हेली बोर्न सर्वे:जमीन के 500 मीटर अंदर की 3-डी तस्वीर से तलाश रहे पानी

जालोरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जालोर उपखंड समेत आसपास के गांवों में मंडराता हेलीकॉप्टर दिनभर जिज्ञासा का विषय रहा। इसके नीचे गोल घेरे में लटके खास तरह के कैमरे हैं, जो भू-गर्भ में पानी की गुणवत्ता, उपलब्धता सहित अन्य व्यापक जानकारी जुटा रहे हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से हेली बोर्न सर्वे शुरू करवाया गया है। इनमें राजस्थान के 8 जिलों सर्वे हो रहा है। इन जिलों में हेलिकॉप्टर से जमीन में 500 मीटर की गहराई तक जल का पता लगाया जाएगा।

राजस्थान के बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, जालोर, पाली, जैसलमेर, जोधपुर और सीकर जिले के 65,500 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में भूजल की स्थिति का पता लगाया जाएगा। भू-गर्भ के सर्वे में शामिल हेलिकॉप्टर के नीचे कैमरे लगे हैं। यह हेलिकॉप्टर जब एक बार उड़ान भरेगा तो 10-15 किमी. तक 500 मीटर नीचे तक भू-गर्भ में क्या स्थिति हैं, उसका सर्वे एक बार में कर लेगा।

हैदराबाद की कंपनी अत्याधुनिक तकनीक से कर रही सर्वे
भूजल प्रबंधन के लिए हेली सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी शुरू की गई थी। पहले चरण में राजस्थान, पंजाब, गुजरात और हरियाणा राज्यों को हेली-बोर्न सर्वेक्षण किया जा रहा है। जोधपुर से 5 अक्टूबर को सर्वे शुरू किया था। यह तकनीक सीएसआईआर-एनजीआरआई हैदराबाद द्वारा विकसित की गई है।

शुष्क क्षेत्रों में भूजल स्रोतों का मानचित्रण करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, हेली सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। सर्वेक्षण से भूजल का पीने के लिए उपयोग करने में मदद मिलेगी। हेली-बोर्न भूभौतिकीय मानचित्रण तकनीक उप-सतह के लिए जमीनी स्तर से 500 मीटर नीचे की गहराई तक हाई-रिज़ॉल्यूशन 3डी छवि प्रदान करेगी।

खबरें और भी हैं...