भाटीप में मुठभेड़:पाबूराम सोया उसी छत पर पहुंच गई पुलिस, 2 फायर कर टखने पर गोली खाई, फिर कूदा

जालोर3 महीने पहले
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हथियारों का शौकीन पाबूराम इस बार पुलिस पर दो राउंड फायर करने के बावजूद पकड़ा गया। - Dainik Bhaskar
हथियारों का शौकीन पाबूराम इस बार पुलिस पर दो राउंड फायर करने के बावजूद पकड़ा गया।
  • ममेरी बहन के यहां छिपा था 2 कांस्टेबलों की हत्या का 1 लाख का ईनामी
  • 3 किमी दूर ननिहाल और ममेरी बहन के ससुराल में था ठिकाना, यहीं से पकड़ा

भीलवाड़ा में तस्करी के दौरान 10 अप्रैल को दो कांस्टेबलों की हत्या के बाद से फरार एक लाख के इनामी बदमाश पाबूराम जाट को शुक्रवार की देर रात 3 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। तीन जिलों (भीलवाड़ा, जालोर और बाड़मेर) की पुलिस ने करड़ा थाना क्षेत्र के भाटीप गांव में देर रात दबिश देकर यह कामयाबी हासिल की।

जालाेर एसपी श्यामसिंह चाैधरी ने बताया कि गिरफ्तारी और मुठभेड़ के डर से पाबूराम अपनी ममेरी बहन के घर छिपा हुआ था। यहां 3 किमी दूर ही उसका ननिहाल है। ममेरी बहन के घर का घेरा डाल पुलिस उसी छत तक पहुंच गई, जहां वह सो रहा था। सरेंडर की बजाय आरोपी ने पिस्टल से दो फायर कर दिए। जबाब में जैसलमेर पुलिस के उप निरीक्षक सुनील ताडा ने भी एक फायर किया जो पैर में टखने पर लगा।

इसके बाद पुलिस ने बागोड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के वाड़ाभाडवी निवासी पाबूराम गोरसिया (28) पुत्र हनुमानराम जाट को दबोच लिया। जालोर में प्राथमिक उपचार के बाद पाली अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब जालाेर पुलिस करड़ा थाने में दर्ज मामले में पहले गिरफ्तार करेगी। सरगना राजू फाैजी अब भी फरार है।

पुलिस को सूचना थी कि आरोपी करड़ा थाना क्षेत्र के भाटीप गांव में हैं। भाटीप निवासी मगाराम सारण के घर रात को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने घर में तलाशी शुरू की। पीछे की सीढ़ी से पुलिस के 6 जवान छत तक गए। छत पर जाकर देखा तो आरोपी चारपाई पर सो रहा था।

पुलिस ने जैसे ही आवाज दी तो जागते ही तकिये के नीचे छुपाई पिस्टल निकाल पुलिस की तरफ तान दी। पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने को कहा तो दो फायर कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस उप निरीक्षक सुनील ताडा ने दो राउंड आरोपी पाबूराम पर फायर किए तो टखने में गोली लगते ही मकान के सामने की तरफ कूद गया। नीचे मुस्तैद पुलिस ने पकड़ लिया। प्रोडक्शन वारंट पर भीलवाड़ा, राजसमंद, बाड़मेर व नागाैर पुलिस ले जाएगी।

5 सीआई, 3 एसआई, 1 एएसआई थे टीम में : आरोपी को पकडऩे के लिए तीन जिलों की अलग-अलग टीमों ने दबिश दी। टीम में भीलवाड़ा के मांडल थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा, रायला थानाधिकारी गजराज, सदर बाड़मेर थानाधिकारी रामनिवास विश्रोई, पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डांगा, जालोर के रामसीन थानाधिकारी अरविंद पुरोहित व एएसआई अशोक बिस्सु, सुनील ताड़ा, सुरजीत ठोलिया और एसआई नेताराम समेत 15 जवानों की टीम ने कार्रवाई की।

कूदने के बाद भागने की हालत में नहीं रहा

पाबूराम गोली लगते ही मकान से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन दाहिने पैर में टखने पर गोली लगने व कूदते समय नीचे फर्श सीमेंटेड होने पर पैरों में चोटें आ गई। आरोपी दर्द से कराह रहा था, तब तक पकड़ लिया। आरोपी के अवैध पिस्टल के अंदर एक जिंदा कारतूस व दो मैगजीन बरामद की। पुलिस स्थानीय चिकित्सकों से उपचार के लिए जालोर जिला अस्पताल में लेकर आई। पाबूराम को सरगना राजू फौजी का साथी और दायां हाथ माना जाता है।

पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं गया था गांव

पाबूराम गोरसिया के पिता हनुमानाराम की एक वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। इस वक्त पुलिस को पाबूराम की तलास में थी, लेकिन वह पुलिस गिरफ्तारी के डर के चलते पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। हालांकि तीसरे दिन तीये की बैठक में शामिल हुआ और एक घंटा रूककर वापिस चला गया।

पाबूराम पर एनडीपीएस एक्ट, हत्या व लुट के मामले दर्ज हैं। कॉन्स्टेबल हत्या के मामले में भीलवाड़ा पुलिस की सख्ती काे देखते हुए 3 दिन पहले ही बदमाश रमेश भाणिया ने भी चित्तौड़गढ़ एनडीपीएस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और अपने एनकाउंटर होने की आशंका भी जताई थी।​​​​​​​

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