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ट्रेड लाइसेंस पर जयपुर में सियासी बवाल:धारीवाल बोले- सरकार ने ट्रेड लाइसेंस के लिए ग्रेटर नगर निगम को नहीं दी स्वीकृति; डिप्टी मेयर ने कहा- झूठ बोल रहे हैं मंत्री

जयपुरएक महीने पहले
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर झूठ बोलने के आरोप।

जयपुर में ट्रेड लाइसेंस पर रोक लगाने और सरकार की ओर से यू-टर्न लेने के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। लाइसेंस लागू करने और फिर इस पर रोक लगाने के तरीकों और बयानों पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। जयपुर ग्रेटर नगर निगम के डिप्टी मेयर पुनीत कर्नावट ने कहा है कि UDH मंत्री शांति धारीवाल ने व्यापारियों और जनता से सार्वजनिक रूप से झूठ बोला है। UDH मंत्री शांति धारीवाल के उस बयान पर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी है जिसमें मंत्री धारीवाल ने कहा है कि नगर निगम ने न तो हमसे ट्रेड लाइसेंस के लिए कोई स्वीकृति मांगी और न ही सरकार ने कोई स्वीकृति दी है।

डिप्टी मेयर पुनीत कर्नावट के आरोप-UDH मंत्री शांति धारीवाल ने बोला झूठ
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के उप महापौर पुनीत कर्नावट ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के UDH मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने जयपुर के व्यापारियों, आम जनता और मीडिया के सामने बड़ा झूठ बोला है। UDH मंत्री ने व्यापारियों से 9 सितम्बर की रात हुई बातचीत और उसके बाद प्रेसवार्ता में सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि ट्रेड लाइसेंस को लेकर ‘न तो हमसे निगम ने कोई स्वीकृति मांगी और न ही सरकार ने कोई स्वीकृति दी है’। अब हम व्यापार मंडल ने जो ज्ञापन दिया है, उसे एक्ज़ामिन करवा लेते हैं।

4-5 रोज में जैसा भी जवाब होगा दे दिया जाएगा। हमें पहले नगर निगम, मेयर और नगर निगम के CEO (आयुक्त) से भी पूछना पड़ेगा कि यह कैसे हुआ, कैसे नहीं हुआ। वो सब बताएंगे और इसमें टाइम लगता है। जब मीडिया ने पूछा कि आपको क्या लगता है लाइसेंस फीस की दरें ज्यादा हैं या अब यह खत्म होना चाहिए, तो मंत्री ने कहा- बात करने से पता लगेगा, देखते हैं क्या कहते हैं वो (निगम के मेयर और आयुक्त), फिर हम लोग (राज्य सरकार) आपस में बात करेंगे, तब फैसला लेंगे।

जयपुर ग्रेटर नगर निगम के उप महापौर पुनीत कर्नावट ने लगाए आरोप
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के उप महापौर पुनीत कर्नावट ने लगाए आरोप

ग्रेटर नगर निगम के उपमहापौर पुनीत कर्नावट बोले राज्य सरकार है व्यापारी विरोधी
दैनिक भास्कर से बातचीत में जयपुर ग्रेटर नगर निगम के उप महापौर पुनीत कर्नावट ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेड लाइसेंस फीस लागू करते वक्त निगम के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रपोज़ल नहीं मंगवाया गया, बल्कि नगर निगम के प्रशासक के माध्यम से पहले डीएलबी, फिर एलएसजी यानी लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेट्री और फिर यूडीएच मंत्री तक फाइल गई, फिर उस प्रस्ताव को लागू करवाया गया।

सरकार ने ही राजपत्र में दोनों निगमों में ट्रेड लाइसेंस फीस को नोटिफाई किया है। तो अब सरकार यह कैसे कह सकती है कि ट्रेड लाइसेंस हमारी जानकारी में ही नहीं है। हमने नगर निगम से इन कानून को ख़त्म करने की जब घोषणा की,तो सरकार को किरकिरी से बचाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने इसे स्थगित करने के आदेश निकाल दिए, जबकि कुछ घंटे पहले तक UDH मंत्री धारीवाल कह रहे थे कि 4-5 दिन का समय लगेगा। 20 घंटे में ही सरकार का मन कैसे बदला।

मन बदला उसमें भी छल कपट है, क्योंकि इसे स्थगित किया गया है न कि रद्द किया गया है। उप महापौर पुनीत कर्नावट ने कहा कि अब क्योंकि यह ट्रेड लाइसेंस नगर निगम का कानून बन चुका है। निगम के नियम और उप नियम से हम सभी बंधे हुए हैं। नियम को राजस्थान सरकार ही नोटिफाई करती है। इसलिए यह अब सुओ मोटो रद्द नहीं हो सकता है। इसे रद्द करने की भी एक कानूनी प्रक्रिया है।

यह जरूरी नहीं है निगम के बोर्ड की बैठक में यह रद्द हो। पहला तरीका यह है कि निगम की नियम उप नियम समिति के माध्यम से राजस्थान नगर पालिका एक्ट के सेक्शन 339 की सपठित धारा 105 के तहत इसे नोटिफाई किया है, तो नियम उपनियम समिति के माध्यम से इसे बदल भी बदल सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी। दूसरा तरीका यह है कि ईसी और बोर्ड में प्रस्ताव लाकर सरकार को भेजा जाए। विधिक राय लेने के बाद जो भी शॉर्ट रूट होगा, हम वह प्रक्रिया अपनाएंगे।

अचानक 10 सितम्बर को ट्रेड लाइसेंस पर रोक क्यों लगी
मंत्री शांति धारीवाल की ओर से व्यापारियों से 4-5 दिन का वक्त मांगा गया, इसके बाद व्यापारी 11 सितम्बर को जयपुर बन्द करने पर अड़े रहे। भाजपा ने इस मुद्दे को उछाला और सरकार को घेरा। साथ ही ग्रेटर नगर निगम के उप महापौर पुनीत कर्नावट ने व्यापारियों के बीच घोषणा कर दी कि हम इस ट्रेड लाइसेंस को रद्द करने का प्रस्ताव लाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अगले ही दिन 10 सितंबर को निगम आयुक्त ने स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक और विशिष्ठ सचिव दीपक नन्दी को सूचित किया। उन्होंने UDH मंत्री से बात कर तुरंत ही वहां से यह आदेश निकाल दिया कि मौजूदा समय में कोरोना महामारी को देखते हुए इस नियमों को पोस्टपॉन्ड किया जाता है।

स्वायत्त शासन विभाग के इस आदेश से पोस्टपॉन्ड हुआ ट्रेड लाइसेंस
स्वायत्त शासन विभाग के इस आदेश से पोस्टपॉन्ड हुआ ट्रेड लाइसेंस

सरकार मान चुकी जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज दोनों निगमों में लगाए हैं ट्रेड लाइसेंस शुल्क
राजस्थान सरकार का स्वायत्त शासन विभाग अपने आदेश में ही यह मान चुका है कि जयपुर ग्रेटर और जयपुर हैरिटेज दोनों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाए गए हैं। नगर निगम जयपुर ग्रेटर ने 7 जनवरी 2021 को प्रकाशित राजपत्र में और नगर निगम जयपुर हैरिटेज ने 3 जून 2021 को राजस्थान राजपत्र में इसके लाइसेंस शुल्क प्रकाशित किए गए। ऑर्डर में इन दोनों नगर निगमों की ओर से ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाने की जानकारी भी दी गई है।

मंत्रियों के आवास पर पहुंचे व्यापारियों ने अपनी समस्याएं सुनाईं।
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