रोड नहीं तो टोल नहीं:7वें दिन सक्रिय हुए कांग्रेसी, सीएम से मरम्मत की स्वीकृति लाए, काम शुरू होने तक नहीं उठेंगे भाजपाई

जालाेर9 दिन पहले
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  • रोहट-जसवंतपुरा की टूटी सड़क पर भाजपाई दे रहे हैं धरना, सीएम ने कंपनी का फंसा विवाद निपटाया

राेहट से जालाेर व जसवंतपुरा तक जाने वाली टाेल राेड की समस्या का अब जल्द ही समाधान हाेने वाला है। भाजपा टाेल राेड की मरम्मत काे लेकर 1 अक्टूबर से धरना प्रदर्शन कर रही है, ताे गुरुवार काे कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत के निवास पर जाकर मुलाकात करते हुए समस्या आगे रखी। गहलाेत टाेल कंपनी की अटकी राशि करीब 12 कराेड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी। ऐसे में जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य हाेने की उम्मीद है। हालांकि सात दिन से धरना दे रहे भाजपाइयों ने साफ कर दिया है कि निर्माण शुरू होने तक धरना जारी रहेगा।

जानकारी के अनुसार 2013 के दाैरान बनी राेहट से जसवंतपुरा तक करीब 160 किमी लंबी टाेल राेड पूरी तरह से टूट चुकी है। 7 सालाें में इस राेड का पुन: निर्माण हाेना था, लेकिन कंपनी ने मरम्मत तक नहीं की। ऐसे में वर्तमान में इस टाेल राेड पर वाहन चलाना भी मुश्किल बना हुआ है। इसे लेकर भाजपा विभिन्न टाेल पर प्रदर्शन कर रही है, ताे कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री गहलाेत से वार्ता की। उसके बाद टाेल राेड काे लेकर आ रही समस्या का समाधान करने की मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दे दी।

जयपुर गए कांग्रेसी : जिला प्रभारी, पूर्व ओएसडी ने की मुलाकात
टाेल राेड की समस्या काे लेकर मुख्यमंत्री निवास पर जाकर कांग्रेस के नेताओं ने मुलाकात की। मुलाकात के दाैरान पूर्व महासचिव पुखराज पाराशर, जिला प्रभारी भूराराम सिरवी, आहाेर विधानसभा प्रत्याक्षी सवाराम पटेल, जालाेर प्रत्याक्षी मंजू मेघवाल, पीसीसी सदस्य ऊमसिंह चांदराई, पूर्व प्रधान भंवरलाल मेघवाल, मांगीलाल प्रजापत, लक्ष्मण सिंह सांखला, अमृतलाल प्रजापत, विरेन्द्र जाेशी समेत माैजूद रहे।

भाजपा का धरना जारी...देर शाम तहसीलदार ने वार्ता की
इधर 1 अक्टूबर से शुरू हुआ सांकरणा टाेल पर भाजपा का धरना गुरुवार काे भी जारी रहा। गुरुवार देरशाम आहाेर तहसीलदार हीरसिंह चारण ने माैके पर पहुंचकर विधायक छगन सिंह राजपुराेहित समेत आंदाेलनकारियाें से वार्ता की । तहसीलदार ने कहा कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू हाेगा। जिस पर विधायक राजपुराेहित ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं हाेने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।

ये हैं दो कंपनी : हाइवे बनाकर केवल टोल वसूलने में लगी, मरम्मत तक नहीं करवा रही

1. चेतक मित्रा प्राइवेट कंपनी : रोहट से जालोर तक इस कंपनी ने स्टेट हाइवे का कार्य किया। कंपनी ने सड़क बनाते समय करीब 45.92 करोड़ रुपए खर्च किए। 13 अगस्त 2013 से टोल वसूली शुरू कर दी। इसके बाद नाममात्र का मरम्मत कार्य किया। यह कंपनी रोहट के पास मोरिया, आहोर के अजीतपुरा व सांकरणा में टोल प्लाजा लगाकर टोल वसूल रही।

2. डीके इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड: जालोर से जसवंतपुरा व रेवदर तक 2013 के दौरान सड़क का निर्माण किया। लागत 48.30 करोड़ रुपए के करीब आई। कंपनी जालोर के भागली व जसवंतपुरा के गोलाना में टोल वसूल रही है।

आदेश मिलते ही काम शुरू हो जाएगा
सड़क मरम्मत काे लेकर फाइल वित्तीय स्वीकृत काे लेकर भेजी हुई थी। आज अवकाश है, ऐसा आदेश नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी है, ताे आज आदेश मिल जाएगा। जिसके बाद जल्द कार्य शुरू करवाया जाएगा।
-रमेश सिंघारिया, एसई

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