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किसानों को होगा फायदा:चारभुजा तालाब में पानी की आवक नहीं देख श्रमिकों ने मिलकर प्राकृतिक नालों की खुदाई कर सफाई कर दी

घाणेरावएक महीने पहले
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घाणेराव. प्राकृतिक नाले की खुदाई करते श्रमिक। - Dainik Bhaskar
घाणेराव. प्राकृतिक नाले की खुदाई करते श्रमिक।
  • तालाब में बरसात के पानी की होगी अच्छी आवक
  • कुओं का जलस्तर भी बढ़ेगा

ऐतिहासिक चारभुजा तालाब में पानी की आवक कम होने के कारण वहां कार्यरत श्रमिकों ने मिलकर प्राकृतिक नालों की सफाई कर पानी के रास्तों को दुरुस्त कर िदया। इससे माना जा रहा है कि बरसात के मौसम में इस बार इस तालाब में पानी की आवक अच्छी होगी। इसको फायदा किसानों को मिलेगा। साथ ही कुओं का जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी होगी।
उल्लेखनीय है कि विक्रम संवत 1761 में ठाकुर सूरतसिंह ने रियासत काल में कुओं का जलस्तर बढाने एवं पशुओं व किसानों को पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से चारभुजा मंदिर के पास तालाब का निर्माण करवाया था। इसमें पानी की आवक अधिक होने के कारण यह तालाब लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी था। समय के साथ जगह जगह लोगो द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने इस तालाब में आने वाले पानी के प्राकृतिक नाले अवरूद्घ हो गए। इसके कारण तालाब में अच्छी बरसात होने के बावजूद पानी की आवक नही हो रही थी।
15 लाख की लागत से हो रही तालाब की खुदाई
चारभुजा तालाब में खुदाई को लेकर मनरेगा योजना के तहत 15 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। जिसके तहत चारभुजा तालाब की खुदाई कार्य किया जा रहा है। जिससे तालाब में पानी की ठहरने से कुंओं का जलस्तर बढ़ेगा।प्राकृतिक नाले हो रखे थे अवरूद्व चारभुजा तालाब में जिन प्राकृतिक नालों में से पानी की आवक होती है। वही प्राकृतिक नाले अवरूद्घ हो रखे थे,जिसके कारण बरसात का पानी तालाब में नही पहुंच पा रहा था। जिसके कारण अच्छी बरसात होने के बावजूद तालाब पानी के अभाव में खाली रह जाता था
श्रमिकों ने मिलकर अच्छा कार्य किया
तालाब में पानी की आवक नही हो रही थी,ऐसे में वहा कार्य कर रहे श्रमिकों ने मिलकर प्राकृतिक नालों की खुदाई ओर सफाई कर अच्छा कार्य किया। बरसात के मौसम में तालाब में पानी की अच्छी आवक होगी।
- चंद्रशेखर मेवाडा, सरपंच, घाणेराव

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