नायब तहसीलदार को साैंपा ज्ञापन:टाेल से 20 किमी में निवास करने वालाें काे टाेल मुक्त करने की मांग, 7 काे आंदाेलन की चेतावनी

बाली2 महीने पहले
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उपखंड के नाना-बेड़ा क्षेत्र की जनता ने टोल मुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में मंगलवार को बैठक में भाग लेकर नायब तहसीलदार बाबूलाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन साैंपा। ज्ञापन में बताया कि बाली उपखंड से पिंडवाड़ा उपखंड मुख्यालय को जोड़ने के लिए निर्मित मेगा हाईवे नाना बेड़ा उप तहसील की आबादी को उपखंड बाली से जोड़ता है। उक्त हाईवे का राजमार्ग नंबर 62 है। जिस पर बोया, वरावल व आमलिया में टोल बूथ लगे हैं। जहां आने जाने वाले वाहनों से टोल वसूल किया जा रहा है।

समस्या यह है कि बाली से पिंडवाड़ा के मध्य 60 किलोमीटर की दूरी है। जिसमें 3 टोल बूथ लगे हुए है। टोल बूथ के आसपास की जनता को रोजमर्रा के कार्य हेतु बाली, सुमेरपुर या पिंडवाड़ा जाना पड़ता है। 20 किलोमीटर से कम दूरी के रोड के उपयोग के बावजूद भी टोल वसूली की जा रही है। जो अवैध है। स्थानीय जनता को चामुंडेरी, भन्दर, कोठार, वेलार, कुमटीया, नाना, मालनू, लुंदाडा से मात्र 3 किलोमीटर से 12 किलोमीटर की दूरी पर भी सुमेरपुर जाने के टोल वसूली की जा रही है।

जो अवैध है। वरावल का टोल बूथ कानूनी रूप से गलत स्थान का चयन कर स्थापित करने के प्रशासनिक पूर्व राज्य सरकार की भारी गलतियां या चूक हुई है। जिससे स्थानीय जनता को नुकसान हो रहा है। वरावल टोल निर्माण पूर्णतया गलत होने से उसको बंद किया जाना आवश्यक है। साथ ही ज्ञापन में बताया कि बाली पिंडवाड़ा रोड का लगभग 1/3 भाग आज भी पूर्ण रूप से निर्माण नहीं किया गया है। तथा सड़क के निर्माण के बिना टोल वसूली गलत है।

ज्ञापन के अंत में कहा गया कि जनता की वाजिब मांग पर अमल करावे अन्यथा जनता को कार्यवाही के मजबूर रहना पड़ेगा। जिस पर आगामी 7 नवंबर को विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस माैके पर ज्ञापन देने में कानसिंह चौहान, रामपुरा सरपंच कैलाश गरासिया, पंचायत समिति सदस्य चिमनसिंह मीणा, पूर्व सरपंच थानाराम प्रजापत, दिनेश कुमार मीणा, पूरण सिंह मीणा, एडवोकेट मुकेश कुमार धनेरा, टैक्सी यूनियन के अशोक माली सहित आसपास के गांवों के दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

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