पोर्टल विकसित:6 लाख श्रमिक ई-श्रमिक पोर्टल पर होंगे पंजीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना का मिल सकेगा फायदा

जालोर2 महीने पहले
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जालोर. पंजीयन रथ काे हरी झंडी दिखाकर रवाना करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
जालोर. पंजीयन रथ काे हरी झंडी दिखाकर रवाना करते अधिकारी।
  • असंगठित कामगारों के पंजीकरण के लिए मंगलवार को पंजीयन रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के आंकड़े संग्रहित करने के लिए ई-श्रम पोर्टल विकसित किया गया है जिस पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पंजीयन करवाना होगा। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन पर ई-श्रम कार्ड जारी होगा जो कि आधार कार्ड से लिंक्ड होगा।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी मगाराम गोदारा ने बताया कि ई-श्रम कल्याण पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण के लिए जिले में 6 लाख 9 हजार 734 ई-कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा द्वारा असंगठित कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल विकसित किया गया है जिसमें आधार नम्बर के साथ-साथ नाम, व्यवसाय, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल स्वरूप और परिवार इत्यादि का विवरण होगा ताकि उनकी रोजगार क्षमता का समुचित उपयोग हो सकें और उन तक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ आसानी से पहुंचाए जा सकें।

यह प्रवासी कामगारों, निर्माण क्षेत्र के कामगारों, प्लेटफॉर्म कामगारों आदि सहित असंगठित कामगारों का इस तरह का पहला डेटाबेस है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए ऐसा कोई भी कामगार जो असंगठित क्षेत्र में एक गृह आधारित-कामगार, स्वनियोजित कामगार या मजदूरी पाने वाला कामगार है जैसे-लघु और सीमान्त किसान, कृषि मजदूर, बंटाई पर काश्त करने वाला किसान, मछुआरे, पशुपालन करने वाले लोग, बीडी बनाने वाले श्रमिक, लेवलिंग और पैकेजिंग के कार्य करने वाले श्रमिक, भवन निर्माण में लगे श्रमिक, बुनकर, लकडहारे एवं खाती का कार्य करने वाले लोग, नमक की फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक, ईट भट्टों और पत्थर कटाई का कार्य करने वाले श्रमिक, आरा और कटाई से संबंधित मिलों पर कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलू नौकरानी या कामवाली बाई, नाई, घरेलू कामगार, सब्जी और फल विक्रेता, समाचार पत्र विक्रेता (हॉकर्स) रिक्शा चालक, ऑटो चालक, निजी सुरक्षाकर्मी, चमड़े के कारोबार से संबंधित श्रमिक, ई-मित्र केन्द्र के संचालक, थड़ी विक्रेता, मनरेगा श्रमिक, आशा कार्यकर्ता, प्रवासी मजदूर, दुग्ध डेयरी या दुग्ध उद्योग से जुड़े श्रमिक असंगठित क्षेत्र के कामगार जो ईएसआईसी या ईपीएफओ का सदस्य नहीं है या जो सरकारी कर्मचारी नहीं है वे असंगठित कामगार की श्रेणी मे आते हैं।

ई-श्रम कार्ड का उद्देश्य कामगारों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस बनाना जिसमें संनिर्माण कामगार, प्रवासी कामगार, प्लेटफॉर्म कामगार फेरी वाले, घरेलू कामगार, कृषि कामगार आदि शामिल है जिन्हें आधार से जोडा़ जायेगा। असंगठित श्रमिकों के लिए चल रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकृत लाभ दिलवाया जायेगा।

पंजीकृत असंगठित श्रमिकों का डाटा राज्य सरकारों से साझा किया जायेगा ताकि राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी कामगारों को मिल सकें। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से वर्तमान में असंगठित क्षेत्र के कामगारों का डाटा नहीं होने से श्रमिकों को समुचित लाभ नहीं पहुंचाए जाने की समस्या का समाधान हो जायेगा साथ ही प्रवासी कामगारों की स्थिति और पता, वर्तमान स्थान और कहां कार्यरत है आदि सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सकेगी ताकि लॉकडाउन जैसी स्थिति में उन्हें जहां कार्यरत है वही लाभ पहुंचाया जा सकेगा। भविष्य में कोविड-19 जैसी किसी भी अन्य राष्ट्रीय संकट से निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों का एक व्यापक डेटाबेस उपलब्ध हो सकेगा।

16 से 59 वर्ष के श्रमिक करवा सकते हैं पंजीयन
ई-श्रम पोर्टल पर वे लोग पंजीकरण करवा सकते है जो असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं तथा जिनकी आयु 16 से 59 वर्ष के बीच है तथा ईएसआईसी या ईपीएफओ या सरकार द्वारा पोषित एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) का सदस्य नहीं हो। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार संख्या, श्रमिक के पास आधार नंबर से लिंक्ड मोबाइल नम्बर नहीं होने की स्थिति में वह नजदीकी ई-मित्र केन्द्र से बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के द्वारा भी पंजीकरण करवा सकता है। आईएसएससी कोड के साथ बैंक के बचत खाता संख्या पास बुक की प्रति आवश्यक है।

ई-श्रम कार्ड का पंजीयन निशुल्क है तथा किसी भी नागरिक सेवा केन्द्र (सीएससी) पर इसका निशुल्क रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। पंजीकृत कामगार पीएम सुरक्षा का भी लाभ उठा सकते है इन्हें वार्षिक 12 रुपए प्रीमियम राशि भी नहीं भरनी होगी।

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