दो दिन जलापूर्ति रहेगी बाधित / जवाई पाइपलाइन का बटरफ्लाई वाल्व खराब दो दिन शहर व 80% गांवों में नहीं आएगा पानी

खिंदारा गांव में खराब वाॅल्व निकालने का काम करते कर्मचारी। खिंदारा गांव में खराब वाॅल्व निकालने का काम करते कर्मचारी।
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खिंदारा गांव में खराब वाॅल्व निकालने का काम करते कर्मचारी।खिंदारा गांव में खराब वाॅल्व निकालने का काम करते कर्मचारी।

  • खिंदारा के पास पाइपलाइन के वाल्व के गियर बॉक्स में खराबी, दुरुस्त करने में जुटा जलदाय विभाग

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

पाली. नेतरा व सिंदरू के बीच खिंदारा गांव में मंगलवार सुबह जवाई पाइपलाइन पर लगा 1500 एमएम के बटरफ्लाई वाल्व का गियर बॉक्स खराब हो गया, जिससे जवाई से शटडाउन लिया गया। जलदाय विभाग ने वाल्व ठीक करवाने जोधपुर भिजवाया है। अधिकारियों ने बताया कि दो दिन तक जवाई से जुड़े 80 प्रतिशत गांवों में आंशिक रूप से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

इधर, अचानक वाल्व खराब होने के चलते पाली सिटी टैंक, सोजत, फालना समेत कई जगहों छोटे-बड़े स्टोरेज टैंक में भी एक व दो दिन का पानी ही उपलब्ध है। अगर बुधवार शाम तक खिंदारा के निकट बटरफ्लाई वाल्व ठीक नहीं हुआ तो निश्चित रूप से शहर समेत जिलेभर काे पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

बटरफ्लाई वाल्व सुबह 8 बजे अचानक खराब हो गया। वाल्व का गियर बॉक्स खराब होने के चलते पानी आगे की तरफ नहीं जा पा रहा था। जलदाय विभाग ने जवाई बांध पर लगे वाल्व को बंद कर पूरी लाइन खाली करवाई। खिंदारा के निकट जेसीबी से गड्ढा करवाया। बटरफ्लाई वाल्व निकालकर जोधपुर भिजवाया है।

आज सुबह वाल्व लगाकर टेस्टिंग करेंगे, सब कुछ सही रहा तो शाम तक स्टोरेज टैंक में पहुंचेगा पानी

खिंदारा गांव के निकट गुजर रही जवाई पाइपलाइन पर लगा बटरफ्लाई वाल्व का गियर बॉक्स खराब हो गया। पाइपलाइन का पानी आगे की तरफ नहीं जा रहा। इसको लेकर जलदाय विभाग ने शटडाउन लिया। मेंटेनेंस का काम भी शुरू किया।

वाल्व जोधपुर भिजवाया गया है। बुधवार सुबह वाल्व लगाने व उसे टेस्ट करने का काम किया जाएगा। सब कुछ सही रहा तो शाम तक स्टोरेज टैंक में पानी पहुंचेगा और बाद में पानी फिल्टर होकर घराें में सप्लाई के लिए दिया जाएगा।

जवाई से जुड़े 10 शहर और 563 गांव, एक-दो दिन का पानी ही स्टाेरेज

जवाई बांध से पाइपलाइन के जरिए 10 शहर और 563 गांव जुड़े हुए हैं। जवाई के पानी को स्टोरेज करने के लिए सबसे बड़ा स्रोत सिटी टैंक ही है। इसमें करीब 7 दिन तक पानी स्टोरेज किया जा सकता है। वर्तमान में इसमें एक या दो दिन का पानी शेष है।

सोजत तालाब की भी यही स्थिति है। जवाई के स्टोरेज के लिए बड़ा टैंक नहीं होने के चलते पाइपलाइन लीकेज होने, फूटने और वाल्व खराब होने के चलते पेयजल किल्लत की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि इसको लेकर प्रोजेक्ट भी भेज रखा है, लेकिन अभी तक उस पर कोई काम नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि बड़े शहर के अलावा जवाई से जुड़े सभी गांवों में आगामी दो दिन तक लोकल स्रोतों से ही पेयजल सप्लाई हो पाएगी।

सबसे ज्यादा ये गांव-कस्बे प्रभावित 
जवाई पाइपलाइन से जुड़े फालना, बाली, रानी, तखतगढ़, सांडेराव, ढोला, खौड़, गुंदोज, सोजत सिटी, जैतारण, मारवाड़ क्षेत्र के गांवों में जवाई का पानी नहीं पहुंचने से ज्यादा प्रभावित होंगे। रोहट व जैतपुर में भी पेयजल किल्लत होगी। सिटी टैंक में दो दिन तक पानी सप्लाई हो सकता है।

वाल्व ठीक होने पर सिटी टैंक में पानी पहुंचने में लगेंगे 7-8 घंटे

पाइपलाइन में सुमेरपुर, खिंदारा, सांडेराव, ढोला, खेड़, गुंदोज, मंडली तक 6 से 7 बटरफ्लाई वाल्व हैं। खिंदारा में वाल्व ठीक होने के बाद अन्य जगहों के वाल्व पर निगरानी रखी जाएगी। पाइपलाइन खाली है। सिटी टैंक में पानी पहुंचने में 7=8 घंटे लगेंगे।

  • खिंदारा के निकट पाइपलाइन पर लगा बटरफ्लाई वाल्व में खराबी आई है। जाेधपुर से वाल्व ठीक हाेकर अाने के बाद बुधवार काे लगाया जाएगा। इसमें पूरा दिन लगेगा। गुरुवार से पेयजल सप्लाई व्यवस्थित हो पाएगी। जवाई से जुड़े गांवों व शहरों में आंशिक पेयजल सप्लाई बाधित रहेगी। जहां पानी नहीं पहुंचेगा, वहां लोकल स्रोतों से सप्लाई की जाएगी। सिटी टैंक में भी दो दिन का पानी शेष है। -योगेंद्रसिंह, एक्सईएन, जलदाय विभाग, पाली

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