ऑक्सीजन प्लांट के इंतजार में आबूरोड:6 महीने पहले कमरे बनकर तैयार, उपकरण नहीं लगे, अब टेंडर निरस्त

आबूरोड8 दिन पहले
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कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है पर राज्य सरकार और प्रशासन की कितनी तैयारी है, इसकी लापरवाही की बानगी सिरोही जिले के सबसे बड़े शहर आबूरोड में देखने को मिल रही है। जहां करीब 8 महीने पहले कोरोना की दूसरी लहर के बाद राज्य सरकार ने हर नगरपालिका क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा की थी लेकिन अब तक प्लांट तैयार नहीं हुआ।

राशि मिलने के बाद भी नहीं लगा प्लांट

घोषणा के बाद आबूरोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए भूमि का शिलान्यास हुआ, बिजली कनेक्शन किया गया, जिसके लिए नगरपालिका ने लाखों रूपए विभाग को दिए। रूम बनकर तैयार हुए करीब 6 माह से अधिक समय हो गया है पर अब तक ऑक्सीजन प्लांट के उपकरण नहीं लगे हैं। ऑक्सीजन प्लांट उपकरण लगाने की जिम्मेदारी स्वायतशासी संस्था की थी जिसने टेंडर के माध्यम से एक निजी कम्पनी को प्रदेश में प्लांट लगाने लिए अधिकृत किया था।

ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए तैयार रूम
ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए तैयार रूम

नगरपालिका अध्यक्ष मगनदान चारण ने बताया की ऑक्सीजन प्लांट लगाने की जिम्मेदारी डीएलबी स्तर की है नगरपालिका से सिर्फ प्लांट के लिए भुगतान करना है। जानकारी में सामने आया की प्रदेश स्तर पर जिस कम्पनी को प्लांट लगाने की जिम्मेदारी दी थी उस कम्पनी का टेंडर सरकार ने निरस्त कर दिया है। ऐसे में अब ऑक्सीजन प्लांट के उपकरण अधर में पड़ गए हैं।

आबूरोड नगरपालिका ने 65 लाख रूपए भी डीएलबी को जमा किए हैं। स्थानीय विधायक जगसीराम कोली ने कहा कि दूसरी लहर की भयावह स्थिति के बाद अब तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है ऐसे में अब तक आबूरोड में ऑक्सीजन प्लांट का ना लगना राज्य सरकार और स्वायतशासी संस्था की घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। ऐसे में आमजन की सरकार से मांग है जल्द से जल्द आबूरोड में ऑक्सीजन प्लांट लगाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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