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घाट पूरा लाल:ढलान से बेकाबू ट्रोले ने हेडकांस्टेबल समेत 3 को रौंदा 2 बार कोरोना को हरा एक दिन पहले ड्यूटी पर लौटा था

जालोर22 दिन पहले
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लालपुरा घाटे में घटना के बाद मृत अवस्था में पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
लालपुरा घाटे में घटना के बाद मृत अवस्था में पुलिसकर्मी।
  • कार-ट्रक की भिड़ंत के बाद चालक-खलासी के साथ मौका मुआयना कर रहा था हेडकांस्टेबल, रात 10:30 बजे हादसा
  • लालपुरा घाटे में पांच साल में 118 की मौत
  • अलवर के थानागाजी का रहने वाला था रोहिताश, ट्रक चालक-खलासी की शिनाख्त नहीं

अजमेर जिले की सीमा से सटे लालपुरा घाट सेक्शन में ढलान पर मंगलवार रात करीब 10.15 बजे ट्राेले ने सेंदड़ा थाने में कार्यरत हेडकांस्टेबल राेहिताश मीणा के साथ एक अन्य ट्रक के चालक व खलासी काे कुचल दिया, जिससे माैके पर ही तीनाें की माैत हाे गई। सेंदड़ा थाने की सरकारी जीप व तीन अन्य पुलिसकर्मियाें के साथ हेडकांस्टेबल लालपुरा घाट सेक्शन में ट्रक व कार के बीच हादसे की सूचना पर पहुंचे थे।

हेडकांस्टेबल दाेनाें दुर्घटनाग्रस्त वाहनाें के चालकाें के साथ माैका मुआयना कर रहे थे। इस दाैरान ब्यावर की ओर से आ रहे बेकाबू ट्राेला चालक ने हेडकांस्टेबल के साथ ट्रक चालक व खलासी काे कुचलदिया। उसने पुलिस की जीप काे भी चपेट में ले लिया। हादसे में अन्य पुलिसकर्मी ताे बाल-बाल बच गए, लेकिन हेडकांस्टेबल व ट्रक के चालक-खलासी ने माैके पर ही दम ताेड़ दिया। कार चालक हादसे के बाद पत्नी व बच्चाें के साथ अन्य वाहन में कुछ देर पहले ही वहां से निकल गया था। इसके बाद यह हादसा हुआ। हादसे के बाद चालक ट्राेला छाेड़ फरार हाे गया।

3 माह पहले पिता की माैत, खुद दो माह में दाे बार संक्रमित हुए

पुलिस के अनुसार अलवर के थानागाजी थाना क्षेत्र के द्वारपुरा निवासी राेहिताश मीणा कांस्टेबल के पद पर पाली में भर्ती हुआ था। हेडकांस्टेबल के पद पर पदोन्नति के बाद कालू थाने से छह माह पहले ही उसका तबादला सेंदड़ा हुआ था। तीन माह पहले सड़क हादसे में पिता की माैत हाे गई ताे वह 1 माह के अवकाश पर था।

उसके बाद ड्यूटी ज्वाइन की ताे वह काेराेना संक्रमित हाे गया और 15 दिन सेंदड़ा के पुराने थाने में क्वार्टर में क्वारेंटाइन रहा। इसके 16 दिन बाद फिर पाॅजिटिव आया। इसके कारण उसे फिर से 15 दिन के लिए हाेम क्वांरेटाइन किया गया। दाे बार संक्रमित हाेने के कारण कमजोरी बढ़ गई ताे 1 माह के मेडिकल अवकाश पर चला गया। साेमवार काे ही उसने ड्यूटी ज्वाइन की और मंगलवार काे हादसे में उसकी जान चली गई।

ट्रक चालक-खलासी के साथ कांस्टेबल का शव आज साैंपेंगे

सेंदड़ा थाना प्रभारी मनोज सामरिया ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार चालक अपनी पत्नी व बच्चाें के साथ माैके से चला गया था। हादसे में हेडकांस्टेबल रोहिताश मीणा के साथ दाे और लाेगाें की माैत हुई है। दाेनाें मृतकाें की शिनाख्त ताे नहीं हुई है, लेकिन अन्य ट्रक चालकाें ने बताया कि दाेनाें मृतक ट्रक के चालक-खलासी हैं। उनकी शिनाख्तगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

लालपुरा घाट माैत का घाट इसलिए

वजह-1 : लालपुरा घाट सेक्शन में ढलान इतना कि वाहन भिड़े ताे जान बचना मुश्किल

जिले से गुजर रहे ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाइवे 162 पर पाली-अजमेर जिले की सरहद में अमरपुरा ग्राम पंचायत के लालपुरा घाट सेक्शन काे सड़क हादसे के मामले में हाई रिस्क जाेन माना जाता है। एनएचएआई और पुलिस ने लालपुरा घाट सेक्शन काे सबसे ज्यादा घातक जाेन में रखा है। इस घाट सेक्शन में पहाड़ी काे काट कर हाईवे बनाया गया है, लेकिन सही ढंग से राेड इंजीनियरिंग नहीं हाेने के कारण ढलान ज्यादा है। ढलान में चढ़ते वक्त ताे वाहन की स्पीड कम रहती है, लेकिन ब्यावर से बर की ओर आते समय ढलान में चालक वाहन की गति पर नियंत्रण नहीं रख पाते, जिसके कारण अकसर हादसे हाेते हैं।

वजह-2 : ढलान में रफ्तार पर काबू नहीं, इसलिए 5 साल में 1743 माैतें, इनमें से 118 लालपुरा घाट पर

जिले में बीते पांच साल में सड़क हादसे के आंकड़ाें काे देखा जाए ताे चाैंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 2017 से जून 2021 तक जिले में कुल 2242 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 1743 लाेगाें की जान गई। इन हादसाें में 2447 लाेग घायल हुए हैं। इन पांच सालाें में अकेले लालपुरा घाट सेक्शन में कुल 118 लाेगाें की माैत हुई है, जबकि 196 लाेग घायल हुए हैं।

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