इलाज के इंतजार में ऑटो में महिला की मौत:बुजुर्ग पति अस्पताल में भर्ती करने के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना; आखिर में पत्नी का दम टूटा

पाली9 महीने पहले
टेंपो में जिंदगी की जंग लड़ रही सास के साथ बैठी बहू। बाद में वृद्ध महिला की मौत हो गई।

पाली में मंगलवार को कोरोना से मौत का भयावह दृश्य दिखा। यहां एक वृद्ध अपनी पत्नी को कोविड ओपीडी में भर्ती करने की गुहार लगाता रहा। लेकिन किसी ने उसकी गुहार नहीं सुनी। इसी बीच बीमार पत्नी का ऑटो में ही दम टूट गया। किसी तरह एक समाजसेवी की मदद से स्ट्रेचर मंगवाकर महिला को कोविड ओपीडी तक पहुंचाया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शायद समय पर इलाज मिल जाता तो तारादेवी की जिंदगी बच सकती थी।

दिल को झकझोर कर रख देने वाला यह मामला जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल का है। यहां कोविड ओपीडी में करीब पौने दो बजे एक वृद्ध हाथ में पर्ची लिए अपनी पत्नी को भर्ती करने के लिए स्टाफ से गुहार लगा रहा था। वहीं, पत्नी तारादेवी ऑटो में बीमार पड़ी थी। अस्पताल में स्थिति यह थी कि बुजुर्ग को ढंग से जवाब देने वाला तक कोई नहीं था।

सास की मौत का समाचार सुन बिलखती रही बहू

बाद में एक समाजसेवी द्वारा मदद करने पर नर्सिंगकर्मी वृद्ध महिला को ओपीडी में लेकर पहुंचे। तब तक तारादेवी की मौत हो चुकी थी। फिर भी वहां तैनात चिकित्साकर्मियों ने उनकी जांच की। इसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वृद्धा की मौत की सूचना से पति और उसकी बहू नागलदेवी बिलख पड़े।

आखिर महिला को भर्ती किया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
आखिर महिला को भर्ती किया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।

ऑटो चालक बोला-15 मिनट से खड़ा हूं

तारादेवी के परिजन जिस ऑटो में लेकर उन्हें अस्पताल आए, उसके चालक ने बताया कि पहले ट्रॉमा वार्ड में गए। वहां से यहां भेजा। 15 मिनट से अधिक समय हो गया, गाड़ी खड़ी है। लेकिन इलाज तो दूर मरीज को ओपीडी में ले जाने के लिए भी कोई नहीं आया।

कोरोना का डर से नहीं आना चाहता कोई

नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल के मेन गेट पर दो ट्रोली लगी हुई है। पांच की डिमांड है। लेकिन कोरोना के डर के चलते कोई यहां ड्यूटी पर आना नहीं चाहता है।

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