ईद / अलविदा जुमे की नमाज मोमीनों ने घरों में पढ़ी

Goodbye prayers offered in homes
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Goodbye prayers offered in homes

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

मंडार. कोरोना के कारण मुस्लिम समाज के पवित्र रमजान माह के अंतिम व अलविदा जुमे की नमाज भी मस्जिद में न होकर घरों में हुई। लॉकडाउन के कारण मस्जिद में सिर्फ पांच लोग नमाज के लिए पहुंचे। मस्जिद के मौलाना कमालुदिन अकबरी ने कहा कि पवित्र माह हम लोगों से बिछड़ रहा है, इसलिए इस माह में ज्यादा से ज्यादा खैरात करने के साथ-साथ गरीब मिस्कीन की हर तरह की मदद करनी चाहिए। मौलाना ने बताया कि ये दौर हम सब पर भारी है, क्योंकि पूरे मुल्क में कोरोना वायरस का प्रकोप है। सभी लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं, इसलिए घरों में खाली बैठने के बजाय अपने गुनाह से तौबा करके अपने मालिक से दुआएं मांगनी चाहिए, ताकि हमारे मुल्क पर आए संकट से जल्दी मुक्ति मिल जाए।
चांद नजर आने पर सोमवार को होगी ईद :

मास्टर अशरफ असगरी ने बताया कि रमजान माह के 30 रोजे पूर्ण होने पर अगर चांद 24 मई को नजर आता है तो 25 मई को ईद मनाई जाएगी। हालांकि इस बार लॉकडाउन के कारण ईद की नमाज ईदगाह में अदा न होकर अपने-अपने घरों में अदा करनी होगा। वृद्ध वली खां मकरानी व हाजी मोहम्मद खां मिस्त्री ने बताया कि उनकी उम्र में ऐसा पहली बार होगा जब ईदगाह में सामूहिक नमाज नहीं होगी।
बोहरा समाज आज मनाएगा ईद, घरों में पढ़ेंगे नमाज
बोहरा समाज के शेख सैफुदिन बोहरा ने बताया कि 30 रोजे पूरे होने के साथ शनिवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन होने के कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में ईद की नमाज अदा करने के साथ एक जगह पर एकत्रित होकर एक-दूसरे को मुबारकबाद नहीं देंगे। बोहरा समाज के रमजान माह के आखिरी रोजे के दिन सात साल की बतुल पुत्री मुर्तजा बोहरा ने जुम्मे का रोजा रखा।

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