मिलावट पाए जाने पर दो ज्यूस सेंटर बंद:लाइसेंस के बिना चल रहे थे, एक्सपायरी डेट के मिले रंग

पाली5 महीने पहले
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पाली शहर के सूरजपोल बांगड़ हॉस्पिटल के सामने स्थित ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई की गई। यहां एक्सपायरी डेट के रंग व लाइसेंस मिला। - Dainik Bhaskar
पाली शहर के सूरजपोल बांगड़ हॉस्पिटल के सामने स्थित ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई की गई। यहां एक्सपायरी डेट के रंग व लाइसेंस मिला।

पाली शहर में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में दो ज्यूस की दुकान पर कार्रवाई की गई। इस दौरान ज्यूस में मिलाने वाले अवधिपार रंग को जब्त किया गया। ज्यूस का सैंपल लेकर लैब भेजा गया। 2 दिन के लिए दोनों दुकानों को बंद करवाया गया हैं।

जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग की टीम ने शहर में बांगड़ हॉस्पिटल के सामने और नहर पुलिया स्थित ज्यूस सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की। CMHO डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि आमजन को मिलावट रहित खाद्य वस्तु मिल सकें। इसके लिए राज्य सरकार के निर्देश पर पाली 10 जून से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान का चलाया जा रहा है। मंगलवार को टीम ने पाली शहर में दो स्थानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के प्रावधानों के अनुसार मिलावटी पेय पदार्थ आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की।

पाली शहर के एक ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई करती टीम।
पाली शहर के एक ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई करती टीम।

शहर के बांगड़ अस्पताल के सामने संचालित हो रही मानसरोवर ज्यूस की दुकान पर पैक ज्यूस अवधिपार एवं उपयोग किए जाने पर व ज्यूस सेंटर का खाद्य अनुज्ञा पत्र 2 वर्ष पूर्व एक्सपायरी हो चुका था। 2 साल से ज्यूस सेंटर बिना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत चल रहा था। इस पर उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए पाबंद किया। टीम ने दुकान से दही, लस्सी व जूस का सैंपल लिया व अवधिपार रंग सीज किया। इसी टीम ने पाली शहर के कॉलेज रोड स्थित ज्योति ज्यूस सेंटर पर अवधिपार रंग पाए जाने व दुकान पर लाइसेंस, अनुज्ञा पत्र नहीं पाए जाने पर 2 दिन के लिए सेंटर को सीज किया गया। साथ ही मौसमी जूस का सैंपल लिया गया। विक्रेताओं को लाइसेंस बनवाने के लिए पाबंद किया गया।

सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत दूध, मावा, पनीर और दूग्ध उत्पादों सहित आटा, बेसन मिर्च, मसाले, तेल, घी, मिठाई व खाद्य वस्तुओं में मिलावट की जांच की जाएगी और मिलावट युक्त खाद्य वस्तु विक्रेताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने आमजन से अपील की है कि जिले में अगर कहीं पर मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार अथवा बेचान किया जाता है, तो उसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में दी जाए। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।