घर-घर औषधि:बांटे जाएंगे 14.29 लाख पौधे, 6.13 लाख बंट भी चुके

जालोर2 महीने पहले
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राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना घर-घर औषधि योजना में जिले को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 14.29 लाख पौध वितरण का लक्ष्य दिया गया है। वितरित किये जाने वाले पौध जिले की विभिन्न नर्सरियों में तैयार किये गये हैं। उप वन संरक्षक ने बताया कि रणछोड़ नगर में 1 लाख, हातिमताई में 50 हजार, जुंजाणी में 2.50 लाख, जसवंतपुरा में 4 लाख, रानीवाड़ा में 2 लाख, डेडवा में 1 लाख, पादरली में 1 लाख, सांकड में 2 लाख तथा सांचौर में 29 हजार पौधे तैयार किये जाने का कार्य प्रगति पर है।

औषधीय पौधे का परिवहन संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित नर्सरियों से किया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी एवं वन विभाग के सहयोग से जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 8-8 औषधीय पौधे वितरित किये जा रहे है।

उन्होंने बताया कि औषधीय पौधे की लाभ, फायदे एवं उपयोगिता के लिए पेम्पलेट छपवाकर पौध वितरण के साथ दिये जा रहे है। इसमें तुलसी मुख्यत सर्दी, जुकाम व बुखार, गिलोय बुखार, डायबिटीज व मूत्र विकार तथा अश्वगंधा अनिद्रा को दूर करना, मांसपेशियों को बलवान बनवाने व यौवन शक्ति बढ़ाने तथा कालमेघ जुकाम, कब्ज व लीवर को स्वस्थ बनाने में लाभदायक है।

6.13 लाख पौधे वितरित : जिले में घर-घर औषधि योजना के प्रथम चरण में 5.80 लाख के विरूद्ध 6.13 लाख पौधे वितरित किये जा चुके है। शेष पौधे वितरण के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। प्रशासन गांवों के संग अभियान में भी उक्त पौधों के वितरण के लिए प्रचार-प्रसार किया जाकर आमजन को औषधीय पौधों के गुण व उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी जायेगी।

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