गहलोत बोले- किसी को भी सलाहकार बना सकता हूं:लाभ के पद को लेकर कहा- हमने मंत्री का दर्जा देने का आदेश ही नहीं निकाला

जयपुर10 महीने पहले
पीसीसी में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा मैंने अपने सलाहकार बनाए हैं। मैं मीडिया के लोगों को भी सलाहकार बना सकता हूं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि वो किसी को भी सलाहकार बना सकते हैं। इसके लिए न उन्हें किसी से पूछने की जरूरत है, न ही इस बारे में उनसे कोई पूछ सकता है। गहलोत ने कहा संसदीय सचिव भी पहले से बनते आए हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें राज्य मंत्री का स्टेटस नहीं मिलता। गहलोत ने कहा कि हमने मंत्री का दर्जा देने का आदेश ही नहीं निकाला है। खबर तो तब बनती जब हम उन्हें मंत्री का दर्जा दे देते।

पीसीसी में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा मैंने अपने सलाहकार बनाए हैं। मैं मीडिया के लोगों को भी सलाहकार बना सकता हूं, मुख्यमंत्री किसी को भी सलाहकार बना सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन 6 विधायकों को सलाहकार बनाया गया है। उनमें मैं अगर 5 मीडिया वाले और जोड़़ लूं, तो कौन मुझसे कुछ पूछ सकता है। मैं सलाह ही तो ले रहा हूं और क्या कर रहा हूं।

उन्होंने कहा कि हम लोग सरकार चला रहे हैं। हमें जानकारी होगी कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कह रखा है, राज्यों में क्या फैसले हुए हैं और क्या होना चाहिए। मैं चाहूं तो एमएलए-एमपी, पत्रकारों , इंटेलेक्चुअल और साहित्यकारों को सलाहकार बना दूं। मुझे कौन पूछ सकता है। यह समझ के परे हैं कि बिना मतलब इसे इशू बनाया जा रहा है कि सलाहकार कैसे बना दिए।

गहलोत यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे की योजना का भी इशारा करते हुए कहा कि ये भी सवाल उठ रहे हैं कि संसदीय सचिव कैसे बना रहे हैं। सबको मालूम है कि पहले संसदीय सचिव बनते थे, उनकी शपथ होती थी। मुख्यमंत्री शपथ दिलाते थे। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट यानी लाभ के पद में वो आते थे। सोनिया गांधी, जया बच्चन ने इस्तीफा दिया। सबको मालूम है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोई भी राज्य सरकारें उन्हें राज्य या कैबिनेट मंत्री का दर्जा और तनख्वाह नहीं दे सकती हैं। उन्हें घटाकर संसदीय सचिव, एडवाइजर बनाने पर कौन रोकेगा।

अगर गलती से हम आदेश निकाल देते, तो मीडिया का हक है कि आप पब्लिक इंट्रेस्ट में एक्सपोज करते। जिस तरह मीडिया अलग-अलग जिलों में हालात जानने जाती है। मेरे सलाहकार जाएंगे तो क्या दिक्कत है।