रोहट से सवा 8 लाख के गधे चोरी:55 गधे ढूंढना पुलिस के लिए बना चुनौती, पशुपालक काट रहे थाने के चक्कर

पाली3 महीने पहले
पशुपालकों के गधे जो चोरी हो गए। फाइल फोटो

सवा आठ लाख रुपए की कीमत के गधे चोरी हुए एक माह से ज्यादा समय बीत गया लेकिन उसके बाद भी पाली पुलिस के हाथ खाली हैं। ऐसे में परेशान पशुपालकों ने पूर्व मंत्री से मदद की गुहार लगाई है जिससे की चोरी हुए उनके लाखों रुपए के गधे मिल सकें।

दरअसल मामला पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र का है। 10 अगस्त को पशुपालकों के 55 गधे चोरी हो गए। सोनाई लाखा गांव निवासी पशुपालक भीमाराम पुत्र अमानाराम देवासी ने नामजन आरोपियों के खिलाफ रोहट थाने में 21 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन एक माह बाद भी गधों का सुराग रोहट पुलिस नहीं लगा सकी है। पशुपालक भीमाराम पुत्र अमानाराम देवासी सोनाईलाखा ने नागौर जिले के सिंगाणी (सदर) निवासी गुलाबराम बंजारा, लक्ष्मण, पूनाराम, राजूराम, जयभगवान के खिलाफ रोहट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि पशुपालक बुधाराम देवासी भाकरीवाला, मदन सांवलता, गुणाराम सांवलता, अमराराम कलाली, भंवरलाल, मिश्राराम कलाली आदि पशुपालकों के 55 गधे चोरी आरोपी चोरी कर ले गए।

8 लाख रुपए के गधे

चोरी हुए गधों की बाजार कीमत करीब सवा आठ लाख रुपए है। परेशान पशुपालक थाने के चक्कर काट परेशान हो गए। आरोपी नागौर जिले के होने के कारण पशुपालकों ने नागौर जाकर पूर्व मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के सामने भी मदद की गुहार लगा चुके हैं लेकिन फिलहाल पशुपालकों को उनके चोरी हुए गधे नहीं मिल सके।

एक गधे की बाजार कीमत करीब 15 हजार

पशुपालक भीमाराम देवासी ने बताया कि वे अन्य जिलो में या राज्यों में जाते हैं तब खाने-पीने व अन्य सामान गधों पर लाद कर ले जाते हैं। इसलिए गधे रखने पड़ते हैं। एक गधा खरीदने जाएं तो कम से कम 15 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। वहां से लाने का खर्च अलग से लगता है। पहले भी कई बार गधे चोरी हो चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में पहली बार गधे चोरी हुए हैं। इन गाधों को बफीर्ले पहाड़ों पर चढ़ाने के काम में लेने के लिए चोरी किया जाता है। जिन्हें बाद में 25 से 30 हजार रुपए में आरोपी बेच देते हैं।

(फोटो-वीडियो : शुभम कंसारा)