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  • In The Dispute Of Two Companies, The Wait For Sweet Water Of Jawai Was Prolonged, Even After 8 Years It Could Not Reach In 26 Villages, The Result Compulsion To Quench Thirst With Fluoride Water

केकमूके:दाे कंपनियों के विवाद में लंबा हुअा जवाई के मीठा पानी का इंतजार, 8 साल बाद भी नहीं पहुंच पाया 26 गांवों में, नतीजा-फ्लाेराइड पानी से प्यास बुझाना मजबूरी

जैतारणएक महीने पहले
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  • जैतारण के 91 गावों मे से 65 गांव जुड़े योजना से, शेष 26 गांव के ग्रामीणों को अब भी

जैतारण मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र मे खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी से निजात दिलाने को लेकर वर्ष 2013 मे जवाई जल परियोजना का प्रोजेक्ट शुरू हुआ। इस प्रोजेक्ट के तहत 2017 मे प्रोजेक्ट को जैतारण सहित रायपुर क्षेत्र के 133 गांवों मे मीठा पानी पहुंचाने का लक्ष्य दिया लेकिन 8 साल बीत जाने के बाद भी कई गांव मे जवाई बांध के मीठा पानी से वंचित हैं। परियोजना में जैतारण के 65 गांवों में ही जवाई जल परियोजना की पाइपलाइन बिछा पाये शेष 26 गांव मे अभी तक परियोजना की पाइपलाइन तक नही पहुच पाई। इसके पीछे निर्माणकारी दाे कंपनियों का विवाद ही प्रमुख कारण है। इन दाेनाें कंपनियों के विवाद से काफी समय तक कार्य ही बंद रहा। अब चल रहा है ताे वह भी काफी धीमी गति से। इससे इन गांवों के ग्रामीणों को मजबूरन खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर है।

दो कम्पनी के विवाद को लेकर भुगत रहा आमजन
जवांई जल परियोजना को लेकर गेमन इंडिया लिमिटेड ने जवाई जल परियोजना का कार्य टैक्नोफैब कम्पनी को दिया लेकिन दोनों कम्पनी के बीच विवाद हो जाने के कारण कार्य को बन्द कर दिया। लम्बे समय से कार्य बन्द होने इसका खामियाजा जैतारण की आमजनता को भुगतना पड़ा। लम्बे समय के बाद परियोजना का कार्य अन्य एजेंसी को देने के बाद कार्य को पुनः शुरू किया गया।

कई महीनों तक बंद रहा कार्य, शुरू हुआ तो धीमी गति से
जवाई जल परियोजना के तहत वर्ष 2013 मे जैतारण सहित रायपुर क्षेत्र के 133 गांवों मे मीठा पानी पहुंचाने को लेकर 315.50 करोड़ रुपये की लागत से योजना का शुभारंभ हुआ, लेकिन अब तक जैतारण क्षेत्र के महज 53 गांवों मे ही मीठा पानी पहुच पाया। जवाई जल परियोजना को लेकर 65 गांवों मे पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन 26 गांव अभी तक इस योजना से वंचित होने से ग्रामीणों को मजबूरन खारा पानी पी रहे है।

परियाेजना एक नजर

  • स्वीकृत वित्तीय वर्ष 2013
  • कार्य समाप्त 2017 अब दिसंबर 2021
  • स्वीकृत राशि - 315.50 करोड़
  • पम्प स्टेशन, फीडर - जैतारण, आनंदपुर कालू, निमाज, बर कस्बे मे फीडर व पम्प स्टेशन
  • 133 गांवों होगें लाभान्वित
  • 55 गांवों मे मीठा पानी सप्लाई
  • 65 गांव जुड़े योजना से
  • 26 गांव अभी तक वंचित
  • एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट
  • 12 स्वच्छ जलाशय,
  • 12 पंपिंग स्टेशन,
  • 415 कि.मी. राइजिंग लाइन एवं
  • 446 किमी वितरण पाईपलाइन
  • 40 उच्च जलाशय,
  • 11 भूतल उच्च जलाशय एवं
  • 7 भूतल जलाशय का निर्माण
  • दिसंबर 2021 तक कार्य समाप्त

जवांई परियोजना के कार्य को लेकर दो कम्पनी के विवाद को लेकर कार्य परियोजना का बन्द होने कार्य रूकने को लेकर उनके खिलाफ कार्यवाही को लेकर प्रपोजल बनाकर भेजा गया। परियोजना का कार्य अब दूसरी कम्पनी को दिया जिसको जल्द पूरा करवाया जाएगा।

-नीरज माथुर, चीफ इंजिनियर, पीएचईडी विभाग, जोधपुर

जैतारण क्षेत्र में जवाई जल परियोजना मे वंचित गांवों सहित पेयजल को लेकर जलदाय मंत्री बीडी कल्ला से बात कर जैतारण क्षेत्र में जवाई जल परियोजना की नई डीपीआर बनवाने को लेकर चर्चा की।
-दीयाकुमारी, सांसद, राजसमन्द

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