सरकारी विभागों में 1लाख 10 हजार संविदाकर्मी नियमित होंगे:5 साल काम कर चुके संविदाकर्मियों को स्क्रीनिंग के बाद स्थायी किया जाएगा

जयपुर3 महीने पहले

सरकारी विभागों में काम कर रहे 1लाख 10 हजार से ज्यादा संविदाकर्मियों को नियमित किया जाएगा। सभी संविदाकर्मियों को राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स, 2022 के दायरे में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को राज्य में राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स, 2022' लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये नियम राज्य के सभी विभागों में काम कर रहे संविदाकर्मियों पर लागू होंगे। सीएम निवास पर हुई बैठक में यह फैसला किया है।

शिक्षा विभाग के शिक्षा कर्मी, पैरा टीचर्स, ग्राम पंचायत सहायक, अंग्रेजी माध्यम टीचर सहित कुल 41423 संविदाकर्मी नियमित होंगे। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के राजीविका व मनरेगा के कुल 18326 संविदाकर्मी, अल्प संख्यक विभाग के 5697 मदरसा पैरा टीचर्स, हेल्थ डिपार्टमेंट के 44833 संविदाकर्मियों सहित कुल 1 लाख 10 हजार 279 संविदाकर्मी नियमित होंगे।

शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के सभी विभागों में काम कर रहे संविदाकर्मियों को नियमित किया जाएगा। एजेंसी के माध्यम से जॉब बेसिस पर काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाएगा।
शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के सभी विभागों में काम कर रहे संविदाकर्मियों को नियमित किया जाएगा। एजेंसी के माध्यम से जॉब बेसिस पर काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाएगा।

स्क्रीनिंग के बाद स्थायी होंगे संविदाकर्मी
राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के तहत ही अब संविदाकर्मियों की नई भर्ती हाेगी। इन भर्तियों में आरक्षण भी लागू होगा। जो संविदाकर्मी 5 साल तक काम कर लेंगे, भविष्य में उन पदों के नियमित होने पर उन्हीं संविदाकर्मियों में से स्क्रीनिंग कर उन्हें स्थायी किया जा सकेगा।

नए नियमों के मुताबिक संविदाकर्मियों का वेतन तय किया गया है, जो संविदाकर्मी जिस पद पर काम कर रहा है। उस हिसाब से वेतन तय करने का फॉर्मूला दिया है। इसमें स्पेशल पे प्रोटेक्शन का प्रावधान भी रखा गया है।

इस साल बजट में संविदाकर्मियों का वेतन 20 फीसदी बढ़ाया था
सीएम अशोक गहलोत ने साल 2021-22 के बजट में संविदाकर्मियों का विभागवार कैडर बनाने की घोषणा की थी। साल 2022-23 के बजट में संविदाकर्मियों का वेतन 20 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की गई थी।

9 और 18 साल की गिनती कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स में आने से तय होगी
शिक्षाकर्मी, पैराटीचर्स और ग्राम पंचायत सहायक को कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स के दायरे में लेने का 21 अक्टूबर को ही फाॅर्मूला तय किया था। जिन संविदाकर्मियों का पहले का वेतन ज्यादा होगा तो उन्हें मिलने वाले वेतन में दो सालाना इंक्रीमेंट जोड़कर नया वेतन तय किया जाएगा। जिन कर्मचारियों का पहले से मिलने वाला वेतन संरक्षित किया गया है, उनकी 9 और 18 साल की सर्विस की गिनती इन नियमों के आने की तारीख से होगी। पहले की सर्विस 9 और 18 साल की गिनती में शामिल नहीं होगी।

एजेंसी या जॉब बेसिस पर लिए संविदाकर्मी नहीं आएंगे दायरे में
एजेंसी के माध्यम से जॉब बेसिस पर काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाएगा। पंचायत सहायक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स को तभी नियमित किया जाएगा जब वे इन पदों के लिए तय एजुकेशनल क्वालिफिकेशन को पूरा करते हैं। कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स के दायरे में वे ही संविदाकर्मी आएंगे जो तय योग्यता पूरी करते हैं।

शुरुआत में 10,400 रुपए का वेतन मिलेगा
पंचायत सहायक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स को नियमित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तीनों को अब शुरुआत में 10,400 रुपए का वेतन मिलेगा। जिन संविदा कर्मचारियों को अभी 10,400 से ज्यादा मिलते हैं, उनका वेतन पहले की तरह मिलता रहेगा। 9 साल की सर्विस पूरी करने पर 18,500 और 18 साल की सर्विस पूरी करने पर 32,300 रुपए सैलरी मिलेगा।

कैबिनेट सब कमेटी की रिपोर्ट के बाद बनाए थे नियम
कांग्रेस सरकार बनने के बाद ​संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई थी। कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिश के आधार पर संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए नियम बनाए गए थे।

संविदाकर्मी सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन-पेंशन की मांग कर रहे थे, लेकिन कल्ला कमेटी ने दूसरा फाॅर्मूला निकाला। सरकारी विभागों में काम करने वाले संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स 2021 बनाए गए। अब इन नियमों के दायरे में संविदाकर्मियों को लिया जाएगा।

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