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वसुंधरा बोलीं-राज्य सरकार की शह पर अपराधियों के हौसले बुलंद:गजेन्द्र सिंह ने कहा-अब कांग्रेस के अंतिम किले-राजस्थान और छत्तीसगढ़ का ढहना तय

जयपुर3 महीने पहले
वसुंधरा बोलीं-राज्य सरकार की शह पर अपराधियों के हौसले बुलंद - Dainik Bhaskar
वसुंधरा बोलीं-राज्य सरकार की शह पर अपराधियों के हौसले बुलंद

पूर्व CM वसुंधरा राजे और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रदेश की गहलोत सरकार की शह को उदयपुर में टेलर के नृशंस हत्याकांड का कारण बताया है। वसुंधरा राजे ने कहा- उदयपुर में एक निर्दोष युवक की दिन दहाड़े निर्मम हत्या से स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार की शह के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और प्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद और हिंसा के हालात पैदा हो गए हैं। अपराधी इतने बैखोफ हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर हिंसक बयान दिया है। राजे ने कहा घटना में शामिल सभी अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और कड़ी सजा मिले। इस घटना के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन्हें भी राज्य सरकार बेनकाब कर गिरफ्तार करे।

अब कांग्रेस के अंतिम किले-राजस्थान और छत्तीसगढ़ का ढहना तय

केन्द्र की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा- मुख्यमंत्री गहलोत की तुष्टीकरण की राजनीति ने एक निर्दोष की जान ले ली है। अगर इस बार भी अपराधियों को बख्श दिया गया तो अगले साल जनता आपका हिसाब करने के लिए तैयार बैठी है। देश से तो कांग्रेस का सफाया हो चुका है। अब उसके अंतिम किले राजस्थान और छत्तीसगढ़ का ढहना तय है।

उदयपुर में कांग्रेस चिन्तन शिविर में BJP-RSS को कोसने में लगी रही

शेखावत ने कहा कि उदयपुर में निर्दोष नागरिक कन्हैयालाल तेली की बर्बरता से हत्या की गई है, वहां कुछ दिनों पहले कांग्रेस पार्टी ने ‘चिंतन’ किया था। ‘चिंतन’ पार्टी की गिरती दशा पर करना था, लेकिन कांग्रेस पार्टी अपने जाने-पहचाने एजेंडे बीजेपी-RSS को कोसने में लगी रही, क्योंकि उसे ‘चिंतन’ नहीं एक वर्ग विशेष को खुश करना था। इसी तुष्टीकरण की राजनीति को राजस्थान के मुखिया अशोक गहलोत आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके घातक परिणाम प्रदेश और देश की जनता देख रही हैं। उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल तेली की हत्या भी इसी तुष्टीकरण की राजनीति का घातक नतीजा है।

उन्होंने सवाल खड़े किए- क्या कारण रहे कि कन्हैयालाल तेली की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जबकि उन्होंने पुलिस को आरोपियों के मोबाइल नंबर मुहैया कराए थे। धमकियों के चलते अपनी दुकान तक बंद रखी, पर पुलिस सोती रही। शेखावत ने कहा कि सरकार की ऐसी ही नाकामी करौली, जोधपुर, धौलपुर, भीलवाड़ा जैसे शहरों में जनता देख चुकी है। कैसे करौली में रामनवमी की शांतिपूर्ण शोभायात्रा पर हमला हुआ? कैसे जोधपुर में एकतरफा उपद्रव मचाया गया? करौली में PFI और दूसरे संगठनों के साथ कुछ सूत्र जुड़ते हुए पाए गए थे, लेकिन राजस्थान सरकार इस पर आज भी मौन है। करौली और जोधपुर में उपद्रव के दोषी तो साफ-साफ पहचाने गए, लेकिन एक वर्ग विशेष कांग्रेस पार्टी और गहलोत सरकार से नाराज न हो जाए, इसलिए पुलिस के हाथ बांध दिए गए।

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