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चिकनपॉक्स जैसी बीमारी:कोरोना ने कमजाेर की इम्युनिटी, अब वेरिसेला जोस्टर वायरस ने जकड़ा, शरीर पर हो रहे लाल दाने

पालीएक महीने पहले
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इस बीमारी में शरीर पर पहले हल्के दाने हाते हैं, बाद में इस तरह दिखने लगते हैं। - Dainik Bhaskar
इस बीमारी में शरीर पर पहले हल्के दाने हाते हैं, बाद में इस तरह दिखने लगते हैं।
  • बुखार, जोड़ों में दर्द, लाल दाने हैं लक्षण, अस्पताल पहुंच रहे हर महीने 35 से 40 मरीज

(दिलीप द्विवेदी). काेराेना से ठीक हुए मरीजों काे दिल, दिमाग, लीवर व लंग्स के संक्रमण के बाद अब वेरिसेला जोस्टर वायरस चपेट में ले रहा है। इस वायरस से हर्पीस जाेस्टर बीमारी हाे रही है, जिसमें लाेगाें के शरीर में दर्द के साथ ही लाल दाने निकल रहे हैं, जिनमें पानी भी भर रहा है। बुखार, शरीर व जाेड़ाें में दर्द, सिरदर्द, थकान जैसे प्रभावाें के साथ ही शरीर में जलन, खुजली व झनझनाहट भी हाे रही है।

बांगड़ अस्पताल में एेसे 35-40 मरीज हर महीने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि काेराेना संक्रमित हाेने के बाद मरीज की राेग प्रतिरोधक क्षमता घटने से यह वायरस अटैक कर रहा है। इम्युनिटी कम हाेने के बाद शरीर में यह वायरस असर दिखाने लगता है।

बांगड़ अस्पताल के चर्म राेग विभाग की सहायक आचार्य डाॅ. रेखा सीरवी के अनुसार वेरिसेला जाेस्टर वायरस नर्वस पाथवे यानी तंत्रिका मार्गों से होता हुआ त्वचा तक पहुंचता है। उम्र के साथ इसका खतरा बढ़ता जाता है। शरीर में जहां दाने निकलते हैं, वहां की त्वचा संवेदनशील हो जाती है और उसे छूने पर भी दर्द होता है। फुंसियों में दर्द होना इस बीमारी का प्रमुख लक्षण है।

सावधान रहें : बुजुर्गाें, गर्भवती महिलाओं, तनाव लेने वाले लोगों में जल्दी सक्रिय हाेता है वायरस

40 से ज्यादा उम्र के लाेगाें काे ज्यादा खतरा

सर्दी और बारिश के माैसम में इसके ज्यादा मरीज देखने को मिलते हैं। इसमें शरीर पर छोटे-छोटे पानी से भरे दाने निकल आते हैं, जो बाद में शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाते हैं। दिनोंदिन इनका आकार बढ़ता है। इसके फूटने पर संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है ।

यह बीमारी 40 की उम्र के बाद किसी भी व्यक्ति को और कभी भी हो सकती है। खास बात यह है कि कोरोना संक्रमित को ज्यादा खतरा रहता है। अगर चिकनपॉक्स का वायरस यानी वेरिसेला जोस्टर वायरस किसी के शरीर में पहले से ही मौजूद है तो इम्युनिटी कम हाेेने के साथ ही वह इस बीमारी की चपेट में जल्दी आ सकता है।

संक्रामक रोग, 7 दिन में ही दिखने लगते हैं लक्षण
यह काफी तेजी से फैलने वाला वायरस है। संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क में आने के दो दिन से 7 दिन के बीच दूसरे व्यक्ति में भी इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। इससे ठीक हाेने में करीब 20 दिन से ज्यादा समय लग सकता है।

बीमारी हाेने पर ये रखें ध्यान

  • ठंडे पानी से नहाएं।
  • घाव को बार-बार न धोएं और सुखाकर रखें।
  • ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • ढीले कपड़े पहनें।
  • घाव छूने से पहले हाथों को ठीक से धो लें।
  • बर्फ से सिकाई करें।
  • घाव पर क्रीम-लोशन लगाते रहें।

लक्षण दिखते ही खुद काे आइसोलेट करें ताकि नहीं फैले

  • ​​​​​​​वेरिसेला जाेस्टर वायरस की चपेट में आने का सबसे बड़ा कारण इम्युनिटी कम हाेना है। लेकिन इन दिनाें काेराेना से ठीक हुए मरीजों में इसके लक्षण ज्यादा देखने काे मिल रहे हैं। यह संक्रामक रोग है, जाे एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है, इसलिए ऐसे मरीज काे स्वस्थ हाेने तक आइसोलेट ही रहना चाहिए। संक्रमित होने पर घबराएं नहीं, बस थाेड़ी सावधानी और डॉक्टर्स की बताई दवाओं काे नियमित लेकर बिल्कुल स्वस्थ हाे सकते हैं।
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