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अयोध्या और संसद भवन में लगेगा जालोर का ग्रेनाइट:1300 फैक्ट्रियों में माल तैयार करके भेजा जा रहा, कोरोना में मंदी की मार झेलने के बाद दो बड़े प्रोजेक्ट ने संजीवनी का किया काम

जालोर2 महीने पहले
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इकाइयों में तैयार ग्रेनाइट। - Dainik Bhaskar
इकाइयों में तैयार ग्रेनाइट।

देश के दो बड़े प्रोजेक्ट में जालोर का ग्रेनाइट लगाया जाएगा। संसद के नवीन भवन और अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए यहां के ग्रेनाइट का चयन किया गया है। हजारों टन माल अब दिल्ली जाना शुरू हो गया है। ऐसे में मंदी की मार झेल रहे जालोर के ग्रेनाइट उद्योग के लिए यह संजीवनी का काम करेगा।

लाखा रेड और कोटकास्ता पत्थर संसद भवन में लगेगा
संसद भवन में लाखा रेड और कोटकास्ता का ग्रेनाइट उपयोग में लिया जाएगा। लाखा लाल और कोटकास्ता पीले रंग का पत्थर है। हजारों टन माल दिल्ली मंगवाया जा रहा है। ऐसे में जालोर के ग्रेनाइट फैक्ट्रियों में माल तैयार हो रहा है। संसद भवन के लिए लाखा रेड 60, 75 व 90 एमएम मोटाई वाला ग्रेनाइट लगेगा, जबकि कोटकास्ता का 60 एमएम पत्थर भेजा जा रहा हैं। जालोर में करीब 1300 फैक्ट्रियों में माल तैयार किया जा रहा है।

अयोध्या में 5 लाख फीट माल जाएगा
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में भी जालोर का ग्रेनाइट चमकेगा। प्रदेश के लिए यह गर्व की बात होगी। जेड ब्राउन ग्रेनाइट को हरी झंडी मिली है, जो इकाइयों में तैयार हो रहा है। करीब 5 लाख फीट ग्रेनाइट लगेगा, जिसे मांग अनुसार अयोध्या भेजा जा रहा है। इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई एयरपोर्ट में भी यहां का ग्रेनाइट लगेगा।

तैयार किया जा रहा लाखा रेड पत्थर।
तैयार किया जा रहा लाखा रेड पत्थर।

देश-विदेश में जालोर का ग्रेनाइट फेमस
जालोर जिला मुख्यालय पर 1300 के करीब ग्रेनाइट इकाईयां है। यहां का ग्रेनाइट देश के साथ ही विदेश में अपनी पहचान कायम कर चुका है। 1985 में शुरू हुए जालोर के ग्रेनाइट उद्योग ने कई उतार-चढ़ाव देखे। एक समय ऐसा भी आया जब उद्योग ठप्प होने के कगार पर पहुंच गया था। इकाइयां बंद होने वाली थी। कोरोना ने उद्योग को पूरी तरह चौपट कर दिया था। 50 हजार से अधिक मजदूरों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। अब देश के दो बड़े प्रोजेक्ट में जालोर का ग्रेनाइट सिलेक्ट होने के बाद उद्योग को संजीवनी मिली है।

बड़े प्रोजेक्ट मिलने से फायदा
ग्रेनाइट एसोसिएशन के सचिव धर्मेंद्र जैन ने बताया कि ग्रेनाइट उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा था लेकिन संसद व अयोध्या के राम मंदिर के प्रोजेक्ट ने जालोर के ग्रेनाइट को उबार दिया है। इसके अलावा भी कई प्रोजेक्ट में जालोर का ग्रेनाइट लगने जा रहा हैं। उद्योग से करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा हैं। जालोर ग्रेनाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष लालसिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रेनाइट उद्योग को मंदी से बाहर निकालने में संसद भवन और अयोध्या के राम मंदिर प्रोजेक्ट मिलने से राहत मिली है। इकाइयों में माल तैयार करके मांग अनुसार भेजा जा रहा है।

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