सुबह सौंप दिया गया।
चिंतन शिविर में फैसलों को लेकर पहले बता दिया था कि संगठन में टॉप टू बॉटम बदलाव होने हैं। सभी कमेटियों के संयोजकों ने शनिवार देर रात एक बैठक की और अपने-अपने प्रस्तावों का एक सामूहिक ड्राफ्ट तैयार किया। ड्राफ्ट सोनिया गांधी को रविवार सुबह सौंप दिया गया।

फैसला नंबर 1 - संगठन के दो मुद्दों को लेकर
एक परिवार से एक को टिकट और 5 साल बाद पद छोड़ना
संगठन को लेकर दो बड़े बदलाव प्रस्ताव में रखे जाएंगे, जिनकी चर्चा अभी पूरे देश में है। पहला, एक परिवार से एक व्यक्ति को टिकट और दूसरा, पांच साल तक पद पर रहने के बाद अगले तीन साल का कूलिंग समय। परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही भाजपा के निशाने पर रही है। वहीं, एक पद पर लम्बे समय पर रहने से अन्य कार्यकर्ता-नेता पार्टी में आगे नहीं बढ़ पाते। इन फैसलों पर अगर रविवार को अंतिम मुहर लग गई और सही मायने में पार्टी ने इसे लागू किया, तो यह बड़ा बदलाव ही कहा जाएगा। इससे पार्टी में शीर्ष नेतृत्व से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बढ़ेगा।
फैसला नंबर 2- सामाजिक न्याय को लेकर
एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यक और महिलाओं को आरक्षण
कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी जातियों, वर्गों, महिलाओं को आरक्षण के जरिए उचित प्रतिनिधित्व देने को लेकर भी फैसला होना है। सीडब्ल्यूसी की बैठक में रखे जाने वाले प्रस्ताव में ब्लॉक से लेकर कांग्रेस कार्यसमिति स्तर की कमेटियों में एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग और महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की बात भी है।

चिंतन शिविर के दौरान सोनिया गांधी के साथ डिनर करते सीएम अशोक गहलोत।
चिंतन शिविर के दौरान सोनिया गांधी के साथ डिनर करते सीएम अशोक गहलोत।

फैसला नंबर 3 - राजनीति को लेकर
पहले खुद की जोर आजमाइश, फिर गठबंधन पर फैसले
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले राज्यों के चुनावों में पार्टी अपने दम-खम को परखेगी। यदि अकेले प्रदर्शन को लेकर कुछ शक रहा, तो पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने के फैसले करेगी। यह प्रस्ताव भी सीडब्ल्यूसी की बैठक में रखा जाएगा, जिस पर अंतिम फैसला किया जाएगा।
फैसला नंबर 4 - अर्थव्यवस्था को लेकर
आर्थिक नीतियों में बदलाव और उदारीकरण की जरूरतें
कांग्रेस हमेशा से ही केंद्र की मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को निशाना बनाती आई है। पार्टी महंगाई को भी लगातार मुद्दा बनाए रखना चाहती है। ऐसे में बैठक में प्रस्ताव लाकर बताया जाएगा कि देश के वर्तमान हालात को देखते हुए आर्थिक नीतियों में बदलाव होना चाहिए और उदारीकरण को फिर से लाने की जरूरत है।

इसी शिविर में यह तय होगा कि राहुल गांधी देशभर में यात्रा करेंगे।
इसी शिविर में यह तय होगा कि राहुल गांधी देशभर में यात्रा करेंगे।

फैसला नंबर 5 - कृषि और किसान को लेकर
सीडब्ल्यूसी की बैठक में देश में संपूर्ण कर्ज माफी की व्यवस्था लागू करने और एमएसपी का कानून बनाने के बिन्दु पर भी फैसला किया जाएगा। कांग्रेस ने लगातार भाजपा पर किसान विरोधी होने के आरोप लगाए हैं। राजनीति में कृषि और किसान हमेशा से ही बड़े मुद्दे रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के केंद्र सरकार के वादे पर भी कांग्रेस हमेशा से ही हमलावर रही है।

फैसला नंबर 6 - युवाओं को लेकर
कांग्रेस ने अपने चिंतन शिविर से पहले ही युवा नेताओं को मौका देने की बात कही थी, जिस पर अब तक बार-बार नेता बोल भी रहे हैं। कांग्रेस देश की 55 फीसदी युवा आबादी को बेरोजगारी सहित विभिन्न मुद्दों के प्रति जागरूक कर अपने पक्ष में करने का प्रयास करेगी। प्रस्ताव में शामिल किया गया है कि युवाओं को ब्लॉक स्तर से ही पार्टी में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

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