पाली में वॉटर ट्रेन चलाने के तैयारी:रेलवे ने जलदाय विभाग को भेजा पत्र, 10 एमएलडी पानी जोधपुर से पाली लाने पर खर्च करने होंगे 15 लाख रोजाना, 2 ट्रेनें करेगी 4 फेरे

पाली5 महीने पहले
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वॉटर ट्रेन (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
वॉटर ट्रेन (फाइल फोटो)

पाली जिले में पेयजल संकट को देखते हुए जोधपुर से पाली पानी पहुंचने के लिए वॉटर ट्रेन संचालित करने की तैयारी कर रही हैं। इसको लेकर अब रेलवे ने जलदाय विभाग को पत्र लिखा हैं। जिसमें वॉटर ट्रेन के एक फेरे का खर्च 3.80 लाख बताया हैं। इस हिसाब से रोजाना वॉटर ट्रेन के 4 फेरों पर 15.2 खर्च होंगे। 1 अक्टूबर 2021 से 30 जून 2200 तक ट्रेन संचालित की जाती हैं तो 41 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान हैं।

पश्चिम राजस्थान के सबसे बड़े बांध जवाई में इस बार पानी की आवक नहीं होने से पाली में पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जवाई में दिनों दिन पानी कम हो रहा है। इसको लेकर जिलेभर में 96 घंटे में एक बार पेयजल सप्लाई भी की जा रही है। शहरवासियों की आगामी गर्मियों तक तक प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग ने पूरा प्लान भी तैयार कर दिया है। जोधपुर से वॉटर ट्रेन के जरिए पानी पहुंचाकर प्यास भी बुझाई जाएगी। इसको लेकर दो दिन पूर्व जलदाय विभाग के अधिकारियों ने जोधपुर पहुंचकर रेलवे डीआरएम गीतिका पाण्डे से मुलाकात भी की। साथ ही 1 अक्टूबर से वॉटर ट्रेन पाली पहुंचाने की मांग भी की। इस पर डीआरएम ने भी सहमति जताते हुए तय समय में वॉटर ट्रेन पहुंचाने का आश्वासन भी दिया। रेलवे ने पाली जलदाय विभाग पानी की मांग के अनुसार ट्रेन के फेरे, वैगन समेत पूरे खर्चे का ब्यौरा भी भेज दिया है। अब जलदाय विभाग को प्रारंभिक तौर पर कितने दिन के लिए ट्रेन चलानी है, उसके अनुसार एडवांस राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद ही रेलवे अपने मंडल से वैगन एकत्रित करने और उनकी धुलाई कर पानी के लिए तैयार करेगी। इसके बाद ही जोधपुर से पाली ट्रेन के जरिए पानी पहुंचेगा।

पाली को चाहिए प्रतिदिन 23 एमएलडी पानी

शहर में खपत 43 एमएलडी, अभी कटौती कर 23 एमएलडी किया, वॉटर ट्रेन चलेगी अब 17 एमएलडी देंगे। पाली शहर में प्रतिदिन 43 एमएलडी पानी की खपत होती है। वर्तमान में 96 घंटे में एक बार सप्लाई होने पर 23 एमएलडी तक पानी दिया जा रहा है। वर्तमान में जवाई में लाइव स्टोरेज चल रहा है। आगामी 21 सितंबर के बाद डेड स्टोरेज का पानी शुरू होगा। तब तक शहर में ऐसे ही पानी दिया जाएगा। जलदाय विभाग द्वारा धीरे-धीरे पानी कटौती भी की जाएगी। जवाई का पानी पूरा होने पर शहर में सप्लाई 16 से 17 एमएलडी तक लाया जाएगा। इसमें 10 एमएलडी वाटर ट्रेन से ओर शेष 6 से 7 एमएलडी पानी लोकल स्त्रोत जोगड़ावास व बाणियावास बांध से लिया जाएगा।

1 वैगन में 50 हजार लीटर पानी आएगा,

एक वैगन में 50 हजार लीटर पानी आएगा। कुल 50 वैगन में 25 लाख लीटर पानी एक फेरे में पहुंचेगा। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन 10 एमएलडी पानी के लिए 2 ट्रेन के जरिए 4 वॉटर ट्रेन के फैरे होंगे। इसमें एक ट्रेन में कुल 50 वैगन होंगे। प्रत्येक वैगन में 50 केएल (किलोलीटर प्रतिदिन) यानी 50 हजार लीटर पानी होगा। इसके हिसाब से 50 वैगन में 25 लाख लीटर पानी आएगा। वहीं 4 फेरों में कुल 100 लाख लीटर पानी आएगा।

रेलवे ने ब्यारा दिया है, 4 फेरों में 10 एमएलडी पानी आएगा

रेलवे ने ट्रेन का ब्यौरा दिया है। 1 अक्टूबर से ट्रेन चलाना प्रस्तावित है। 2 ट्रेन के जरिए 10 एमएलडी पानी पहुंचेगा। प्रतिदिन 4 फेरे होंगे। प्रत्येक फेरे पर करीब 3.80 लाख रुपए का खर्च आएगा। वर्तमान में बारिश का मौसम भी चल रहा है। जवाई में पानी आ जाता है तो ट्रेन के समय में परिवर्तन भी हो सकता है।
- जेपी शर्मा, एसई, जलदाय विभाग पाली

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