फसल बीमा योजना:बीमा इतना धीमा क्यों? जिस आहोर में सिर्फ 150 मिमी बारिश, वहां के किसानों को 3 माह से क्लेम नहीं मिला

जालोरएक महीने पहले
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खरीफ सीजन 2021 में सूखे से हुए खराबे के बदले जालोर और आहोर क्षेत्र के किसानों को तीन महीने बाद भी राहत नहीं मिल पाई है। नुकसान की भरपाई को लेकर बीमा के लाभार्थियों को सर्वे रिपोर्ट जाने के तत्काल बाद मिड सीजन एडवर्सिटी घोषित करने पर बीमित राशि का 25 प्रतिशत क्लेम मिलना था। इन किसानों को राशि जारी नहीं होने का कारण ना तो कंपनी के प्रतिनिधि बता पा रहे हैं और ना ही यहां के कृषि विभाग के अधिकारी। ऐसे किसानों को राहत के रूप में बीमा की 25 प्रतिशत राशि एक माह के भीतर ही तत्काल जमा होनी थी, लेकिन तीन माह बाद भी 50 हजार के करीब किसानों की यह राशि अटकी हुई है। जिले में बजाज एलायन्ज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी ही बीमा का कार्य कर रही है।

बता दें कि प्रावधान के अनुसार जिले की सभी तहसीलों में खरीफ की प्रमुख फसलों में मिड सीजन एडवर्सिटी प्रावधान लागू करने के लिए संयुक्त टीम द्वारा सर्वे करवाया गया। सर्वे में यह पाया गया कि खरीफ की प्रमुख फसलों बाजरा, मूंग, ग्वार एवं तिल में वर्षा के अभाव के कारण अत्यधिक नुकसान देखा गया। उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह सर्वे 1 से 7 सितंबर को किया गया था। इस सर्वे को हुए तीन माह से अधिक समय बीत गया है, किसानों ने दूसरी सीजन की भी बुवाई कर दी।

सबसे सूखाग्रस्त क्षेत्र रहा आहोर : खरीफ सीजन की सबसे कम बारिश भी आहोर उपखंड क्षेत्र में हुई थी। यहां पर पूरे सीजन में 150 एमएम से कम बारिश में हुई। जबकि जालोर के साथ-साथ आहोर तहसील भी शामिल हैं, जहां के किसानों को रुपए जमा नहीं हुए।

3.22 लाख किसानों को राहत मिली : जिले में अब तक खरीफ 2021 के मिड सीजन एडवर्सिटी सभी 9 तहसीलों में लागू हुई थी। इसमें सांचौर, चितलवाना, रानीवाड़ा, भीनमाल, जसवंतपुरा, बागोड़ा व सायला तहसील के 3.22 लाख किसानों को 25% बीमा क्लेम के रूप में 52.94 करोड़ रुपए जमा हो गई।

इन्हें राहत: 9 तहसील क्षेत्रों में से 7 के किसानों को करीब एक माह पहले 52.94 करोड़ रु. मिल चुके
जिले की 9 तहसीलों में से 7 तहसील के किसानों को करीब एक माह पहले 52.94 करोड़ रुपए की राशि उनके खातों में जमा हो गई है। दो तहसील के किसान अब हर रोज कृषि विभाग में प्रधानमंत्री बीमा की राशि को लेकर चक्कर लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचलित मार्गदर्शिका के प्रावधान संख्या 21.4 के अनुसार फसल की मध्य अवस्था में कम बारिश के कारण सूखा होने पर उत्पादन सामान्य 50 प्रतिशत कम होने की स्थिति में मिड सीजन एडवर्सिटी घोषित करने पर बीमित राशि का 25 प्रतिशत क्लेम कृषकों को तात्कालिक सहायता के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।

हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा
^सबसे कम बारिश आहोर उपखंड क्षेत्र में हुई थी। यह राशि सर्वे रिपोर्ट जाने के बाद तत्काल देने का प्रावधान होता है, लेकिन कंपनी अपनी मनमर्जी से राशि जारी करती है। किसानों ने जारी नहीं होने का कारण भी पूछा, लेकिन कोई जबाव नहीं दिया जा रहा है। आहोर व जालोर के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
-ईश्वरसिंह थुंबा, किसान नेता

स्वीकृति नहीं मिली है, जल्द मिल जाएगी : उपनिदेशक ^सर्वे रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई थी। बाकी उपखंडों में स्वीकृति मिलने के बाद राशि जमा हो गई है, यहां पर स्वीकृति नहीं मिलने से जमा नहीं हो पाई है, जल्द मिलने की उम्मीद है। -डॉॅ. आर.बी.सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग

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