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  • 75 Passengers Were In A 53 seater Bus Going From Churu To Gujarat, Crossed 25 Police Stations, Stopped Only In Rohat, Fined Passengers Too, Sent Back Home

बड़ी कार्रवाई:चूरू से गुजरात जाती 53 सीटर बस में थे 75 यात्री, 25 थाने-चौकियां पार किए सिर्फ रोहट में रोका, यात्रियों पर भी जुर्माना, वापस घर भेजा

पाली9 दिन पहले
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इस बस को जब्त कर लिया गया। - Dainik Bhaskar
इस बस को जब्त कर लिया गया।
  • लॉकडाउन में रोक के बावजूद ट्रैवल्स बसों में चोरी-छिपे गुजरात-महाराष्ट्र जा रहे यात्री

कोरोना में निजी व राेडवेज बसाें की आवाजाही पर पूरी तरह से राेक हाेने के बाद भी कई लाेग चाेरी-छिपे बसाें में यात्रा कर गुजरात-महाराष्ट्र तक जा रहे हैं। राेहट में पुलिस ने चुरू से पूणे की तरफ जा रही निजी बस काे पकड़ा है। 53 सीटर बस में 75 यात्रियाें काे ठूंस-ठूंसकर भरा था। चाैंकाने वाली बात ताे यह है कि चुरू से लेकर राेहट के बीच में कुल 35 पुलिस थाने व चाैकियां है। इसके बाद भी किसी भी स्थान पर बस काे नहीं रूकवाया गया।

यात्रियाें के चालान बनाते हुए उनसे भी जुर्माना वसूला गया है। बस काे जब्त कर यात्रियाें काे अन्य साधनाें से वापस भेजा गया। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह रोहट पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान गुजर रही निजी बस को रूकवाया। बस में 53 सीट की बस में के भीतर 75 सवारियां बैठी मिली। जिस पर रोहट थानाप्रभारी जसवंतसिंह ने सोशल डिस्टेंसिंग के चालान सभी यात्रियों के काटे तथा बस जब्त कर यात्रियों को दूसरे वाहन से वापस भेजा।

सभी यात्री चुरू के थे जो गुजरात के पूणे शहर जा रहे थे। रोहट पुलिस ने रविवार सुबह करीब चार बजे कार्रवाई की। रोहट पुलिस की यह तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले साेजत व सदर थाना पुलिस ने एक निजी बस को जब्त करने की कार्रवाई की थी। गुजरात में कामकाज शुरू हो जाने से यात्री वहां वापस लौटने लगे हैं। अधिकांश यात्रियाें ने मास्क भी नहीं लगा रखा था।

बड़ा सवाल : 370 किमी दूर रोहट तक कैसे पहुंच गई बस?
चूरू से रोहट की दूरी करीब 370 किलोमीटर है। रास्ते में करीब 25 से ज्यादा थाने आते हैं। सभी थानाप्रभारियों की जिम्मेदारी में शामिल हैं कि वे अवैध रूप से संचालित हो रही निजी बसों को रोके तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करें लेकिन हकीकत यह है कि कुछ थानों की पुलिस ही इस मामले में सक्रियता दिखा रही हैं। शेष थानों की पुलिस मानो नाकाबंदी के नाम पर खानापूर्ति कर रही।

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