मांगों को लेकर श्रमिकों का धरना:500 मजदूरों ने सर्दी में सड़क पर बिताई रात, इन्द्रा रसोई से खाना मंगवाकर खाया

पाली2 महीने पहले
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पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर मंगलवार रात को सोए हुए श्रमिक। - Dainik Bhaskar
पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर मंगलवार रात को सोए हुए श्रमिक।

सीमेंट कम्पनी द्वारा वेज बोर्ड लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार सुबह जिले के रास स्थित श्री सीमेंट फेक्ट्री में काम करने वाले करीब 500 श्रमिक पाली पहुंचे। जिनका धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इन्द्रा रसोई से भोजन मंगवाकर किया तथा श्रम विभाग के बाहर ही बिस्तर लगा रात गुजारी। जो काफी मुशिकल से कटी। सर्दी के सिमत के साथ ही उन्हें मच्छरों ने रात भर परेशान किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अडे़ रहे। बोले बुधवार दोपहर तीन बजे दोनों फेक्ट्री प्रबंधन व मजदूरों के बीच बातचीत होगी। जिसमें श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। उसमें क्या होता हैं उसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर मंगलवार रात को सोए हुए श्रमिक।
पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर मंगलवार रात को सोए हुए श्रमिक।

श्री सीमेन्ट प्लाण्ट के श्रमिकों ने करीबन 15 दिन पहले श्रम विभाग, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक सहित अन्य विभागों में अपनी मांगों को लेकर सूचना दी थी। वर्ष 2003 से लगातार इस कम्पनी मे कार्यरत मजदूरों को ईएसआई जैसी सुविधाओं का लाभ के साथ पीएफ का परिलाभ भी नहीं दिया जा रहा हैं। प्लाण्ट स्थापना के समय स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार दिए जाने का समझौता हुआ था जिसे भी कोरोना काल के बाद नहीं लिया जा रहा है। इस तरह कि 29 सूत्रीय मांग पत्र सीमेन्ट ईकाई प्रबन्धन सहित प्रदेश के सम्बधित राजकीय कार्यालयों मे दिया जा चुका हैं।

पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर बुधवार सुबह कुछ इस तरह सड़क किनारे बिस्तर में बैठे-बैठे श्रमिकों ने चाय पी।
पाली के श्रम विभाग कार्यालय के बाहर बुधवार सुबह कुछ इस तरह सड़क किनारे बिस्तर में बैठे-बैठे श्रमिकों ने चाय पी।

यह हैं मजदूरों की प्रमुख मांगें
- केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए वेज बोर्ड को लागू किया जाए। तथा उसके लाभ व परिलाभ श्रमिकों को दिए जाएं।
- फेक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को स्थाई श्रमिक घोषित किया जाए।
- ठेका प्रथा को समाप्त कर श्रमिकों को नियमित किया जाए।
- वेज अवार्ड के अनुसार वेतन, भत्ते, लाभ, परिलाभ एवं अन्य सुविधाएं दी जाए।
- मूल वेतन पर महंगाई भत्ता दिया जाए। मूल वेतन व भत्तों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की जाए।
- माइसं, प्लांट में काम करने वाले एचईएमएम ऑपरेटर्स की नियमानुसार ग्रेड पदोन्नति के साथ वेतन वृद्धि की जाए।
- श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जाए।
- श्रमिकों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाई जाए।
- प्लांट में काम करते समय श्रमिक किसी तरह की दुर्घटना या मौत का शिकार हो जाए तो उसके परिवार के सदस्य को स्थाई नौकरी एवं 20 लाख का मुआवजा दिया जाए।
- श्रमिकों के लिए सुविधायुक्त कैटिंन की व्यवस्था की जाए।

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