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बारिश की संभावना:6.18 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई होनी थी औसत से कम बारिश से 2.96 हेक्टेयर में ही हुई

जालोर8 दिन पहले
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  • बारिश की संभावना को देखते हुए विभाग ने बुवाई के लिए जगह रखने की दी सलाह

खरीफ फसल-2021 में इस सीजन वर्षा विलम्ब होने के कारण अब तक लक्ष्य के अनुसार 48 प्रतिशत बुवाई हुई है। जिले में 1 जून से अब तक 102.66 मिमी. बारिश हुई है। खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य जिले में 6.18 लाख हेक्टेयर था, जिसमें से अब तक 2.96 हेक्टेयर बुवाई हो चुकी है। जिले में 5 साल की औसत वर्षा 560 मिमी. है। जिसके चलते जल्दी पकने वाली फसलों की बुवाई करने पर किसानों को सलाह दी जा रही है। बारिश कम हाेने के कारण अब बुवाई की गई फसलें भी सूखने के कगार पर है। मौसम सूत्रों के अनुसार आगामी 25 जुलाई के बाद मानसून की फिर वापसी होगी। जिस पर जिन किसानों ने अभी तक बुवाई नही की, उन्हें इसके बाद करने की सलाह दी जा रही है।

शीघ्र पकने वाली बाजरा एवं ज्वार की बुवाई करने की सलाह

बारिश के देरी की दशा में शीघ्र पकने वाली बाजरा एवं ज्वार की बुवाई करने की सलाह दी जाती है। कृषि विभाग द्वारा 25 जुलाई के बाद वर्षा होने की स्थिति में अनाज की फसल के स्थान पर दलहन की फसलें मूंग, मोठ, चवला व तिलहन की जल्दी पकने वाली किस्म की बुवाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही खेत में नमी संरक्षण के लिए निराई-गुडाई कर खरपतवार निकालने एवं नमी के वाष्पीकरण को रोकने के लिए उखाड़े गए खरपतवार का प्रयोग करने की सलाह दी। असिंचित अवस्था में नाइट्रोजन की मात्रा 40 प्रतिशत तक कम करने की सलाह दी। साथ ही फसलों में फास्फोरस एवं पोटाश की पूरी मात्रा बुवाई पूर्व कर देने की सलाह दी। इससे फसल में नमी की कमी को सहन करने की क्षमता बढ़ती है।

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