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मानसूनवाणी:नई उम्मीद; अब पांच दिन बाद हो सकती है मानसून की पहली बारिश

जालोरएक महीने पहले
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  • 9 से 10 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवा से उम्मीद

प्रदेश में पिछले वर्ष से पहले मानसून आने के बाद भी जालोर जिले में प्रवेश नहीं कर पाया। अब जिले के लिए खुशखबरी यह है कि बंगाली की खाड़ी से उठने वाली हवा से बनने वाले सिस्टम से मानसून से जिले में दस्तक देगा। मौसम विभाग के अनुसार 9-10 जुलाई से बंगाल की खाड़ी से निचले स्तर पर नमी युक्त पूर्वी हवाएं शुरू होंगी, जो देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से तक पहुंचेगी और 5 से 6 दिनों में इसका सीधा असर पश्चिमी राजस्थान में होगा।

फिलहाल मानसून की उत्तरी रेखा बाड़मेर, भीलवाड़ा और धौलपुर में है, लेकिन 9 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और 10 जुलाई से प्रदेशके कुछ भागों में मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और जोधपुर संभाग के जिलों में 11 से 13 जुलाई के बीच मानसून के पहुंचने की संभावना है।

नमी युक्त पूर्वी हवा ला सकती है मानसून की मूसलाधार

12-13 जुलाई को मानसून के पहुंचने की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिक आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जालोर जिले में 12-13 जुलाई को मानसून सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जालोर, जोधपुर, सिरोही, जैसलमेर तथा पाली में 11-12 जुलाई से मानसूनी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के बाद यहां पर बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।

मौसम विभाग ने पिछले वर्ष से 5 दिन पहले जताई थी उम्मीद

जिले में मौसम विभाग ने 25 जून तक जिले में मानसून की पहली बारिश होने की उम्मीद जताई थी, लेकिन तब तक मानसून हवाओं के चलते कमजोर होने के कारण जिले में बारिश होने से पहले ही रूठ गया। ऐसे में पिछले वर्ष से इस बार 8 दिन पहले से लेट हो चुका हैं। अब मौसम विभाग जिले में 11-12 जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना जता रहे। हालांकि जिले में आसमान में पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही जारी है।

तीन पड़ोसी जिलों में हो चुकी बारिश, जालोर में सूखा

जानकारी के अनुसार पड़ोसी जिले सिरोही, पाली व बाड़मेर में मानसून की पहली बारिश हो चुकी हैं। लेकिन जालोर जिले में मानसून प्रवेश होने से पहले ही हवाओं की दिशा बदल गई एवं कमजोर हो गया। प्री-मानसून की जिले में अंतिम बारिश 20 जून को हुई थी, उसके बाद अच्छी बारिश कही नहीं हुई।

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