बेटियों ने पिता की अर्थी को दिया कंधा:बेटे का फर्ज निभाया, रीति रिवाज से किया अंतिम संस्कार

बाली3 महीने पहले
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लड़कियों को लेकर अब समाज में सोच बदलती जा रही है। पुरुष प्रधान समाज में लड़कियां नए-नए कार्य कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। खेल का मैदान हो या फिर माता-पिता की सेवा का कार्य हो वह किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहती।

ऐसा ही एक मामला बाली नगर के निकट जवाई बांध के वार्ड नम्बर 7 की मुख्य कॉलोनी में देखने को मिला। जवाई बांध निवासी व समाज सेवक हंसाराम सरगरा के कोई पुत्र नहीं था। वे ट्रक ड्राइवर थे। उनके तीन पुत्रियां सीमा, मैना व निक्कू है। 2 शादीशुदा व 1 कुंवारी है। बुढ़ापे में हंसाराम की सेवा उनकी बेटियों व जवाई विनोद मारू, देवाराम भाटी ने बेटे की तरह सेवा करके अपना फर्ज निभाया।

जब हंसाराम का देहांत हो गया तब उनकी तीनों पुत्रियों व जवाई ने उनकी अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार किया।

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