प्रदेश के सबसे ऊंचे गांव में वैक्सीनेशन कैंप:समुद्र तल से 5 हजार फीट ऊंचाई पर बसा उतरज गांव, 8 KM पैदल चलकर पहुंची मेडिकल टीम, 392 लोगों को लगाई दूसरी डोज

माउंट आबू7 महीने पहले
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पेड़ के नीचे वैक्सीनेशन करती टीम और मौजूद ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
पेड़ के नीचे वैक्सीनेशन करती टीम और मौजूद ग्रामीण।

प्रदेश के सबसे ऊंचे गांव उतरज में बुधवार को कोरोना वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया। एसडीएम अभिषेक सुराणा के नेतृत्व में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सुबह 7 बजे गांव पहुंची। इस दौरान उतरज गांव व आसपास के कुछ गांवों ने 392 लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई।

माउंट आबू की पहाड़ियों में बसे उतरज गांव में पहुंचने के लिए स्वास्थकर्मियों को करीब 8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। टीम सुबह 7 बजे गांव पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों में टीकाकरण को लेकर उत्साह दिखा। टीम ने ओरिया गांव में भी वैक्सीनेशन कैंप लगाया। इस मौके पर डॉ तनवीर, आरआई कुंज बिहारी झा, शैलेश अग्रवाल और पंचायत क्षेत्र के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

माउंट आबू में अगस्त महीने में ही एसडीएम अभिषेक सुराणा के द्वारा कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने के निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा डोज लगाई गई थी। इसके साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्रो और 45 वर्ष की आयु से ज्यादा उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन टारगेट को जल्द पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है।

बता दें कि उतर गांव समुद्र तल से करीब 5 हजार फीट की ऊंचाई पर बसा है। उतरज से शेरगांव की दूरी करीब 15 किलोमीटर है और दोनों गांव को जोड़ने के लिए सड़क नहीं है। यहां के ग्रामीण पहाड़ियों को पार कर खाने-पीने का सामान लेने माउंट आबू में आते हैं।

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