पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

धर्म-आस्था:जालोर शहर में ऋषि पंचमी पर महर्षि जाबालि का किया पूजन

जालोरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

संस्कृति शोध परिषद के तत्वाधान में शहर में ऋषि पंचमी का कार्यक्रम मनाया गया। इस दौरान जालोर की संस्कृति के महान ऋषि जाबाली को याद कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर ऋषि पंचमी मनाई गई। इस दौरान जाने-माने साहित्यकार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल बाबा ने भारतीय संस्कृति व उसके संरक्षण के बारे में अपने विचार व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन कुल परंपरा एवं ऋषि परंपरा की बहुत बड़ी भूमिका है एवं वैदिक ज्ञान के प्रकाश को आलोकित करने में ऋषि परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। बाबा ने ऋषियों की विशेषता बताते हुए कहा कि विशिष्ट व्यक्ति जिन्होंने अपनी विलक्षण एकाग्रता के बल पर गहन ध्यान कर विलक्षण शब्दों के दर्शन किये है और गूढ़ अर्थों को जाना व प्राणी मात्र के हित मे प्रकट किया, उन्हें ऋषि कहते हैं।

परिषद के निदेशक संदीप जोशी ने ऐतिहासिक एव पौराणिक तथ्यों के संदर्भ में महर्षि जाबालि के व्यक्तित्व एव कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि जाबालि के नाम पर जालोर को प्राचीन काल में जाबालीपुरम कहा जाता था।

इसी कड़ी में परिषद के उपाध्यक्ष कल्पेश बोहरा ने बताया कि महर्षि जाबालि वैदिक काल के ऋषि थे तथा उनकी जयंती एवं पुण्यतिथि की जानकारी नहीं होने के कारण परिषद द्वारा प्रतिवर्ष ऋषि पंचमी के अवसर पर उनका पूजन एवं पुण्य स्मरण किया जाता है। इस अवसर पर नीलम पंवार, भोमाराम, तेजकरण सिंह, चेलाराम बुडतरा, चेतन कुमार, हरीश सोलंकी, चेलाराम जीवाणा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं...