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डीजल से चिमनी जलानी पड़ रही:नगावतों फली में अब तक नहीं पहुंची बिजली, मोबाइल चार्ज करने के लिए भी जाना पड़ता है

पिंडवाडा7 दिन पहले
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समीपवर्ती ग्राम पंचायत वरली के नगावताें फली में अब तक बिजली नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात को चिमनी से रोशनी करनी पड़ती है और अगर मोबाइल चार्ज करना है तो ग्रामीणों को दूसरे गांव जाना पड़ता है।

जानकारी के अनुसार आदिवासी क्षेत्रों में बिजली विभाग की दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली पहुंची है, लेकिन उपखंड स्तर से महज 6 किमी दूर स्थित आदिवासी गांव नगावताें की फली में रात होते ही अंधेरा छा जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत गांव से करीब 31 फाईलें बिजली विभाग में जमा करवाई थी, जिसको लेकर विभाग ने डिमांड भी जारी किए थे, लेकिन विभाग की ओर से एक साथ सभी डिमांड की राशि जमा करवाने के लिए कहा गया था।

ऐसे में कई लोग समय पर डिमांड राशि जुटा नहीं पाए और शेष डिमांड की राशि भी जमा नहीं हो पाई। इस कारण यहां शाम होते ही गांव अंधेर में डूब जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि नगावताें की फली की सीमा तक बिजली विभाग के पोल लगे हुए है, लेकिन फली के अंदर तक बिजली के पोल नहीं लगने के कारण रोशनी के लिए चिमनी का सहारा लेना पड़ रहा है।

ग्रामीण पप्पुराम गरासिया ने बताया कि गांव में बिजली नहीं हाेने कारण मजबूरी में डीजल से चिमनी जलानी पड़ रही है। पहले केरोसिन भी मिल जाता था, लेकिन अब केरोसीन नहीं मिलने से डीजल से चिमनी जला रहे है।

ग्रामीणों ने बताया कि मोबाइल फोन को चार्ज करवाने के लिए भी दूसरे गांव या फली में जाना पड़ता है। इतना ही नहीं तथा चार्ज होने तक घंटों बैठना पड़ता है और चार्ज के बाद रुपए भी देने पड़ते है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की ओर से एक बार फिर से सर्वे करवाया करवा कर गांव तक बिजली लाने की मांग की।

गत वर्षों में बिजली से वंचित परिवारों को योजना के तहत जोड़ा गया है, फिर भी कुछ परिवार या फली वंचित रह गए है, तो आवेदनकर्ताओं को सूची तैयार कर विभाग में जमा करवाए, ताकि आगामी योजना में वंचित परिवारों को लाभान्वित किया जा सके। - अमृतलाल जाटव, सहायक अभियंता, डिस्कॉम पिंडवाड़ा

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