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समस्या:आहोर तहसील के 139 राजस्व गांवों में इस वर्ष चौपट हुई मूंग की फसल, बीमा को लेकर क्राफ्ट कटिंग सर्वे शुरू

गुडा बालोतान8 महीने पहले
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  • 72690 हैक्टेयर में हुई थी बुवाई, किसानों को भारी नुकसान हुआ

कस्बे समेत आहोर तहसील के 139 राजस्व गावों मे इस वर्ष अतिवृष्टि होने से इसका सर्वाधिक असर मूंग की फसल के उत्पादन पर हुआ है। मूंग की फसल चौपट होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कस्बे समेत चांदराई व भाद्राजून क्षेत्र के आसपास के सभी गावों मे मूंग फसल की कटाई का काम चल रहा है।

वही एक तरफ मूंग फसल के खराबे का आंकलन करने के लिये सम्बंधित गावों मे कार्यरत पटवारियों द्वारा खेतों की गिरदावरी रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। तथा दूसरी तरफ कृषि विभाग व राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वाधान मे राजस्व विभाग द्वारा आवंटित गावों के रेण्डम खसरो मे क्रॉफ्ट कटिंग का सर्वे भी किया जा रहा है।

यही क्रॉफ्ट कटिंग की सर्वे रिपोर्ट ही किसानो को उनके खराबे का क्लेम दिलवाने मे सार्थक साबित होगी। वर्तमान मे गावों के खेतो मे हो रही क्रॉफ्ट कटिंग की सर्वे रिपोर्ट के अनुमान से अलग-अलग गांवों मे खराबे की स्थिति भी अलग अलग सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार इस बार सितंबर माह के दौरान कई दिनों तक रुक-रुक कर हुई बारिश से मूंग की फसल पर विपरीत असर हुआ है।

जून जुलाई मे बुवाई की गई मूंग की फसल पर सितम्बर माह के दौरान ही फाल आना शुरू होता है, इसी फाल से फलिया लगती है और उसमे दाने बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। लेकिन इस वर्ष हुई अतिवृष्टि से फसल पर न तो फाल टिक पाया और न ही फलिया लगी।

सर्वे किया जा रहा हैं...
आहोर क्षेत्र के गांवों मे अभी कृषि विभाग और राजस्व विभाग द्वारा क्रॉफ्ट कटिंग का सर्वे किया जा रहा है। ये सर्वे जल्द ही पूरा हो जायेगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर खराबे का आंकलन हो पायेगा। हालांकि इस बार मूंग की फसल का उत्पादन खासा प्रभावित हुआ है। जैसी भी रिपोर्ट आएगी सरकार व फसल बीमा कंपनी को भिजवाई जाएगी। क्रॉफ्ट कटिंग के आंकड़े आने से पहले खराबे का आंकलन किया जाना उचित नहीं है।
- आरबी सिंह, उप निदेशक कृषि विस्तार जालोर

आहोर तहसील क्षेत्र में खरीफ फसल का कुल रकबा 1 लाख 623 हैक्टेयर
आहोर तहसील कार्यालय के राजस्व रिकार्ड के अनुसार तहसील क्षेत्र के 139 राजस्व गांवों मे खरीफ फसल का कुल रकबा 01 लाख 623 हेक्टेयर है। जिसमे से अनुमानित 72690 हैक्टेयर रकबे मे मूंग फसल और शेष रकबों में तिल, ग्वार, बाजरा व अन्य खरीफ फसल की बुवाई किये जाने का अनुमान है। हालांकि मूंग बुवाई के रकबे का फिलहाल अंदाज बताया जा रहा है।

जबकि इसकी प्रमाणिक रिपोर्ट गिरदावरी का काम पूरा होने के बाद स्पष्ट हो पाएगी। इधर कृषि विभाग के आंकड़े पर नजर डाली जाये तो तहसील क्षेत्र के राजस्व गावों के कुल रकबे मे से 79600 हैक्टेयर रकबे मे खरीफ फसल बुवाई हुई है। जिसमे से 55 हजार हैक्टेयर रकबे मे मूंग की बुवाई और शेष रकबे में तिल, बाजरा, ग्वार, मोठ, चवला इन फसल की बुवाई किया जाना बताया जा रहा है।

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