भंडार मिलने का सिलसिला जारी:20 नई खानों की नीलामी से 10 करोड़ से ज्यादा की होगी आय

बर मारवाड़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

खनिज संपदा की बात करें तो अब चांग व ब्यावर में भी ब्लैक ग्रेनाइट के भंडार मिलने का सिलसिला जारी है। इसको ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों हुए सर्वे के बाद खान विभाग ने मसूदा क्षेत्र के ग्राम कानाखेड़ा और नंदवाड़ा में एक बार फिर ग्रेनाइट और मेसेनरी स्टोन की माइंस के लिए ब्लॉक तैयार किए हैं। इनका नीलामी के जरिए आवंटन होगा। इसके लिए विभाग दिसंबर के अंत में प्रक्रिया शुरू करेगा।

इससे करीब 10 करोड़ रुपए की आय होगी। भू - विज्ञान विभाग के सर्वे में पूर्व में भी इसी क्षेत्र में ब्लैक ग्रेनाइट के भंडार की पुष्टि की गई थी। इसी आधार पर खान विभाग ने मसूदा, चांग और शेरगढ़ में 18 से अधिक ब्लॉक तैयार किए थे। एक बार फिर सर्वे में इसी क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी ग्रेनाइट के भंडार को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ग्राम कानाखेड़ा में 8 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 ब्लॉक क्वार्ट्ज-फेल्सपार के तैयार किए हैं।

वहीं ग्राम नंदवाड़ा में 9 हेक्टेयर क्षेत्र में 9 ब्लॉक मेसेनरी स्टोन और ब्लेक ग्रेनाइट के तैयार किए हैं। पूर्व में जिन ब्लॉक का आवंटन नहीं हुआ था, उन्हें भी शामिल करते हुए अब दिसंबर माह के अंत में नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की संभावना जताई जा रही है।

इस बार क्वार्ट्ज फेल्सपार के लिए भी ब्लॉक शामिल
विभाग की ओर से मसूदा क्षेत्र में कराए गए सर्वे में क्वार्ट्ज - फेल्सपार के लिए भी ब्लॉक तैयार किए गए। साथ ही ब्लैक ग्रेनाइट के साथ मेसेनरी स्टोन के लिए भी ब्लॉक तैयार किए गए। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में भू-विज्ञान का सर्वे अब भी जारी है। यदि ब्लैक ग्रेनाइट के भंडार मिलने का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो एक पाली व अजमेर बॉर्डर पर भी ग्रेनाइट मंडी के रूप में विकसित हो सकता है। इससे क्वार्ट्ज, फेल्सपार व अन्य खनिज के साथ यहां ग्रेनाइट की मंडी विकसित होती है तो रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।

दिसंबर अंत तक 20 से अधिक ब्लाॅक की नीलामी
भू विज्ञान विभाग के सर्वे को ध्यान में रखते विभाग ने एक बार फिर मसूदा क्षेत्र में ग्राम नंदवाड़ा और कानाखेड़ा में नए ब्लॉक तैयार किए हैं। दिसंबर के अंत तक करीब 20 से अधिक ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे विभाग को 10 करोड़ से अधिक की आय प्राप्त होने की उम्मीद है। - श्याम कापड़ी, खनिज अभियंता, ब्यावर।

खबरें और भी हैं...