दीपोत्सव::दिनभर खरीदारी, शाम को लक्ष्मी पूजन, जगमगाते रहे गांव-कस्बे

जालोर25 दिन पहले
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दीपावली का त्योहार जिलेभर में उत्साह के साथ मनाया गया। दीपावली पर लोगों ने दिनभर बाजार में खरीददारी की। कोरोना महामारी के बाद पहली बार बाजार में भारी भीड़ रही। रात तक लोग खरीददारी करते दिखे। शाम को लक्ष्मी पूजन किया। हरेक मुंडेर पर दीपक जलाए गये। पूरा शहर रोशनी व दीपकों से रोशन रहा। वहीं दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की।

दीपावली पर रातभर आतिशबाजी की गई। त्यौहार पर शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया। इधर, दीपोत्सव पर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अन्नकूट का भोग लगाया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

गुड़ाबालोतान. कस्बे समेत क्षेत्र के गावों में कार्तिक वदी अमावस्या गुरुवार को दीपावली का महापर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वही गुरुवार की शाम को श्री महालक्ष्मी के स्वागत को लेकर घरों व प्रतिष्ठानों के बाहर दीप दान किया गया। तथा महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए फूलों व रंगीन रोशनी से सजावट की गई। और लक्ष्मी व कुबेर पूजन के समय उनके स्वागत सत्कार के लिए आकर्षक रंगोली सजाई गई। गुरुवार की शाम से ही लक्ष्मी पूजन का समय शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों व किसानों द्वारा पूरे विधि विधान के साथ श्री महालक्ष्मी का आह्वान एवं पूजन किया गया। कई घरों व दुकानों में पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच धन के राजा कुबेर व श्री महालक्ष्मी का आह्वान कर पूजन किया गया।

सुंदर रंगोली सजाई : गुरुवार की शाम को दीपावली के उपलक्ष्य पर स्थानीय निवासी एवं आहोर उप प्रधान अमृत प्रजापत की बेटी मनीषा प्रजापत ने प्रभु श्रीराम एवं माता सीता की मनमोहक रंगोली सजाई। इस आकर्षक रंगोली के माध्यम से प्रभु श्रीराम के वनवास के दौरान कुटिया में विश्राम करते हुए और उनकी थकान दूर करने के लिए माता सीता द्वारा पैर दबाने के चित्रण को उकेरा गया है।

शनिवार को गावों में मनाई भाईदूज, बहनों ने भाइयों के ललाट पर लगाया तिलक

दीपावली के तीसरे दिन शनिवार को भाई दूज का पर्व मनाया गया। शुभ मुहूर्त में भाइयों ने बहिनों के घर जाकर उनसे तिलक लगवाया। इस दौरान बहिनों ने अपने अपने भाइयों के मस्तक पर विजय तिलक लगाकर तथा हाथ की कलाई पर कलावे से रक्षासूत्र बांधकर भाई के चिरायु होने की मंगल कामना की। बहिनों ने भाइयों की आरती उतारकर उनकी नजर भी उतारी। भाइयों को बहिनों ने व्यंजन परोस कर बड़े ही प्रेम से भोजन करवाया गया। इस मौके पर भाइयों ने भी बहिनों की इच्छानुसार द्रव्य दान व वस्त्र भेंट किये। सायला. उपखण्ड मुख्यालय सहित क्षेत्रभर में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने पूजन सामग्री की खरीददारी के बाद शुभवेला में दुकानों व घरों में परिवार सहित दीपावली पूजन किया। खुशहाली की कामना दीपावली की। रात को लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। सायला में रामा श्यामा के दिन घुड़दौड़ नही हुई। जबकि यह परंपरा पुरानी थी।

पावटा. कस्बे सहित आसपास के पलासिया कला, पलासिया खुर्द, रसियावास, सेदरिया बालोतान, आलावा, हरियाली गांवों में गुरुवार को दीपावली का पर्व बड़े की उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांवों में खासा उत्साह देखा गया। गांवों में दीपोत्सव को लेकर गुरुवार की रात को घरों दुकानों के साथ-साथ मंदिरों पर भी आकर्षक रूप से दीप मालाएं सजाई गई।

रात के समय वृषभ में घरों प्रतिष्ठानों में पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से महालक्ष्मी की पूजा अर्चना की गई। महालक्ष्मी पूजन के दौरान गांवों की गलियों घरों के बाहर दीप सजाकर बच्चों युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की। शुक्रवार सवेरे महिलाओं ने घर का सारा कचरा भद्रा के रूप में बाहर निकालकर लक्ष्मी का स्वागत किया। दिन में गोवर्धन पूजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दी। गांवों में चल रही परम्परा के अनुसार ग्रामीणों ने अपने परिवार के बुजुर्ग लोगों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। शनिवार को भाईदूज का पर्व भी मनाया गया जिसमें बहिनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर कलावा बांध कर भाईयों के सौभाग्य की कामनाएं की।

मेंगलवा. निकटवर्ती थलवाड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दीपावली पर्व की संध्या को प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह और विद्यालय स्टाफ द्वारा 251 दीपक लगाकर पूरे विद्यालय परिसर को रोशनी से आलोकित किया। प्रधानाचार्य जितेंद्रसिंह ने बताया की विद्यालय एक मंदिर है इस मंदिर को माटी के दीपक से जगमगाया। पूरे स्टाफ ने दीपावली के पावन पर्व पर एक अनूठी पहल करते हुए स्कूल भवन को दीपकों से सजा दिया।

जसवंतपुरा. कस्बे सहित आस-पास के गांवों में गुरुवार को रोशनी का पर्व दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया गया। त्यौहार से पूर्व ही ग्रामीणों ने घर, आंगन व प्रतिष्ठानों को रोशनी से सजाया। त्यौहार को लेकर बाजार भी सजकर तैयार था, वही लोगों में भी खरीददारी को लेकर खासा उत्साह नजर आया। शुभ-मुहूर्त में घरो व दुकानों में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सुख-सृमद्धि का आशीर्वाद मांगा।

सभी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। दूसरे दिन रामा-श्याम करने का क्रम जारी रहा। आगन्तुकों का स्वागत कर घर में बनी मिठाइयों से मुंह मीठा कराया। शनिवार को भाई-दूज परम्परागत व उत्साह से मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मुँह मीठा करवाकर इनके मंगल की कामना की।

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